जब हम महत्वाकांक्षी होते है तो चिंता का होना स्वाभाविक है
Ambitions leads to attachment and attachment is the root cause of suffering...
थोड़ी चिंता होना आगे बढ़ने के लिए जरूरी भी है, it acts as a feedback mechanism for our mind...
लेकिन हमेशा चिंता में डूबे रहना, परेशान रहना, तुलना करने अपना आत्मविश्वास खो देना, या यूँ कहें, जीना ही छोड़ देना - ये कतई मंजूर नहीं होना चाहिए
काम करते जाना है, परेशानियाँ आएगी, कोई सब्जेक्ट समझ नहीं आयेगा, कोई टेस्ट बहुत बुरा जाएगा, कोई शाम इतनी निराश होगी की उसकी लालिमा का छोर ही नज़र नहीं आयेगा, लगेगा कि अब तक का ये जीवन तो व्यर्थ गया...
लगता है, कभी ना कभी ऐसे मोमेंट्स सबके जीवन में आते है, किसी के महीने में 1-2 बार, किसी के 6 महीने में, किसी के साल में
ऐसे मोमेंट्स के लिए अपने आस पास 1-2 पॉजिटिव लोग रखो, जो आपको गिनाए की भाई/बहन बहुत कुछ है तेरे पास जो तुझे दिख नहीं रहा...ऐसे मोमेंट्स पे बस थोड़ी सी पॉजिटिविटी चाहिए, दूसरे दिन सुबह की लालिमा वापिस सुनहरी लगने लगेगी, वापिस से पढ़ाई या काम स्टार्ट होगा, वापिस से ऑफिसर बनने की ललक जाग उठेगी
Kbhi koi bccha complaint leke aata hai [Jo ki obvious hai..jse jse organization badi hogi, issues bhi aate hi hai], us time me dukhi ho jaata hu..Ki yr me justice nhi kr paa rha kya is bcche ke saath..
ऐसे मोमेंट्स पर, जब में ख़ुद पे सवाल खड़े करता हूँ की भाई तू ढंग से लीड कर पा रहा है क्या कनेक्ट को? क्यूंकि मेरी महत्वाकांक्षा है कि एक भी बच्चे को कोई प्रॉब्लम नहीं आए कनेक्ट में, सब अच्छा चले [जो की पॉसिबल नहीं है, problems to aayegi hi]
Then, i have some wonderful people around me, jo mujhe remind krwate hai ki zero se start krke 3 saal me bahut tagda kiya hai and aage aur tagda krenge...ये सब बातें एनर्जी देती है और में वापिस से उन शिकायतों को सोल्व करने में अपनी एनर्जी लगा देता हूँ
and surprisingly jo baat mujhe bahut pareshaan kr rhi thi, us kaam ko kuchh hi time me solve krke aage badh jaata hu...
तो बस यही सलाह है आपसे, अपने आस पास 2-4 ऐसे पॉजिटिव लोग रखो, जो आपके ऊपर फुल ट्रस्ट करते हो, हार जीत दुख सुख में हमेशा आपके साथ खड़े हो, जिनके साथ गाला फाड़ फाड़ के हंस भी सकते हो और रो भी सकते हो
मरना तो सबको है ही एक दिन, बस अच्छे से जीके जाना है, दुख पक्का आयेंगे [मृत्युलोक का नाम दुखालय भी है]
बस हमें इस जीवन में दुखों के समय को कम करना है, और सुख, सुकून वाला समय बढ़ाना है, ख़ुद का भी और दूसरों का भी 😄
# Khus rhna hai, mst rhna hai, lage rhna hai ❤️..