1 132
订阅者
+124 小时
-27 天
+430 天
帖子存档
1 132
किस्मत की जीत का फ़ैसला था सबका , मन की हार का किसी ने सोचा ही नहीं
कहानी की परवाह रही हर किसी को , किरदार का किसी ने सोचा ही नहीं .... 🍂
1 132
उसे लगता है जब चाहेगा , लौट आयेगा किरदार में ,
उसे मालूम ही नहीं कि कहानी ख़त्म हो चुकी है.... 🍂
1 132
वो जादू , वो जज़्बात , वो सुकून , वो सिलसिला ही नहीं
किताबें लिखीं है जिस प्यार पे , वो तो खैर , मिला ही नहीं .... 🤷♀
1 132
हर शाम एक बदला हुआ किस्सा ,
हर सुबह एक नई कहानी है ,
ये सितम्बर , ये सुकून , ये सर्द इश्क
कुछ मुझपे खुमार है उसका , कुछ मौसम की मेहरबानी है ।। ☘
1 132
स्याह रात घिरते ही लौट आयेंगे गुज़रे ज़माने वापिस ,
मैं तेरी यादों को मशरूफियत का बहाना आख़िर कब तक दूंगा ..... 🥂
1 132
शुक्र है!
ईश्वर ने!
दुःख सहने वालों के साथ रखा!
दुःख देने वालों के साथ नहीं!
~Abhi⭐️
1 132
शगुफ्ता लोग भी टूटे होते हैं अंदर से
बहुत रोते हैं वो , जिनको लतीफे याद रहते हैं ... 🥂💜
~इब्नेबतूती ( दिव्यप्रकाश दूबे )
1 132
" पूरा दिन गुज़र गया और आपने याद तक ना किया .... ? "
मुझे नहीं पता था कि इश्क़ में भी इतवार होता है...!!
1 132
वो भी अपने ना हुए , दिल भी गया हाथों से ...
ऐसे आने से तो बेहतर था , ना आना उनका .. 💔
1 132
जमीं पे ना मुक्कमल हुई दास्तां ,
तो , थक कर , आसमां का सितारा वो एक रोज़ बन गया
ज़माने के कहे , मोहब्बत उसके बस की बात नहीं, और
वो इश्क़ में इमरोज़ बन गया .... 🪷
1 132
न भेजे सारे खतों का जवाब लाना ,
तोहफ़े में हां ,
और सुकून से साथ बिताने वाली शाम लाना
तुम अगली ज़िंदगी की सारी सांसे मेरे नाम लाना 💜
1 132
रूठूंगी मैं तुमसे एक दिन इस बात पे
जब रूठी थी तो मनाया क्यूं नहीं
मुंह फेर कर जब खड़ी थी मैं वहां
बुलाकर पास अपने सीने से लगाया क्यूं नहीं
पकड़ कर तेरा हाथ पूछूंगी मैं कि
हक अपना तूने मुझ पर जताया क्यूं नहीं
इस धागे का एक सिरा तुम्हारे पास भी तो था
उलझा था अगर मुझसे तो तुमने सुलझाया क्यूं नहीं ।।
1 132
Wishing you a very happy birthday
@Happy_machine beyy 🥂
May God bless you with all health , wealth and happiness 💜
1 132
नज़र भर बस देखूं ना उसे ,
साथ , सुकून और सोहबत का पूछ लूं
जो वो वादा करे , दोस्ती कायम रखने का
तो मैं भी उससे मोहब्बत का पूछ लूं ... 🌷
1 132
कभी पिता होकर घर की छत बने
कभी प्रेम में रहकर फिर बच्चे बने
कभी बेटा होकर सपनों से समझौता किया
कभी जिम्मेदारियों का बस्ता उम्र से पहले कंधों पर लिया
कभी लड़े जंग के मैदान में डटकर
कभी हार गए लड़ाई अपनो की खातिर
कभी तेज़ बरसात में गाड़ी चलाते
कभी हॉस्पिटल में मरीज़ को दिन रात संभालते
कभी लाइनों में धक्के खाकर टिकट कटवाते
कभी बसों में अपनी सीट देकर घंटों खड़े रह जाते
इन पुरुषों ने निरंतर वे सभी ज़रूरी किरदार निभाए
जहां ज़रूरत थी , थककर कुछ देर बैठ जाने की
~ Aishwarya Sharma
( जाना ज़रूरी है क्या )
1 132
एक सुकून की तलाश में ना जाने कितनी बेचेनियाँ पाल ली ,
और लोग कहते हैं हम बड़े हो गए हमने ज़िंदगी संभाल ली .... 😌
1 132
दिल टूट ना जाये , कितना ज़ोर लगाया मैंने
तुम तक आवाज़ जाए , कितना शोर मचाया मैंने
रिश्तों में हार ठीक है , फ़ायदा नहीं उठाया मैंने
मजाल कोई बुरा कहे तुम्हे , इतना अच्छा बताया मैंने
तुम से , सब से , कब से , कितना दर्द छुपाया मैंने
खप गई मोहब्बत अब , इतना तुम पे लुटाया मैंने
~U/k
