UPSC CSE Topper Hindi medium
यह चैनल यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है कि विद्यार्थी, सामग्री की उपलब्धता के मामले में पीछे न रहें और अंग्रेजी माध्यम के जैसा ही कंटेंट छात्रों को उपलब्ध हो। Main channel @csetopper Email for queries csetopperhindi@gmail.com
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频道 UPSC CSE Topper Hindi medium (@csetopperhindi) 印地语 语言赛道中的 是活跃参与者。目前社区聚集了 15 683 名订阅者,在 教育 类别中位列第 12 659,并在 印度 地区排名第 26 081 位。
📊 受众指标与增长动态
自 невідомо 创建以来,项目保持高速增长,吸引了 15 683 名订阅者。
根据 26 八月, 2026 的最新数据,频道保持稳定运转。过去 30 天订阅人数变化为 -4,过去 24 小时变化为 2,整体触达仍然可观。
- 认证状态: 未认证
- 互动率 (ER): 平均受众互动率为 23.25%。内容发布后 24 小时内通常能获得 7.65% 的反应,占订阅者总量。
- 帖子覆盖: 每篇帖子平均可获得 3 646 次浏览,首日通常累积 1 200 次浏览。
- 互动与反馈: 受众积极参与,单帖平均反应数为 15。
- 主题关注点: 内容集中在 प्रतिशत, कृषि, भारत, उत्तर, ethic 等核心主题上。
📝 描述与内容策略
作者将该频道定位为表达主观观点的平台:
“यह चैनल यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है कि विद्यार्थी, सामग्री की उपलब्धता के मामले में पीछे न रहें और अंग्रेजी माध्यम के जैसा ही कंटेंट छात्रों को उपलब्ध हो।
Main channel @csetopper
Email for queries csetopperhindi@gmail.com”
凭借高频更新(最新数据采集于 27 八月, 2026),频道始终保持新鲜度与高覆盖。分析显示受众积极互动,使其成为 教育 类别中的关键影响点。
数据加载中...
| 日期 | 订阅者增长 | 提及 | 频道 | |
| 27 八月 | +5 | |||
| 26 八月 | +2 | |||
| 25 八月 | +1 | |||
| 24 八月 | +3 | |||
| 23 八月 | 0 | |||
| 22 八月 | +7 | |||
| 21 八月 | +1 | |||
| 20 八月 | 0 | |||
| 19 八月 | +5 | |||
| 18 八月 | +4 | |||
| 17 八月 | +4 | |||
| 16 八月 | +2 | |||
| 15 八月 | 0 | |||
| 14 八月 | 0 | |||
| 13 八月 | +8 | |||
| 12 八月 | +1 | |||
| 11 八月 | +2 | |||
| 10 八月 | 0 | |||
| 09 八月 | 0 | |||
| 08 八月 | +2 | |||
| 07 八月 | +16 | |||
| 06 八月 | +14 | |||
| 05 八月 | 0 | |||
| 04 八月 | 0 | |||
| 03 八月 | +2 | |||
| 02 八月 | 0 | |||
| 01 八月 | +6 |
| 2 | भारत का चीनी उद्योग: एक नज़र में👇👇
👉 भारत का चीनी उद्योग कृषि, उद्योग और ग्रामीण आजीविका का एक बड़ा इकोसिस्टम है।
👉 भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक देश है।
👉 गन्ना सेक्टर लगभग 5 करोड़ किसानों और चीनी मिलों व उनसे जुड़े उद्योगों में काम करने वाले करीब 5 लाख श्रमिकों को आजीविका प्रदान करता है।
👉 वर्ष 2025-26 में भारत का गन्ना उत्पादन 500 एमएमटी
👉 वर्ष 2015-16 में 348.44 एमएमटी उत्पादन
👉 यह पिछले 10 वर्षों में लगभग 43.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
👉 गन्ने की खेती के अंतर्गत आने वाला क्षेत्रफल - 2015-16 के 49.27 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2025-26 में 58.87 लाख हेक्टेयर हो गया है।
👉 उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र भारत के शीर्ष गन्ना उत्पादक राज्य हैं।
👉 भारत ने 2016-17 के 0.47 लाख एमटी की तुलना में, 2025-26 में 8 लाख एमटी चीनी का निर्यात किया।
👉 भारतीय चीनी के प्रमुख निर्यात गंतव्यों में श्रीलंका, पश्चिम एशिया और पूर्वी अफ्रीका शामिल हैं।
🔥 चीनी की कीमतों में वर्तमान वृद्धि कई कारकों के संयोजन के कारण है, जिनमें शामिल हैं:👇👇
1. अपेक्षित से कम घरेलू उत्पादन,
2. त्योहारी सीजन से पहले बढ़ी हुई मांग,
3. मौसम के कारण गन्ने की फसल को हुआ नुकसान,
4. वैश्विक स्तर पर चीनी की घटती आपूर्ति और बढ़ती कीमतें, और
5. उद्योग के कुछ वर्गों द्वारा सट्टेबाजी और जमाखोरी।
Source:- PIB
@csetopperhindi | 1 532 |
| 3 | essay paper cse 2026.pdf | 3 181 |
| 4 | A. सांस्कृतिक विरासत का डिजिटलीकरण
1. ज्ञान भारतम मिशन
👉 शुरुआत 2025 में
👉 उद्देश्य - भारत की पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, डिजिटलीकरण और उस तक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए।
👉 प्रौद्योगिकी को जोड़ना : दीर्घकालिक संरक्षण और वैश्विक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाया जा रहा है।
2. राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण
👉 राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च 2026 में पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण और उनका एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने के उद्देश्य से शुरू किया गया।
B. संग्रहालय के संग्रहों का डिजिटलीकरण
👉 संस्कृति मंत्रालय तकनीकी सहयोग से विकसित जतन सॉफ्टवेयर के जरिये संग्रहालयों के संग्रहों और अभिलेखीय संसाधनों का डिजिटलीकरण कर रहा है।
👉 यह सॉफ्टवेयर सी-डैक, पुणे, महाराष्ट्र के तकनीकी सहयोग से विकसित किया गया है।
संग्रहालयों के संग्रहों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराने के लिए म्यूजियम्स ऑफ इंडिया पोर्टल के माध्यम से एक राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी तैयार की गई है।
⚡️ प्रौद्योगिकी-सक्षम विरासत संरक्षण
👉 विरासत के दस्तावेजीकरण और संरक्षण को मजबूत करने के लिए एलआईडीएआर (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) स्कैनिंग, जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली)-आधारित मैपिंग और ड्रोन सर्वेक्षण जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जा रहा है।
C. संस्कृति और ज्ञान के संरक्षण के लिए एआई का उपयोग
👉 भाषिणी (2022 में शुरू) 22 भाषाओं (वॉयस) और 36 भाषाओं (टेक्स्ट) को पढ़-लिख और अनुवाद कर सकती है।
👉 भारतजेन 22 अनुसूचित भाषाओं के लिए एआई मॉडल विकसित कर रहा है।
👉 आदि-वाणी डिजिटल संरक्षण और अनुवाद के माध्यम से संथाली, भीली, मुंडारी और गोंडी जैसी जनजातीय भाषाओं को सहयोग प्रदान करता है। आदि-वाणी भारत की जनजातीय भाषाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए एआई-आधारित मंच है।
👉 अनुवादिनी, ई-कुंभ, एसपीपीईएल, संचिका और ज्ञान-सेतु जैसे मंच बहुभाषी शिक्षा के विस्तार तथा विलुप्त होने का संकट झेल रही भाषाओं और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में योगदान दे रहे हैं।
D. वैदिक विरासत पोर्टल
👉 मार्च 2023 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) के अंतर्गत शुरू।
👉 उद्देश्य भारत की वैदिक ज्ञान परंपराओं का संरक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराना है।
👉 कवरेज: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद की परंपराएं।
इसमें व्यापक श्रव्य-दृश्य सामग्री, पांडुलिपियां और अनुष्ठान संबंधी दस्तावेजी सामग्री शामिल है तथा मंच पर 500 घंटे से अधिक की रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई गई हैं।
Source:- PIB
@csetopperhindi | 3 252 |
| 5 | 🔥 समाधान दीदी 🔥
👉 मई 2026 को लॉन्च किया गया।
👉 एआई-सक्षम वॉयस चैटबॉट है।
👉 सीपीग्राम्स को अधिक सुलभ, बहुभाषी और नागरिक-केंद्रित बनाता है ।
👉 यह चैटबॉट संवादात्मक एआई का उपयोग करके नागरिकों को त्वरित, सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल प्रतिक्रियाएँ प्रदान करता है।
👉 सीपीग्राम्स - केंद्रीयकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली।
कार्य - नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिए विश्व का सबसे बड़ा 24x7 डिजिटल नागरिक इंटरफ़ेस प्लेटफॉर्म है।
👉 महत्त्व - लोक प्रशासन और शासन सुधारों के क्षेत्र में सहयोग।
Source:- PIB
@csetopperhindi | 3 114 |
| 6 | 🔥 भारत का मखाना सेक्टर: पारंपरिक फसल से ग्लोबल सुपरफूड तक 🔥
👉 मखाना, जिसे वैज्ञानिक रूप से Euryale ferox के नाम से जाना जाता है।
👉 एक जलीय फसल है, जिसकी खेती मुख्य रूप से उथले तालाबों, झीलों और आर्द्रभूमियों में की जाती है।
👉 भूनने या प्रसंस्करण के बाद बीज फूलकर फॉक्स नट (मखाना) के रूप में खाया जाता है।
👉 भारत दुनिया का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक देश है।
👉 इसका उत्पादन मुख्य रूप से बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में किया जाता है।
👉 सरकार ने केंद्रीय बजट 2025-26 में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा की थी।
👉 मखाना पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, आहार फाइबर तथा मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और आयरन जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं।
👉 इसमें सोडियम की मात्रा कम होती है और यह कोलेस्ट्रॉल-मुक्त होता है।
👉 इसका ग्लाइसेमिक लोड कम होता है, जिससे यह मधुमेह को नियंत्रित करने वाले लोगों के लिए उपयुक्त है।
👉 यह हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने, पाचन में सहायता करने के साथ-साथ अपने एंटी-एजिंग गुणों के लिए भी जाना जाता है।
👉 अध्ययनों से संकेत मिलता है कि मखाने का पोषक तत्व प्रोफाइल कई आम तौर पर खाए जाने वाले मेवों जैसे बादाम, अखरोट और काजू की तुलना में बेहतर है।
👉 इसमें वसा की मात्रा बहुत कम (प्रति 100 ग्राम 0.33 ग्राम) होती है, यह फाइबर से भरपूर है, इसमें विभिन्न आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं और इसकी लगभग 95 प्रतिशत प्रोटीन पाचन क्षमता है। इसका आवश्यक अमीनो एसिड सूचकांक और रासायनिक स्कोर मछली के समान है।
Source: PIB
@csetopperhindi | 3 259 |
| 7 | 没有文字... | 2 695 |
| 8 | #nitiaayog #manufacturing
🔥 भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने वाले प्रमुख क्षेत्र 🔥
👉 Report - NITI AAYOG द्वारा जारी
“की सेक्टर्स टु पोज़िशन इंडिया एज ए ग्लोबल मेन्युफैक्चरिंग हब”
👉 चार प्रमुख क्षेत्र-
1. रसायन,
2. दूरसंचार और नेटवर्किंग उपकरण,
3. वस्त्र और
4. सौर फोटोवोल्टिक विनिर्माण
उद्देश्य - उन क्षेत्रों की पहचान करना है जहां भारत में विकास की अपार संभावनाएं हैं और जहां लक्षित हस्तक्षेपों से
1. घरेलू क्षमताओं को मजबूत किया जा सकता है,
2. प्रतिस्पर्धात्मकता और मूल्यवर्धन को बढ़ाया जा सकता है तथा
3.निर्यात-उन्मुख विनिर्माण विकास को गति दी जा सकती है।
@source :- PIB
@csetopperhindi | 3 335 |
| 9 | 📚 स्कूली शिक्षा का परिदृश्य 📚
UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट
👉 Total schools - लगभग 14.67 लाख ,
👉 शिक्षक - 1.03 करोड़ और
👉 दाखिल छात्र - 24.72 करोड़ से ज्यादा
👉 इन निरंतर दाखिलों और शिक्षकों की उपलब्धता में सुधार के परिणामस्वरूप प्रति स्कूल शिक्षकों और छात्रों का औसत क्रमशः सात और 169 हो गया है।
👉 तंत्र ने छात्रों और शिक्षकों का 24:1 का अनुकूल अनुपात बरकरार रखा है। यह 30:1 के अनुपात की एनईपी की सिफारिश के दायरे के अंदर ही है।
Source:- PIB
@csetopperhindi | 2 684 |
| 10 | भाग 3. भारत के सांस्कृतिक खजाने की पुनर्प्राप्ति
सरकार ने औपनिवेशिक शोषण, विदेशी कब्जों और अवैध तस्करी के माध्यम से विदेश ले जाई गई पवित्र धरोहरों और पुरावशेषों को भारत वापस लाने के प्रयास तेज किए हैं।
क) पवित्र अवशेषों की स्वदेश वापसी की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:
👉 भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेष 127 वर्ष बाद 2025 में भारत वापस लाए गए।
👉 देवी अन्नपूर्णा की प्रतिमा 108 वर्ष बाद 2021 में कनाडा से भारत वापस लाई गई।
👉 राम, सीता और लक्ष्मण की कांस्य प्रतिमाएं 2020 में ब्रिटेन से वापस लाई गईं।
👉 ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, सिंगापुर और कनाडा से भी पवित्र एवं सांस्कृतिक वस्तुएं भारत वापस लाई गई हैं।
ख) पवित्र अवशेषों की वैश्विक प्रदर्शनी :
👉 भारत ने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने के लिए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का विस्तार किया।
👉 वियतनाम (2025): 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आकर्षित हुए।
👉 कल्मिकिया, रूस (2025): 90,000 से अधिक आगंतुकों ने स्वागत किया।
👉 भूटान (2025): ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल के दौरान प्रदर्शनी आयोजित की गई।
👉 श्रीलंका (2026): गंगारामया मंदिर, कोलंबो में प्रदर्शनी आयोजित की गई।
👉 नई दिल्ली और लद्दाख में भी 2026 में घरेलू प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया, जिनमें भारत वापस लाए गए पिपरहवा अवशेषों को प्रदर्शित किया गया।
ग) पुरावशेषों की स्वदेश वापसी
👉 पिछले पांच वर्षों के दौरान 30 जून 2026 तक कुल 615 पुरावशेष वापस प्राप्त किए गए हैं।
Source:- PIB
@csetopperhindi | 3 438 |
| 11 | 🔥 भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती प्रदान करना 🔥
भाग 2. पुरातत्व एवं स्मारक संरक्षण
1. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण :-
👉 भारत की सांस्कृतिक विरासत के पुरातात्विक अनुसंधान और संरक्षण के लिए एक प्रमुख संस्था है।
👉 भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण देशभर में लगभग 38 सर्किलों के नेटवर्क के माध्यम से अपने कार्यों का संचालन करता है।
👉 यह 3,686 केन्द्रीय संरक्षित स्मारकों का संरक्षण करता है। इसके लिए सुदृढ़ संरक्षण प्रणालियों और वैज्ञानिक पुनरुद्धार पद्धतियों का उपयोग किया जाता है।
2. राष्ट्रीय स्मारक एवं पुरावशेष मिशन (एनएमएमए)
👉 कार्यान्वयन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा किया जाता है।
👉 उद्देश्य संरक्षण योजना और प्रबंधन में सहायता के लिए स्मारकों और पुरावशेषों का एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना है।
3. हृदय (विरासत शहर विकास एवं संवर्धन) योजना -
👉 उद्देश्य विरासत शहरों के विशिष्ट स्वरूप को संरक्षित रखते हुए शहरी विकास को विरासत संरक्षण के साथ जोड़ना है।
👉 इस योजना के तहत जल निकायों और हरित क्षेत्रों का पुनरुद्धार, स्मार्ट प्रौद्योगिकी एवं सुरक्षा उपायों में सुधार तथा पर्यटन के माध्यम से स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
👉 कवरेज: भारत के 12 विरासत शहर।
Source:- PIB
@csetopperhindi | 2 918 |
| 12 | 没有文字... | 2 720 |
| 13 | 没有文字... | 1 |
| 14 | 🔥 भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती प्रदान करना 🔥
1. विरासत गोद लें योजना 2.0 - सितॅबर 2023 में राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित स्मारकों में पर्यटकों के अनुकूल सुविधाओं के विकास और रखरखाव के लिए शुरू की गई थी।
2. तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद योजना) - का उद्देश्य अवसंरचना, स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यटकों के लिए सुविधाओं में सुधार के माध्यम से तीर्थ एवं विरासत स्थलों का विकास करना है।
3. स्वदेश दर्शन योजना का उद्देश्य विषयगत पर्यटन परिपथों के माध्यम से एकीकृत पर्यटन अवसंरचना का विकास करना है।
अ) टूरिस्ट सर्किट : स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 15 विषयगत टूरिस्ट सर्किट (पर्यटन परिपथ) शामिल हैं—बौद्ध, तटीय, मरुस्थलीय, इको, विरासत, हिमालयी, कृष्णा, पूर्वोत्तर, रामायण, ग्रामीण, आध्यात्मिक, तीर्थंकर, जनजातीय, वन्यजीव और सूफी सर्किट।
ब) स्वदेश दर्शन 2.0 के अंतर्गत सर्किट-आधारित विकास से आगे बढ़ते हुए गंतव्य-केन्द्रित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है।
4. चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) की शुरुआत मार्च 2024 में स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत की गई थी। जिसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धी और चुनौती-आधारित ढांचे के माध्यम से स्थायी पर्यटन गंतव्यों का विकास करना है।
प्रमुख क्षेत्र: समग्र नियोजन, नवाचार, सामुदायिक भागीदारी और गंतव्य विकास।
Source:- PIB
@csetopperhindi | 3 022 |
| 15 | भारत_की_राष्ट्रपति_का_80वें_स्वतन्त्रता_दिवस_की_पूर्व_संध्या_पर.pdf | 2 871 |
| 16 | #GPU #prelims
👉 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जपीयू)
जीपीयू एक खास तरह का इलेक्ट्रॉनिक प्रोसेसर है, जिसे ग्राफिक्स, इमेज प्रोसेसिंग और डेटा से जुड़े भारी कंप्यूटिंग कामों को तेज़ी से करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। जीपीयू का इस्तेमाल कंप्यूटर, स्मार्टफोन, सर्वर और दूसरे डिजिटल डिवाइस में बड़े पैमाने पर किया जाता है। | 3 459 |
| 17 | #book #prelims
📚 पूर्व राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविंद की आत्मकथा 👇👇
'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स' का विमोचन किया। | 3 778 |
| 18 | 13. आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 79 की उपधारा (3) के खंड (ख) के तहत उपयुक्त सरकार या उसकी एजेंसी द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी मध्यस्थों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया तेज करने के लिए 'सहयोग' पोर्टल शुरू किया गया है, ताकि किसी भी गैरकानूनी कार्य को करने के लिए उपयोग की जा रही किसी भी सूचना, डेटा या संचार लिंक तक पहुंच को हटाने या उसे बंद करने में सुविधा प्रदान की जा सके।
14. गृह मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा संबंधी समस्याओं को प्रभावी ढंग से हल करने के उद्देश्य से 22 जनवरी, 2025 को मल्टी एजेंसी सेंटर प्लेटफॉर्म के अंतर्गत साइबर मल्टी एजेंसी सेंटर की स्थापना की हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली धमकियां, साइबर जासूसी, उभरती प्रौद्योगिकियों का दुरुपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ इसी तरह की चिंताओं से निपटती हैं।
15. भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (सीईआरटी-इन) लगातार नवीनतम साइबर खतरों के संबंध में अलर्ट और सलाह जारी करता है, जिसमें एआई के उपयोग से किए गए हमले और कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले प्रतिउपाय शामिल हैं।
16. सीईआरटी-इन द्वारा कार्यान्वित राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र (एनसीसीसी) साइबर सुरक्षा खतरों का पता लगाने के लिए साइबरस्पेस का विश्लेषण करता है। यह संबंधित राज्य सरकारों, विभिन्न क्षेत्रों के संगठनों और हितधारक एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करता है ताकि समुचित कार्रवाई की जा सके।
17. आवश्यक निवारण हेतु दुर्भावनापूर्ण डोमेन और फ़िशिंग गतिविधियों का पता लगाने के लिए सीईआरटी-इन एआई संचालित स्थितिजन्य जागरूकता प्रणालियों को संचालित करता है।
18. सीईआरटी-इन स्वचालित साइबर थ्रेट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म संचालित करता है, जो राज्य सरकारों और विभिन्न क्षेत्रों के संगठनों के साथ सक्रिय खतरे को कम करने के लिए अलर्ट एकत्र करने, उनका विश्लेषण करने और साझा करने में अहम है।
19. साइबर स्वच्छता केंद्र सर्ट-इन द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा है, जो स्वच्छ भारत के दृष्टिकोण को साइबर जगत तक विस्तारित करती है। साइबर स्वच्छता केंद्र विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में संगठनों को सेवाएं प्रदान करने और उपचारात्मक उपाय उपलब्ध कराने तथा दुर्भावनापूर्ण प्रोग्रामों और कमजोरियों का पता लगाने में सहायक है।
20. केंद्र और राज्य सरकार तथा महत्वपूर्ण संगठनों की साइबर सुरक्षा स्थिति और तैयारियों के आकलन के लिए नियमित रूप से साइबर सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की जाती हैं।
21. साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में समन्वय और सूचना साझाकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्यों में इन मॉक ड्रिल के साथ-साथ कार्यशालाएं भी आयोजित की जाती हैं।
22. साइबर अपराध के बारे में जागरूकता के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें कॉलर ट्यून अभियान, एसएमएस के माध्यम से संदेशों का प्रसार, आई4सी सोशल मीडिया अकाउंट यानी एक्स (@CyberDost), फेसबुक (CyberDostI4C), इंस्टाग्राम (CyberDostI4C), टेलीग्राम (cyberdosti4c), एसएमएस अभियान, टीवी अभियान, रेडियो अभियान, स्कूल अभियान, सिनेमा हॉल विज्ञापन, सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट, आईपीएल अभियान, विभिन्न माध्यमों से प्रचार के लिए मायगॉव को शामिल करना, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से साइबर सुरक्षा जागरूकता सप्ताहों का आयोजन, मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर डिजिटल डिस्प्ले आदि शामिल हैं।
Source:- PIB
@csetopperhindi | 3 773 |
| 19 | 🔥 एआई-सक्षम साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल पहचान सुरक्षा 🔥
👉 संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत 'पुलिस' और 'सार्वजनिक व्यवस्था' राज्य के विषय हैं, जिसके अनुसार साइबर अपराध की रोकथाम, उनका पता लगाने, जांच और अभियोजन की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की है।
👉 केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय के माध्यम से, साइबर अपराध प्रबंधन और प्रवर्तन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नीतिगत मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता, क्षमता विकास, सहायता और वित्तीय संसाधन प्रदान करके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों में सहयोग करती है।
👉 एआई प्रेरित साइबर अपराधों से निपटने के तंत्र को व्यापक और समन्वित तरीके से मजबूत करने और साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए, केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें निम्नलिखित👇👇 उपाय शामिल हैं:
1. गृह मंत्रालय ने देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए एक संबद्ध कार्यालय के रूप में 'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र' (आई4सी) की स्थापना की है।
2. आई4सी के एक भाग के रूप में 'राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल' (एनसीआरपी) (https://cybercrime.gov.in) की शुरुआत की गई है, ताकि लोग सभी प्रकार के साइबर अपराधों से संबंधित घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज कर सके। इसमें महिलाओं और बच्चों के प्रति होने वाले साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
3. आई4सी के अंतर्गत 'नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली' (CFCFRMS) को वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग और जालसाजों द्वारा धन की हेराफेरी को रोकने के लिए वर्ष 2021 में शुरू किया गया था।
4. ऑनलाइन साइबर शिकायतें दर्ज करने में सहायता के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर '1930' भी शुरू किया गया है।
5. साइबर अपराध की जांच, फोरेंसिक विज्ञान, अभियोजन आदि के महत्वपूर्ण पहलुओं पर ऑनलाइन पाठ्यक्रम द्वारा पुलिस अधिकारियों/न्यायिक अधिकारियों के क्षमता विकास हेतु आई4सी के अंतर्गत ऑनलाइन शिक्षण-सह प्रशिक्षण पोर्टल-मुक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम मंच विकसित किया गया है।
6. देश में साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त साइबर कमांडो की एक विशेष शाखा स्थापित करने हेतु गृह मंत्री द्वारा साइबर कमांडो कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा करने और राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा प्रयासों में सहयोग प्रदान करने में सक्षम समर्पित और कुशल कार्यबल तैयार करना है।
7. गृह मंत्रालय का आई4सी कार्यक्रम सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने, क्षमता वर्धन के लिए नियमित रूप से 'स्टेट कनेक्ट', 'थाना कनेक्ट', ' बैंक कनेक्ट' और पीयर लर्निंग सत्रों का आयोजन कर रहा है।
8. आई4सी में अत्याधुनिक साइबर धोखाधड़ी निवारण केंद्र (सीएफएमसी) स्थापित किया गया है, जहां प्रमुख बैंकों, वित्तीय मध्यस्थों, भुगतान एग्रीगेटरों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, आईटी मध्यस्थों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि साइबर अपराध से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई और निर्बाध सहयोग के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
9. साइबर अपराध के हॉटस्पॉट/बहुक्षेत्रीय मुद्दों के आधार पर पूरे देश को कवर करते हुए, मेवात, जामतारा, अहमदाबाद, हैदराबाद, चंडीगढ़, विशाखापत्तनम और गुवाहाटी के लिए आई4सी के तहत सात संयुक्त साइबर समन्वय दल (जेसीसीटी) गठित किए गए हैं।
इसमें राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाया जा सके।
10. साइबर अपराधियों की पहचान संबंधी एक रजिस्टर आई4सी द्वारा बैंकों/वित्तीय संस्थानों के सहयोग से शुरू किया गया है।
11. समन्वय प्लेटफॉर्म को प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) प्लेटफॉर्म, डेटा भंडार और साइबर अपराध डेटा साझाकरण और विश्लेषण के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करने के लिए शुरू किया गया है।
12. यह विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में साइबर अपराध शिकायतों में शामिल अपराधों और अपराधियों के बीच अंतरराज्यीय संबंधों का विश्लेषण-आधारित विश्लेषण प्रदान करता है। 'प्रतिबिंब' मॉड्यूल अपराधियों और अपराध अवसंरचना के स्थानों को मानचित्र पर प्रदर्शित करता है, जिससे क्षेत्राधिकार अधिकारियों को जानकारी मिलती है। यह मॉड्यूल कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आई4सी और अन्य लघु एवं मध्यम उद्यमों से तकनीकी-कानूनी सहायता प्राप्त करने में भी सुविधा प्रदान करता है। | 2 450 |
| 20 | 🔥 प्रहार 🔥
👉 गृह मंत्रालय ने फरवरी, 2026 को देश की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति एवं रणनीति 'प्रहार' की शुरुआत की।
👉 यह नीति आतंकवादी गतिविधियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी ढांचा प्रदान करती है।
👉 "संपूर्ण सरकार" और "संपूर्ण समाज" के समन्वित दृष्टिकोणों के माध्यम से 'प्रहार' रणनीति और नीति निम्नलिखित 7 स्तंभों पर आधारित है:
1. नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए आतंकी हमलों की रोकथाम;
2. खतरे के अनुरूप शीघ्र प्रतिक्रियाएं देना;
3. समग्र सरकारी दृष्टिकोण में तालमेल के लिए आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण;
4. आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए मानवाधिकार और 'कानून के शासन' पर आधारित प्रक्रियाएं;
5. आतंकवाद और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाली स्थितियों को कम करना;
6. आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को संरेखित करना और उन्हें आकार देना;
7. समाज के समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से सुदृढ़शीलता।
👉 'प्रहार' सात स्तंभों वाली रणनीति पर आधारित, खुफिया जानकारी पर केंद्रित सक्रिय ढांचे के माध्यम से सभी आतंकवाद-विरोधी उद्देश्यों को संबोधित करता है।
👉 यह भारत को प्रतिक्रियात्मक सुरक्षा नीति से सक्रिय नीति की ओर ले जाता है, जिसके तहत बहु-एजेंसी केंद्र (एमएसी) के माध्यम से तत्क्षण खुफिया जानकारी साझा करने को औपचारिक रूप दिया जाता है।
👉 महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सुरक्षित किया जाता है और राज्य एजेंसियों/पुलिस तथा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) जैसे विशेष केंद्रीय बलों के बीच एक तेज़, समन्वित कमान श्रृंखला तैनात की जाती है।
👉 यह अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को एकीकृत करता है और कड़ाई से नियमों का पालन करता है।
👉 कानून के शासन और मानवाधिकारों का समर्थन करता है और आतंकी तंत्र को खत्म करने के लिए समुदाय-सहयोगी कट्टरपंथ-विरोधी मॉड्यूल लागू करता है।
👉 प्रहार, क्रिप्टो वॉलेट का पता लगाकर, डार्क वेब पर होने वाली क्राउडसोर्सिंग को रोककर और केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से संपत्तियों को जब्त करके आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने का मुकाबला भी करता है।
👉 यह वित्तीय कार्रवाई कार्य बल के मानकों के अनुरूप है और सीमा पार राज्य-प्रायोजित आतंकी फंडिंग नेटवर्क को अवरुद्ध करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संधियों का उपयोग करता है।
👉 भारत सरकार 'प्रहार' रणनीति के प्रगतिशील और चरणबद्ध कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है।
👉 यह दृष्टिकोण संस्थागत और प्रणालीगत एकीकरण को तत्काल प्राथमिकता देता है, साथ ही स्तरित निगरानी तंत्रों के ढांचे के माध्यम से प्रदर्शन परिणामों का गहन मूल्यांकन करता है।
Source:- PIB
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