Astrologer Deep Ramgarhia
前往频道在 Telegram
यह telegram channel निशुल्क ज्योतिष जानकारी देने के लिए बनाया गया है । जो भी सदस्य हमारे इस channel से जुड़ रहे हैं वह इसको आगे भी ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें जिस से अन्य लोग भी इस निशुल्क सेवा का लाभ प्राप्त कर सकें । @deepramgarhia3
显示更多595
订阅者
无数据24 小时
+27 天
+1230 天
数据加载中...
吸引订阅者
一月 '25
一月 '25
+17
在0个频道中
十二月 '24
+32
在0个频道中
Get PRO
十一月 '24
+28
在0个频道中
Get PRO
十月 '24
+30
在0个频道中
Get PRO
九月 '24
+38
在0个频道中
Get PRO
八月 '24
+38
在0个频道中
Get PRO
七月 '24
+20
在0个频道中
Get PRO
六月 '24
+26
在0个频道中
Get PRO
五月 '24
+30
在0个频道中
Get PRO
四月 '24
+22
在0个频道中
Get PRO
三月 '24
+19
在0个频道中
Get PRO
二月 '24
+22
在0个频道中
Get PRO
一月 '24
+27
在0个频道中
Get PRO
十二月 '23
+24
在0个频道中
Get PRO
十一月 '23
+7
在0个频道中
Get PRO
十月 '23
+351
在0个频道中
| 日期 | 订阅者增长 | 提及 | 频道 | |
| 31 一月 | 0 | |||
| 30 一月 | 0 | |||
| 29 一月 | 0 | |||
| 28 一月 | 0 | |||
| 27 一月 | 0 | |||
| 26 一月 | +1 | |||
| 25 一月 | +1 | |||
| 24 一月 | 0 | |||
| 23 一月 | +1 | |||
| 22 一月 | 0 | |||
| 21 一月 | +1 | |||
| 20 一月 | 0 | |||
| 19 一月 | +1 | |||
| 18 一月 | 0 | |||
| 17 一月 | 0 | |||
| 16 一月 | +1 | |||
| 15 一月 | 0 | |||
| 14 一月 | 0 | |||
| 13 一月 | +1 | |||
| 12 一月 | +1 | |||
| 11 一月 | +1 | |||
| 10 一月 | +2 | |||
| 09 一月 | +1 | |||
| 08 一月 | +2 | |||
| 07 一月 | +1 | |||
| 06 一月 | +1 | |||
| 05 一月 | +1 | |||
| 04 一月 | 0 | |||
| 03 一月 | 0 | |||
| 02 一月 | 0 | |||
| 01 一月 | 0 |
频道帖子
जन्म कुंडली के बाहरवें भाव में 9 ग्रहों का फल https://www.facebook.com/share/p/NGrVBTuFkT8ZTVPY/
| 2 | जनवरी महीने में महत्वपूर्ण मुहूर्त, व्रत और त्योहार https://www.facebook.com/share/p/1A3JCv87NA/ | 328 |
| 3 | जनवरी महीने में ग्रह गोचर और प्रभाव । like and share https://www.facebook.com/share/p/17yUp9mEFV/ | 328 |
| 4 | जन्म कुंडली के एकादश भाव में 9 ग्रहों का फल https://www.facebook.com/share/p/1DwAQT4uXr/ | 277 |
| 5 | जन्म कुंडली के दसम भाव में 9 ग्रहों का फल https://www.facebook.com/share/p/15eMXuWua4/ | 264 |
| 6 | शनि चंद्र योग भृगु नंदी नाड़ी ज्योतिष अनुसार
+++++++++++++++++++++++
यदि जन्म कुंडली में शनि चंद्र युति या शनि से 2, 5, 7, 9 या 12वे भाव में चंद्र हो तो शनि चंद्र का अशुभ योग बनता है।
इस अशुभ योग से प्रभावित जातक को उसके कामकाज में अगर कारोबार या दुकान है तो बेवजह के खर्च और अगर जातक नौकरी करे तो बेवजह के स्थान परिवर्तन की समस्या आती है।
आमदनी भले ही अच्छी हो लेकिन खर्च ज़्यादा और बिना वजह के खर्च की वजह से धन की बचत बिलकुल ही खत्म हो सकती है।
जातक को उसके माता से उचित सहयोग और सुख मिलने में बाधा आती है। और अगर बड़ी बहन होती है तो बहन के वैवाहिक जीवन में कष्ट की वजह से, बहन और उसके बच्चों के सुख दुख का ख्याल रखने की ज़िम्मेदारी भी जातक पर आ जाती है।
हालाकि इस को सभी के लिए समान रूप से अशुभ नहीं कहा जा सकता क्युकि यदि चंद्र सूर्य, बुध, गुरु या शुक्र की राशि में हो या इन ग्रहों से युति में हो खास कर गुरु की दृष्टि चंद्र पर हो तो अशुभता में कमी आती है।
अगर जातक चंद्र से संबंधित कामकाज ( खेती, डेयरी उद्योग, पशु पालन, आयुर्वेद ओषधि, यात्रा संबंधी कार्य ) में हो या फिर योग, ध्यान, पूजा पाठ को अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल करे, चंद्र का रतन मोती धारण करे तो फल बहुत ही शुभ होते हैं और जातक की हर तरह से तरक्की होती है। | 299 |
| 7 | जन्म कुंडली के नवम भाव में 9 ग्रहों के फल https://www.facebook.com/share/p/197H6ut95o/ | 242 |
| 8 | जन्म कुंडली के अष्टम भाव में 9 ग्रहों के फल https://www.facebook.com/share/p/fxb6RyLKYiX9oErm/ | 268 |
| 9 | जन्म कुंडली के सप्तम भाव में 9 ग्रहों के फल https://www.facebook.com/share/p/1EWv8imNVU/ | 292 |
| 10 | जन्म कुंडली के छठे भाव में 9 ग्रहों के फल https://www.facebook.com/share/p/1ArYACfjdR/ | 266 |
| 11 | जन्म कुंडली के पंचम भाव में 9 ग्रहों के फल https://www.facebook.com/share/p/1AtqwDtcG3/ | 286 |
| 12 | जन्म कुंडली के चतुर्थ भाव में 9 ग्रहों के फल https://www.facebook.com/share/p/D1mksfkygryMMp2u/ | 316 |
| 13 | जन्म कुंडली के तीसरे भाव में 9 ग्रहों के फल। like, comment, share and support us https://www.facebook.com/share/p/WsSkho8ofTcZTRzp/ | 390 |
| 14 | शनि केतु योग भृगु नंदी नाड़ी ज्योतिष अनुसार
++++++++++++++++++++++++
यदि जन्म कुंडली में शनि केतु युति या शनि से 2, 5, 7, 9 या 12वे भाव में केतु हो तो शनि केतु का अशुभ योग बनता है।
इस अशुभ योग से प्रभावित जातक को उसके कामकाज में अनेक तरह की समस्या आती है।
कम आमदनी या कई बार बिलकुल ही बेरोज़गारी हो सकती है।
जातक को उसके पिता और भाई बहनों से उचित सहयोग और सुख मिलने में बाधा आती है।
हालाकि इस को सभी के लिए समान रूप से अशुभ नहीं कहा जा सकता क्युकि यदि केतु सूर्य, बुध, गुरु या शुक्र की राशि में हो या इन ग्रहों से युति में हो खास कर गुरु की दृष्टि केतु पर हो तो अशुभता में कमी आती है।
अगर जातक केतु से संबंधित कामकाज ( मेडिकल, ज्योतिष, खोज और रिसर्च ) में हो या फिर योग, ध्यान, पूजा पाठ को अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल करे, केतु का रतन लहसुनिया धारण करे तो फल बहुत ही शुभ होते हैं और जातक की हर तरह से तरक्की होती है। | 358 |
| 15 | आज के समय में एक ज्योतिष पद्वति का बहुत प्रचलन है वह है नाड़ी ज्योतिष। जिस में कुंडली विश्लेषण के लिए लग्न और लग्नेश को महत्व ना देकर सिर्फ कारक ग्रहों से फलादेश किया जाता है। इस से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण सूत्र आपको बताते हैं :
सभी तरह के सामान्य फलादेश के लिए जन्म कुंडली के जिस भाव में गुरु ग्रह है उस को लग्न बना कर देखा जाता है।
शिक्षा में सफलता के लिए बुध, वैवाहिक जीवन सुख के लिए शुक्र और नौकरी कारोबार के लिए शनि ग्रह को लग्न बना कर फलादेश किया जाता है।
फलादेश के लिए 1, 2, 5, 7, 9 और 12वा भाव महत्वपूर्ण होते हैं।
ग्रहों में सूर्य, बुध, शुक्र से शुभ योग और चंद्र, मंगल, राहु, केतु से अशुभ योग का निर्माण होता है। जबकि शनि को कर्म और गुरु को जीव कारक ग्रह कहा गया है।
इस ज्योतिष पद्वति की विशेषता यह है कि इस में वर्ग कुंडली और दशा भी नहीं देखी जाती, सिर्फ गोचर के आधार पर फलादेश बताया जाता है।
इस पद्वति को पहले उदाहरण से समझें। वैवाहिक जीवन सुख के लिए यदि शुक्र की स्थिति गुरु ग्रह से 1, 2, 5, 7, 9वे भाव में हो या अगर शुक्र वक्री है तो 12वे भाव में हो। ऐसे जातक को शादी का सुख ज़रूर मिलता है। शादी में देरी या सुख की कमी चंद्रमा, मंगल, राहु, केतु की वजह से।
इसी तरह दूसरे उदाहरण से समझें। जन्म कुंडली में सूर्य, बुध, शुक्र की स्थिति शनि से 1, 2, 5, 7, 9वे भाव में या अगर बुध शुक्र वक्री हैं तो 12वे भाव में हो तो नौकरी कारोबार में शुभ योग बनता है। खास कर यदि शनि सूर्य योग बने या शनि सिंह राशि का हो तो सरकारी नौकरी का योग बनता है। | 337 |
| 16 | जन्म कुंडली के दूसरे भाव में 9 ग्रहों के फल, like, comment, share, support us https://www.facebook.com/share/p/GsP7aZ8TfJRHQN5i/ | 323 |
| 17 | जन्म कुंडली के पहले भाव में 9 ग्रहों के फल , like, comment, share, support us https://www.facebook.com/share/p/Tei3y1mhLgSfMMhw/ | 369 |
| 18 | अगर कामकाज अच्छा चाहते हैं तो शनि ग्रह को प्रसन्न रखें
आपका कामकाज कुछ भी हो लेकिन अगर जन्म कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति सही नहीं है तो आपको कामकाज में दौड़भाग ज्यादा लेकिन आमदनी कम आती है
कामकाज को प्रभावित करने वाले शनि ग्रह से संबंधित कुछ सूत्र इस प्रकार हैं
यदि जन्म कुंडली में सूर्य शनि युति हो तो कामकाज में आर्थिक नुकसान का योग बनता है
यदि जन्म कुंडली में शनि मंगल युति हो तो खुद की जिद से किये गये फैसलों से आर्थिक नुकसान का योग बनता है
यदि जन्म कुंडली में शनि राहू युति हो तो कारोबार से संबंधित गलत सलाह मिलने से आर्थिक नुकसान का योग बनता है
यदि जन्म कुंडली में चन्द्र शनि युति या चतुर्थ भाव का शनि हो तो कामकाज की अस्थिरता से मानसिक तनाव होता है
यदि जन्म कुंडली में शनि वक्री हो तो जन्म स्थान से दूर जाकर नौकरी करने से सफलता मिलती है
यदि जन्म कुंडली में मेष राशि का शनि हो तो भी कामकाज में अस्थिरता आती है
इनके इलावा जन्म कुंडली के 6, 8, 12 भाव में शनि होने से भी कामकाज में अस्थिरता आती है
अब आपको बताते हैं कामकाज को अच्छा बनाये रखने और शनि ग्रह की प्रसन्नता के लिए कोनसे ज्योतिष उपाय मददगार हो सकते हैं
शनिवार के दिन सरसों का तेल किसी मिट्टी के बर्तन में लेकर उसको किसी नदी नहर के पास कच्ची जगह पर दबा देने से शनि की अशुभता में कमी आती है और शुभ फल मिलते हैं।
सरसों के तेल की कुछ बुँदे कच्ची जगह पर गिराने से शनि की अशुभता में कमी आती है और शुभ फल मिलते हैं, यह उपाय लगातार 43 दिन करना चाहिए।
शनिवार और अमावस्या के दिन घर की सफाई करने से, कचरा बाहर निकालने से और सेंधा नमक मिले पानी का पोछा लगाने से भी शनि की अशुभता में कमी आती है।
शनिवार के दिन 10 बादाम लेकर हनुमानजी को भेंट करके, उसमे से आधे घर लाकर किसी डिब्बे में अँधेरे कमरे में रख देने से भी शनि की अशुभता में कमी आती है।
शनिवार के दिन अंधों को भोजन दान करने, मछलियों को ब्रेड खिलाने, कोए, गाय और कुत्ते को भी कुछ ना कुछ खाने को देने से शनि की अशुभता में कमी आती है।
शनि शरीर में मल और पसीने का कारक है। इस नाते दौडभाग करके पसीना बहाने से शनि के अशुभ फल दूर होते हैं और स्वास्थ्य भी सही होता है।
शनिवार के दिन शिव मंदिर या पीपल के पेड़ का दर्शन पूजन करने से, मंदिर जाकर साफ़ सफाई के कार्य करने से भी शनि की अशुभता दूर होती है और शुभ फल मिलते हैं। | 452 |
| 19 | मंगल वक्री गोचर फल
ज्योतिष शास्त्र अनुसार 7 दिसंबर 2024 से 24 फरवरी 2025 तक मंगल वक्री रहेगा। शनि राहु की तरह मंगल को भी अशुभ ग्रह माना गया है। और अशुभ ग्रह वक्री होने पर अशुभ फल की वृद्धि करते हैं। और अगर किसी की जन्म कुंडली के आधार पर मंगल योगकारक या शुभ फल देने वाला ग्रह भी है तो भी शुभ फल देने में कमी आती है। ज्योतिष शास्त्र अनुसार सभी ग्रह अपने कारक तत्व अनुसार हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं। तो सब से पहले आपको मंगल के कारक तत्व बताते हैं। मंगल भाई बहन के आपसी रिश्ते का सुख, वाहन सुख, घर और प्रॉपर्टी के सुख, साहस, शत्रुता, दुर्घटना, रोग और कर्ज का कारक है। अब आपको बताते हैं वक्री मंगल गोचर के क्या क्या प्रभाव हो सकते हैं। मंगल के वक्री होने की इस समय अवधि के दौरान आपके भाई बहन के सुख प्रभावित हो सकते हैं। विवाहित महिलाओं के पति सुख का कारक मंगल होता है इस नाते वक्री मंगल की वजह से पति पत्नी में भी तकरार हो सकती है। मंगल वाहन सुख को प्रभावित करता है इस नाते वाहन चलाते समय नियमों का पालन करें और तेज़ गति से परहेज़ करें। इसके इलावा मंगल ज़मीन संबंधी विषयों को प्रभावित करता है इस नाते ज़मीन की खरीद बेच या घर बनाने की शुरुआत या नए घर में जाने के लिए भी इस गोचर को अशुभ कहा गया है। इसके इलावा नया कर्ज़ या उधार लेने से भी इस गोचर में परहेज़ करें। उपाय के तौर पर मंगलवार के दिन हनुमानजी का दर्शन पूजन और मंदिर में गुड़ चने का दान करें। मंगलवार के दिन व्रत और मंत्र जप करने से भी मंगल की अशुभता दूर होती है। | 360 |
| 20 | जन्म कुंडली में विष योग के फायदे
++++++++++++++++++
जन्म कुंडली में जब चन्द्र शनि युति केंद्र या त्रिकोण भाव में बनती है तो इसको विष योग कहा जाता है जो कि शुभ योग में से एक है। नाड़ी ज्योतिष में इसको नंदी योग कहा गया है।
इस योग से प्रभावित जातक अपने कामकाज और आमदनी के स्रोत गुप्त रखते है, इनके मन और भावनाओ को कोई नहीं जान सकता, जीवन की मुश्किल परिस्थिति में भी इनका आत्म विश्वास बना रहता है।
जिस तरह नंदी हमेशा शिव की सेवा में उपस्थित रहते हैं उसी तरह इस योग से प्रभावित जातक भी अपने घर परिवार और बाहर भी लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
यह लोग अपने कामकाज में प्रतिभा की वजह से लोगों का विश्वास बहुत जल्दी जीतते हैं, लेकिन जैसे चंद्रमा जल्दी जल्दी राशि परिवर्तन करता है, इसी तरह इनके कामकाज में उतार चड़ाव भी आते रहते हैं ।
लगातार कार्य करने में इनको समस्या आती है, इस लिए जब इनको बोरियत होने लगे तो बाहर टहल आने से या फिर किसी मित्र से बातचीत करने से फिर से ताजगी का अनुभव होता है और बेहतर कार्य कर पाते हैं।
क्युकि शनि धीमी गति से चलता है इस नाते बारीकी और बहुत ध्यान देकर किये कार्य में इनको सफलता मिलती है जैसे फोटोग्राफी कार्य, वस्त्रो पर डिजाइनिंग के कार्य, ज्वेलरी के कार्य या फिर किसी भी तरह के खोज या रिपेयरिंग के कार्य यह बेहतर कर पाते हैं।
इस योग के शुभ फल प्राप्ति के लिए चंद्रमा या शनि का योगकारक ग्रहों से संबंध, बली और केंद्र या त्रिकोण राशि का स्वामी ग्रह होना जरूरी है।
यदि चन्द्र या शनि पर शत्रु ग्रह जैसे कि मारक ग्रह का प्रभाव हो तो भी इस योग के शुभ फल प्राप्ति में बाधा आती है।
इस योग से शुभ फल के लिए चन्द्र या शनि की महादशा भी उचित समय जैसे 20 से 40 वर्ष की आयु के दरमियान मिलनी चाहिए।
विष योग के शुभ प्रभाव से जातक को शुभ फल जैसे कि 34 वर्ष के बाद तरक्की, बारीकी से चीजों की समझ, आसपास में लोगों से जल्दी सहयोग, दान पुन्य और मदद कार्यो की वजह से प्रजा और सरकार द्वारा सम्मान मिलता है।
Horoscope example: Abraham Lincoln,Charlie Chaplin, Mahatma Gandhi and Mother Teresa | 399 |
