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UPSSSC JE VACANCY INCREASE IN POLLUTION BOARD | UPSSSC JE NEW VACANCY 20...
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UPSSSC JE - POLLUTION BOOK IN HINDI | THEORY & MCQ | ENGINEER GUPTA
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BTSC JE | ENGLISH VERSION | MARGDARSHIKA ENGLISH VERSION | ENGINEER GUPTA
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यह दस्तावेज़ इलाहाबाद उच्च न्यायालय (लखनऊ खंडपीठ) द्वारा 20 अप्रैल 2026 को दिया गया एक महत्वपूर्ण कानूनी फैसला (Writ A No. 3800 of 2026) है। यह मामला 'ग्रेजुएट इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन' और 'UPSSSC' के बीच का है।
ज्वाइन @UPENGINEERS
मामले का संक्षेप और मुख्य विवाद:
* UPSSSC ने 7 मार्च 2024 को जूनियर इंजीनियर (JE) के पद के लिए एक विज्ञापन जारी किया था।
* इस विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता के तौर पर उत्तर प्रदेश प्राविधिक बोर्ड से सिविल इंजीनियरिंग में 3 साल का डिप्लोमा या उसके समकक्ष योग्यता मांगी गई थी।
* याचिकाकर्ताओं (B.Tech/डिग्री धारकों) का तर्क था कि उनके पास डिप्लोमा से उच्च योग्यता (इंजीनियरिंग डिग्री) है, इसलिए उन्हें भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के योग्य माना जाना चाहिए।
ज्वाइन @UPENGINEERS
कोर्ट की मुख्य टिप्पणियाँ:
* न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग में 'डिप्लोमा' और 'डिग्री' दो बिल्कुल अलग-अलग योग्यताएं हैं। डिग्री को डिप्लोमा के समान स्ट्रीम का नहीं माना जा सकता।
* उत्तर प्रदेश सरकार का ऐसा कोई शासनादेश (Government Order) मौजूद नहीं है जो इंजीनियरिंग डिग्री को डिप्लोमा के समकक्ष (equivalent) मानता हो।
* भर्ती के लिए आवश्यक योग्यता तय करने का सबसे अच्छा अधिकार नियोक्ता (सरकार/आयोग) के पास होता है। न्यायालय इन योग्यता शर्तों में अपनी तरफ से बदलाव नहीं कर सकता।
* न्यायालय ने 'दीपक सिंह बनाम स्टेट ऑफ यूपी' के फुल बेंच के फैसले का हवाला दिया, जिसमें यह स्थापित हो चुका है कि जहाँ विज्ञापन में डिप्लोमा मांगा गया हो, वहाँ जूनियर इंजीनियर पद के लिए डिग्री धारक विचार के दायरे से बाहर हैं।
ज्वाइन @UPENGINEERS
अंतिम फैसला:
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह साफ कर दिया है कि बी.टेक डिग्री धारक इस विज्ञापन के तहत जूनियर इंजीनियर (JE) की भर्ती में शामिल होने के लिए अयोग्य (ineligible) हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने डिग्री धारकों की इस याचिका को खारिज (dismiss) कर दिया है।
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