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असली मर्द वही है जो स्त्री को ठोक बजा के
गर्म करें..💚
और स्त्री के कामुक जिस्म को पूरी तरह मसलते हुए रगड़ दे उसकी जिस्म के हर एक अंग को कर्म करें।💚
ताकि स्त्री अपनी मर्यादा भूल कर अपने साथी के मजबूत बाहों के आगोश में अपने जवान जिस्म के साथ चरम सुख का आनंद ले सके।😘💚💚💚🖤🖤
बस शर्त इतनी हे की वह स्त्री उसकी पत्नी हो और दोनो के बीच कोई शर्म ना हो 💋
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,,, तो अहसास होगा,,,,,,,,,,
प्रश्न,, महिला मित्र का,,जब मैं सहवास करती हूं तो योनि मार्ग में गीलापन बहुत ज्यादा हो जाता है।इस वजह से मुझे पार्टनर के प्राइवेट पार्ट का अहसास नहीं होता।ना उन्हें आनंद मिलता है ना मुझे। उपाय बताएं।
उत्तर,,,, महिलाओं में सहवास के चार चरण होते हैं।
एक,,, ख्वाहिश, दो,,, योनि मार्ग में गीलापन, तीन,,, प्रवेश, चार,,, क्लाइमेक्स यानी चरम सीमा की अनुभूति।
,, आपको ख्वाहिश ठीक प्रकार से होती है
,,, गीलापन जरूरत से ज्यादा होती है। इसीलिए पुरुष के प्राइवेट पार्ट का अहसास नहीं होता।ऐसी कोई दवा नहीं है जिससे गीलापन कम हो।जब सहवास के दौरान गीलापन ज्यादा हो जाय तो टिश्यू पेपर का उपयोग करते हुए उसे पोंछ दें।
,,, जहां तक अपने प्राइवेट पार्ट में पुरुष के प्राइवेट पार्ट को महसूस करने की बात है तो इसके लिए प्रवेश के बाद,विमिन क्रोस लेग पोजीशन,, महिला अपनी एक एड़ी पर दूसरी एड़ी रख दें,,,कर ले। इससे पार्टनर के साथ पकड़ भी अच्छी हो जायेगी और पार्टनर के प्राइवेट पार्ट का अहसास भी दोनों को अच्छी तरह से होगा।
,,, डाक्टर कोठारी के सौजन्य से मालूम हुआ कह दिया और अंन्यथा ना लें।
,, अशोभनीय टिप्पणी और तर्क वितर्क से बचें।
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तुम वसंत हो तुम सावन हो,
पतझड़ की तुम मंद पवन हो!
धूप शरद की छांव ग्रीष्म की,
वर्षा ऋतु का तुम यौवन हो!
तपन तुम्ही हो ज्येष्ठ मास की,
मास पौष की हो सिहरन!
माघ मास की धूप निराली,
भादों में मेघों की गर्जन!
तुम अषाढ आशा किसान की,
कातिक मे फसलों की कतरन!
मार्ग शीर्ष बीजों की ढेरी,
आश्विन में मेड़ों का बंधन!
क्रोधित हो तो लू फागुन की,
मुग्धा तो वैशाखी!
एक वर्ष हो गया बताते
अभी है सब कुछ बाकी!
तुम पावन हो मन भावन हो,
स्वच्छ हृदयँ हो निर्मल मन हो!
सृष्टि मूल विधि के विधान का,
तुम्ही सृजन हो तुम जीवन हो!
तुम स्नेह हो सुखद प्रीत हो,
रस श्रृंगार की मधुर गीत हो!
तुम जननी हो तुम जाया हो,
अखिल सृष्टि की सकल रीत हो!
तुम गरिमा गौरव निज कुल की,
तुम्ही तो सब कुछ वारी हो!
तुम्हे तुम्ही बस हरा हो सकती,
अविजित तुम तो नारी हो!
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जल्द नाराज़ हो जाने वाले पुरुष
वंचित रह गए
स्त्री के आमोद और प्रमोद से..
बेहद हिदायती पुरुषों ने
नही देखा
स्त्री का जश्न..
आवश्यकता से अधिक मितव्ययी पुरुष
जान ही न पाए
स्त्री का उल्लास और उमंग ..
पुरुषों का अहं
बंधा रहा उनकी आंखों पर पट्टी बन
वे नहीं देख पाए
स्त्री की अनुपम कलाएं..
पुरुषों की उदासीनता ने
राग की स्रोतस्विनी पर
उदासी का बांध बनाया..
अपनी हर इच्छा को बलात् थोपने वाले पुरुष
अनुभूत नहीं कर पाए
स्त्री प्रेम की प्रगाढ़ता...
समय निरा शोर रहा बहता गया
अनन्त संभावनाओं और सपनों के आवरण में ढकी एक अनोखी नदी यूँ ही सूखती गई..
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जब हम किसी से बेहद #प्रेम करते हैं, तो वह रिश्ता आभासी हो या दुनियावी, पास हो या दूर -- हम उन रिश्तों को दिल में जगह देते हुए उनकी हर बात को दिल में उतार लेने की इच्छा रखते हैं। लेकिन उन्हीं लोगों में कुछ ऐसे रिश्ते भी छुपे होते हैं जो नक़ाब पहन बस हमारी भावनाओं से खेलने के लिए ही हमारे करीब रहते हुए अपने साथ का एहसास करवाते रहते हैं। लेकिन जब इंसान एक उम्र के बाद अपने भोलेपन और मासूमियत से बाहर निकल कर उनकी चालबाजियों को भांप लेता है, तो बिना कुछ कहे-सुने ही खुद को उन नक़ाबपोश रिश्तों से अलग कर लेता है। बल्कि वह तो अपने हक़ का भी बहुत कुछ त्याग कर अपने रिश्तों से दूर हो जाता है, ताकि कम-से-कम अपने बाकी के जीवन को तो क्षत-विक्षत होने से बचा सके।
इसे जीवन भर का दु:ख कहें या सुकून, कि वो रिश्ते जो कभी दिल में उतरे हुए थे, वो अपने छल और प्रपंचों से जाने कब दिल से उतर गए हैं, पता भी नहीं चल पाया।
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प्यार एक नहीं कई बार हो सकता है।
#प्रेम एक भावना है, जो जीव अच्छा लगता है,जिसके साथ समय बिताना पसन्द हो उसके प्रति प्रेम का भाव जागना स्वभाविक है।
ये अलग-अलग लोगों से एक ही समय में भी हो सकता है और अलग-अलग समय में भी। पर जब ये प्रेम किसी एक से ही बार-बार हो तो बेहद खूबसूरत अहसास बन जाता है। इसलिए खुदको ऐसा बनाएँ कि कोई बार-बार आप ही से प्यार करे। किसी के ऐसे हो जाओ कि उसे प्रेम के लिए कहीं और न भटकना पड़े।
यदि ऐसे नहीं बन पाते तो बार-बार अलग-अलग लोगों से प्रेम करने को तैयार रहो, क्योंकि प्रेम रहित जीवन नीरस हैं।
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I LOVE YOU....
का मतलब होता है किसी के हो जाना....
किसी को अपना बना लेना...
जिस्म नहीं रूह से अपना लेना...
उसके दर्द को अपना दर्द बना लेना....
उसकी खुशी को अपना समझना...
आंसू बहने से पहले ही उन्हें थाम लेना...
दिल की बात वो जो कहना चाहे...
जुबान पर आने से पहले ही समझ लेना...
उसे हर मुमकिन खुशी देना..
हर बात में उसका साथ देना..
अच्छा कहे तो मुस्कुरा देना..
बुरा कहे तो नाराज़ हो जाना..
कभी गुस्सा हो जाना..कभी रूठना..कभी मनाना..
कभी गोद में सर रखकर सो जाना..
कभी हाथों में हाथ थामकर यूंही घंटो बैठे रहना..ना वो कुछ कहे..ना हम कुछ कहें.. बस आंखों से बाते करना..
जिंदगी की राहों में कभी साथ ना छोड़ना..
हर मुश्किल में साथ देना..हर छोटे मोटे लम्हे हो प्यार से जीना..
उसका इंतजार करना.. डांटना..और फिर चुपके चुपके से उसे मनाना..ना माने तो खुद रूठ जाना..
I LOVE YOU कहने से प्यार नहीं जताया जाता..प्यार तो आंखों से बयां हो जाता है...
जिस प्यार में शब्दों की जरूरत पड़े उस प्यार में कुछ कमी होती है..कहने से प्यार नहीं जताया जाता..प्यार जिन्हें होता है रूह में झांक लेते है,या हर बात का पता लगा लेते हैं..
कहने को इतना कुछ है कि एक किताब लिख दूं..मगर बस अभी इतना ही..
वैसे आजकल प्यार का मतलब सिर्फ I LOVE YOU कहना ही रह गया है..
कभी प्यार का मतलब समझ ही नहीं पाते..
प्यार सिर्फ शब्दों का रिश्ता ही नहीं है..प्यार तो वो एहसास है जो शब्दों का मोहताज़ नहीं है....!
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उनकी चाल ही काफी थी होश उड़ाने के लिए,.
हद तो तब हुई जब वो पांव में "पायल" पहनने लगे।।
"सांझ वंदन"
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उम्रदराज़ औरतो में बड़ी कशिश,खिंचाव और आकर्षण महसूस करता हु।उनके भरे हुए शरीर और आगे पीछे की मादक बड़ी गोलाइयों अनायास ही मन मोह लेती है ।तन मन मे थिरकन पैदा कर देती है।बड़ी उम्र की ये औरते वास्तव में शरीर से नही मन से प्यासी होती है कारण इनके साथी उन्हें वो सब कुछ नही दे पाते
जिसकी ये अपेक्षा करती है,चाहे वो उनकी व्यस्तता वजह हो ,चाहे ढलती उम्र के कारण सेक्स के प्रति रुझान कम होना ।इन प्यासी नारियो को जब कोई पर पुरुष प्रेम देता है तो ये तन मन से उस से लतर की तरह चिपक जाती है और अपना सर्वस्व निछावर कर देती है।अब दूसरा पहलू देखे
पुरुष को इनके गदराए बदन से खेलने में आनंद आता है ये अपनी स्वभाबिक कामुक अदाओ और सिसकियों से ज्यादा उत्तेजित कर देती है।बच्चे पैदा होने के कारण इनके आंतरिक शारीरिक अंगों में ऐसे बदलाव आ जाते है जो घर्षण में ज्यादा आनंद देते है पुरुष को ऐसा चरमसुख देते है कि उसे मोक्ष जैसा लगता है... ...❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
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दरअसल, स्त्री ओ में सिर से ले कर पैर तक सारे अंग कामुक होते हैं. अगर आप जानते हैं कि उन्हें सही तरीके से कैसे छूना है तो उन के शरीर का हर अंग मजा दिला सकता है.
होंठ
होंठ चूमना किसी स्त्री के लिए एक बड़ा टर्निंग पौइंट होता है. जब रिलेशन बन रहे होते हैं तो चूमना ऐसी पहली चीज होती है जो पहले मना की जाती है, लेकिन इस में देरी न करें.
होंठ उत्तेजक नसों से लबालब भरे होते हैं. लिहाजा, इन्हें तुरंत जीभ में नहीं डुबाना चाहिए. सब से पहले स्त्री के निचले होंठ पर अपनी जीभ फेरें, फिर उसे अपने होंठों के बीच फंसा कर चूसें. साथ ही, उसे भी ऐसा करने दें.
जब आप उसे चूम रहे हों तो अपने हाथ उस की गरदन पर रखें या फिर उस की कमर या कूल्हों पर या फिर इस दौरान इन सभी जगहों पर हाथ फेर सकते हैं.
बैकबोन
इस हिस्से के बारे में बहुत से लोग अनजान हैं, लेकिन यह स्त्रियों को सब से ज्यादा जोश में लाने वाली जगह होती है. आप उन की स्पाइन पर अपनी उंगलियों को आराम से फिराएं. इस से आप अपने पार्टनर को बहुत जल्द कामुक कर सकते हैं.
उंगली
जीभ के बाद उंगलियों को शरीर का सब से सैंसिटिव हिस्सा माना जाता है. आप अपने पार्टनर की उंगलियों के ऊपरी हिस्से को चूम सकते हैं या हलके से दांत भी चुभा सकते हैं. दबाने से स्त्रियों में जोश बढ़ता है. साथ ही, जैसेजैसे जोश बढ़ता जाता है आप को उस की उंगलियों को अपने होंठों के बीच ले जाना चाहिए, फिर होंठों से सहलाते हुए धीरेधीरे चूसना चाहिए. इस से वह नशे की सी हालत में आ जाएगी.
गरदन
औरतों की गरदन को भी काफी सैंसिटिव माना जाता है. गरदन की स्किन काफी पतली होती है, इसलिए यहां छूने पर काफी अच्छा महसूस होता है.
अगर आप अपनी उंगलियां सही जगह रख कर कौलरबोन सहलाएं तो पार्टनर को बहुत अच्छा महसूस होगा.
कान
जोश में लाने वाले बौडी पार्ट्स में कान बहुत काम के होते हैं. अपने पार्टनर के कानों को अपने होंठों से छुएं, चूमें या हलका सा काट लें और फिर देखिए उन का मूड.
पैर
बिस्तर पर जाने से पहले आप अपने पार्टनर से पैर धोने की गुजारिश करें, क्योंकि पैर सैक्सी होते हैं और इन्हें भी प्यार की जरूरत है.
पार्टनर के तलवों को चूम कर आप उसे जोश में ला सकते हैं. शुरुआत छोटी उंगली से करें. पैरों को सहलाते हुए रगड़ना एक औरत के लिए यह जबरदस्त अनुभव होता है. इस से उस के शरीर के दूसरे अंग भी उत्तेजित होने लगते हैं. इस की वजह यह है कि पैरों को सहलाने पर दिमाग का एक बड़ा हिस्सा जोश का अनुभव करता है इसलिए सैक्स से इस काम को नजरअंदाज न करें.
इसलिए सैक्स से इस काम को नजरअंदाज न करें.
स्तन
स्तन महिला के सैक्सुअल अंगों में खास जगह रखते हैं. पर इस के लिए सीधे छलांग न लगाएं. स्तनों को तब तक न छुएं जब तक कि आप को यह न पता चल जाए कि वह चाह रही है कि आप उस के स्तनों को छुएं.
इस के लिए शुरुआत किनारे से करें, फिर गोल घेरे में अपनी उंगलियां स्तनों के चारों ओर घुमाएं. ऐसा तब तक करें जब तक स्तनों के निप्पल के चारों ओर के गुलाबी या भूरे रंग के गोल घेरे तक न पहुंच जाएं. यहां कुछ देर तक उंगलियां फिराने के बाद निप्पल तक पहुंचना चाहिए.
अब आप निप्पल को सहलाते हुए थपथपाएं, खींचें, दबाएं, चूमें और चूसें. इस दौरान आप चाहें तो हलके से दांतों से काट सकते हैं.
जब आप का मुंह एक स्तन पर है तो इस दौरान आप का हाथ दूसरे स्तन पर होना चाहिए तभी वह सबकुछ सौंपने को तैयार होगी. इस के बाद स्तन बदल कर यही दोहराएं. फिर दोनों हाथों से स्तनों को जम कर दबाना चाहिए. साथ ही, बीच में अपने पार्टनर से पूछें कि उसे स्तनों में कौन सी छुअन मजा देती.
कभी भी पार्टनर की इच्छाओं को नजरअंदाज न करें. स्तनों के बीच का हिस्सा कई बार नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि यह भी कामुक जगह है.
भग
भग क्षेत्र में छलांग लगाना काफी आसान होता है लेकिन उस के पहले उस गूदेदार क्षेत्र को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जो रोमों से घिरा होता है. इसे थपथपाना और रगड़ना पार्टनर को सिसकने पर मजबूर कर देगा.
योनि वह दूसरा क्षेत्र है जहां कई आदमी स्तनों को उत्तेजित करने के बाद सीधे पहुंच जाते हैं. जैसे ही स्त्री उत्तेजित होती हैं उन का गर्भद्वार ऊपर की ओर खिसक जाता है, जिस से योनि की गहराई बढ़ जाती है और आप को गहरे तक जाने का मजा मिलता है.
इसलिए यह आप की पसंद का मामला है कि आप उसे कितना गीला कर सकते हैं. जितना समय यहां दिया जाएगा उतना ही मजा आप को प्रवेश पर मिलेगा.
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दरअसल, स्त्री ओ में सिर से ले कर पैर तक सारे अंग कामुक होते हैं. अगर आप जानते हैं कि उन्हें सही तरीके से कैसे छूना है तो उन के शरीर का हर अंग मजा दिला सकता है.
होंठ
होंठ चूमना किसी स्त्री के लिए एक बड़ा टर्निंग पौइंट होता है. जब रिलेशन बन रहे होते हैं तो चूमना ऐसी पहली चीज होती है जो पहले मना की जाती है, लेकिन इस में देरी न करें.
होंठ उत्तेजक नसों से लबालब भरे होते हैं. लिहाजा, इन्हें तुरंत जीभ में नहीं डुबाना चाहिए. सब से पहले स्त्री के निचले होंठ पर अपनी जीभ फेरें, फिर उसे अपने होंठों के बीच फंसा कर चूसें. साथ ही, उसे भी ऐसा करने दें.
जब आप उसे चूम रहे हों तो अपने हाथ उस की गरदन पर रखें या फिर उस की कमर या कूल्हों पर या फिर इस दौरान इन सभी जगहों पर हाथ फेर सकते हैं.
बैकबोन
इस हिस्से के बारे में बहुत से लोग अनजान हैं, लेकिन यह स्त्रियों को सब से ज्यादा जोश में लाने वाली जगह होती है. आप उन की स्पाइन पर अपनी उंगलियों को आराम से फिराएं. इस से आप अपने पार्टनर को बहुत जल्द कामुक कर सकते हैं.
उंगली
जीभ के बाद उंगलियों को शरीर का सब से सैंसिटिव हिस्सा माना जाता है. आप अपने पार्टनर की उंगलियों के ऊपरी हिस्से को चूम सकते हैं या हलके से दांत भी चुभा सकते हैं. दबाने से स्त्रियों में जोश बढ़ता है. साथ ही, जैसेजैसे जोश बढ़ता जाता है आप को उस की उंगलियों को अपने होंठों के बीच ले जाना चाहिए, फिर होंठों से सहलाते हुए धीरेधीरे चूसना चाहिए. इस से वह नशे की सी हालत में आ जाएगी.
गरदन
औरतों की गरदन को भी काफी सैंसिटिव माना जाता है. गरदन की स्किन काफी पतली होती है, इसलिए यहां छूने पर काफी अच्छा महसूस होता है.
अगर आप अपनी उंगलियां सही जगह रख कर कौलरबोन सहलाएं तो पार्टनर को बहुत अच्छा महसूस होगा.
कान
जोश में लाने वाले बौडी पार्ट्स में कान बहुत काम के होते हैं. अपने पार्टनर के कानों को अपने होंठों से छुएं, चूमें या हलका सा काट लें और फिर देखिए उन का मूड.
पैर
बिस्तर पर जाने से पहले आप अपने पार्टनर से पैर धोने की गुजारिश करें, क्योंकि पैर सैक्सी होते हैं और इन्हें भी प्यार की जरूरत है.
पार्टनर के तलवों को चूम कर आप उसे जोश में ला सकते हैं. शुरुआत छोटी उंगली से करें. पैरों को सहलाते हुए रगड़ना एक औरत के लिए यह जबरदस्त अनुभव होता है. इस से उस के शरीर के दूसरे अंग भी उत्तेजित होने लगते हैं. इस की वजह यह है कि पैरों को सहलाने पर दिमाग का एक बड़ा हिस्सा जोश का अनुभव करता है इसलिए सैक्स से इस काम को नजरअंदाज न करें.
इसलिए सैक्स से इस काम को नजरअंदाज न करें.
स्तन
स्तन महिला के सैक्सुअल अंगों में खास जगह रखते हैं. पर इस के लिए सीधे छलांग न लगाएं. स्तनों को तब तक न छुएं जब तक कि आप को यह न पता चल जाए कि वह चाह रही है कि आप उस के स्तनों को छुएं.
इस के लिए शुरुआत किनारे से करें, फिर गोल घेरे में अपनी उंगलियां स्तनों के चारों ओर घुमाएं. ऐसा तब तक करें जब तक स्तनों के निप्पल के चारों ओर के गुलाबी या भूरे रंग के गोल घेरे तक न पहुंच जाएं. यहां कुछ देर तक उंगलियां फिराने के बाद निप्पल तक पहुंचना चाहिए.
अब आप निप्पल को सहलाते हुए थपथपाएं, खींचें, दबाएं, चूमें और चूसें. इस दौरान आप चाहें तो हलके से दांतों से काट सकते हैं.
जब आप का मुंह एक स्तन पर है तो इस दौरान आप का हाथ दूसरे स्तन पर होना चाहिए तभी वह सबकुछ सौंपने को तैयार होगी. इस के बाद स्तन बदल कर यही दोहराएं. फिर दोनों हाथों से स्तनों को जम कर दबाना चाहिए. साथ ही, बीच में अपने पार्टनर से पूछें कि उसे स्तनों में कौन सी छुअन मजा देती.
कभी भी पार्टनर की इच्छाओं को नजरअंदाज न करें. स्तनों के बीच का हिस्सा कई बार नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि यह भी कामुक जगह है.
भग
भग क्षेत्र में छलांग लगाना काफी आसान होता है लेकिन उस के पहले उस गूदेदार क्षेत्र को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जो रोमों से घिरा होता है. इसे थपथपाना और रगड़ना पार्टनर को सिसकने पर मजबूर कर देगा.
योनि वह दूसरा क्षेत्र है जहां कई आदमी स्तनों को उत्तेजित करने के बाद सीधे पहुंच जाते हैं. जैसे ही स्त्री उत्तेजित होती हैं उन का गर्भद्वार ऊपर की ओर खिसक जाता है, जिस से योनि की गहराई बढ़ जाती है और आप को गहरे तक जाने का मजा मिलता है.
इसलिए यह आप की पसंद का मामला है कि आप उसे कितना गीला कर सकते हैं. जितना समय यहां दिया जाएगा उतना ही मजा आप को प्रवेश पर मिलेगा.
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प्रश्न,, मेरे पति को वायग्रा से लिंग में तनाव तो आता है मगर तुरंत ही डिस्चार्ज हो जाते हैं समय कैसे बढ़े, मुझे संतुष्टि मिले, कुछ बताएं।
उत्तर,,यह एक अकेले आप की समस्या नहीं है ज्यादा तर महिलाएं इस दौर से गुजर रही हैं।जो क्लाइमेक्स पर सहवास में नहीं पहुंच पाती हैं और मैस्टरबेशन से अपनी ख्वाहिश पूरी करती हैं। फिर भी वो मैस्टरबेशन को सहवास से ज्यादा अच्छा नहीं समझती हैं।
,,, निन्यानबे प्रतिशत आदमी पांच से सात मिनट में झड़ जाते हैं सिर्फ एक प्रतिशत ही हैं जो अच्छा समय निकालते हैं।
,, पुरूषों को ऐसे में भी कोई शिक़ायत नहीं है झटपट किया, पानी निकाला और मस्त हो गये।
,,, वैसे समय बढ़ाने के लिए कोई खास दवा नहीं है। सहवास का समय पुरुष द्वारा कुछ कारगर उपाय करके ही बढ़ाया जा सकता है।
,,या फोरप्ले करके स्त्री को उत्तेजित कर के उसके क्लाइमेक्स का समय सहवास में कम किया जा सकता है।
,, पुरुष को सहवास धीरे धीरे रूक रूक कर करना है, दिल की धड़कन तेज ना हो, दिमाग शांत रहे, पानी पीता रहे, तो समय बढ़ जायेगा।
,,, स्त्री की योनि के अग्रभाग को उंगलियों से जीभ से या लिंग के टो से उत्तेजित कर दे, तो क्लाइमेक्स में पहुंचने का समय कम हो जायेगा
,,, स्त्री के स्तनों को दबाने, चूसने, खासकर निप्पल को, तो स्त्री पानी छोड़ देती है और उत्तेजित भी हो जाती है।
,,, सिर्फ और सिर्फ जानकारी के लिए,,,,,,,,,,
,, शराब के दो पेग से सहवास में कुछ समय बढ़ सकता है पर सहवास भी ना करें तो भी शरीर शराब मागंता है क्योंकि लत लग जाती है
,,, लिंग पर स्प्रे, जो बाजार में मिलता है,, उससे लिंग सुन्न हो जाता है वो तीस मिनट निकाल सकता है मगर लंम्बे समय में दाने आ जाते हैं
,,, गांजा,,इसे चिलम जैसी चीज़ में डाल कर पीते, इससे दिमाग सुन्न होता, पहली बार में तीन घंटे निकालता फिर एक घंटे तक असर रहता ।
,,, सुल्फा,,गांजे का ही प्रोडक्ट, सिगरेट में रख कर पीया जाता, दिमाग सुन्न होता, पहले दस बारह घंटे, फिर दो तीन घंटे ही असर।
,,,यह सब मादक पदार्थ हैं और इनका उपयोग नुकसान दायक हैं क्योंकि लत लग जाने पर सहवास ना करने पर भी शरीर की इच्छा पूरी करने के लिए इन्हें लेना ही पड़ता है। फिर यह सिर्फ सहवास बढ़ाने के काम ही आते वरन आदत पूरी करने के काम आते।इन पर प्रतिबंध भी है,इनका उपयोग ना करें। अगर कोई करता है तो बंद कर दें।
कुछ आयुर्वेद और हर्वल,,,,,,,,,,,,का उपयोग,,,
,,, लहसुन की दो फांक खाली पेट सुबह लें रोज़ रोज़
,,, लहसुन की दो फांक का रस शहद में मिलाकर शाम को खायें रोज़ रोज़
,,, लहसुन का रस सरसों के तेल में मिलाकर नीचे से ऊपर रोज़ रोज़ लिंग की मालिश करें
,,,प्याज का सेवन करते रहें।
,,असली घी से भी रोज़ रोज़ लिंग की मालिश नीचे से ऊपर करें।
,, शायद इनसे समय में बढ़ोतरी हो सकती है।
नोट,,, स्त्री वर्ग अगर सहवास से क्लाइमेक्स में नहीं पहुंच पाती है तो बाद में मैस्टरबेशन से संतुष्ट रहते रहें। मानसिक दबाव में ना रहें। पुरुष और महिला को जो उनके शरीर के लिए अच्छा रहे वो ही करें और रिश्क बिल्कुल भी ना लें।
,,, सेक्सोलॉजिस्ट के सौजन्य से मालूम हुआ कह दिया और अंन्यथा ना लें।
,, अशोभनीय टिप्पणी और तर्क वितर्क से बचें।
,,,
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बड़ी उम्र की स्त्री मोहब्बत इसलिए नहीं करती कि तुम राम बनकर अहिल्या का उद्धार करोगे..
बड़ी उम्र की स्त्री देखती है एक साया जिसकी छाँव में वो उम्र की थकान उतार सकें,वो ढूँढती हैं एक अल्हड़ दोस्त..जिसके साथ सड़क पर भींग सकें..
तुम में कुछ ख़ास है या तुम्हारी कमसिनी लालायित नहीं करती उन्हें वो चाहती हैं...एक हमसफ़र ऐसा हो...जिसकी वो दोस्त और प्रेमिका भी बन सकें...
कभी गुरूर आ जाए खुद पर तो आईने में देख लेना..
परिपक्व खूबसूरती और नादान सुंदरता में कितना फर्क होता हैं।.कभी लगे कि कुछ जीत लिया है तुमने तो झांकना उनके दिल में , खुद की हार पर कितना ख़ुश हो रही हैं वो...बड़ी उम्र की स्त्री महज़ एक श्रद्धा की मूरत ढूँढ़ती हैं...।
जिसके गीत गुनगुनाते उम्र गुज़र जाए ।
बड़ी उम्र की स्त्री जड़ से गहरी होती हैं...तुम तोड़ने जाओगे...तो ख़ुद की साँसें गँवा दोगे ।
बड़ी उम्र की स्त्री भावुक प्रेम करती हैं...मगर इसका मतलब ये क़तई नहीं कि वो समझती नहीं...वो तुम्हारी नादानियाँ दरकिनार करती हैं!!
दरअसल इन्हें नहीं जीना अब छलावे की ज़िंदगी इसलिए अब वो पारदर्शी प्रेम चाहती हैं...
इससे पहले कि वक्त उड़ा ले जाए उनकी बची हुई नादानियाँ ..ये बड़ी उम्र की औरतें चंद लम्हों में सारी जिंदगी जीने की चाहत रखती हैं.।।
-स्वामी देव
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असली मर्द अपनी पत्नी की
सारी ख़्वाहिशें पूरी करने के लिए
हालातों से लड़ता है औऱ
कमज़ोर मर्द अपनी पत्नी से
लड़ता है...
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कितना भय था मुझे, तुम्हे खोने का, तुम्हारे बिना जीवन की कल्पना करना भी संभव नहीं होता था मेरे लिए। एक पल भी तुमसे नाराज़ होकर नहीं रह सकता था मैं। तुम्हारे दूर जाने की बातें सुनकर फफक-फफक कर रो देता था मै....... और अब देखो बरसों हों गये तुम्हारी आवाज़ सुने हुए। महीने बीत गए तुम्हारी तस्वीरें नहीं देखा। आज तुम मेरे साथ नहीं हों फिर भी जी रहा हूं मैं। सच कहूं तो अब तुम्हारे साथ होने या न होने पर अब तनिक भी फर्क नहीं पड़ता!.. पर पीड़ा होती है कि तुमको मैंने इतना चाहा ही क्यों...
ऐसा नहीं है कि तुम्हारे बाद किसी अन्य में प्रेम खोजूंगा, परन्तु हां यदि कोई आया प्रेम लेकर मेरे लिए तो उसके प्रेम को सहज स्वीकार भी अवश्य करूंगा, क्युकी प्रेम की महत्ता जानता हूं मैं...!!!
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प्रश्न,,, एक महिला मित्र का,,मेरा पार्टनर सहवास में रूचि नहीं रखता। जब मौका मिलता है वो मेरे स्तनों को चूसता रहता है।राय दें।
उत्तर,, जैसा बताया कि पार्टनर सहवास की पहल नहीं करता।आप पहल करके सहवास के लिए उसे राजी करती हैं।
,, अच्छा है कि आप फोरप्ले भी करें और उसकी कामेच्छा बनायें। स्त्री का सहवास में पहल अच्छा नहीं समझा जाता है।पर करना चाहिए ।
,, शादी को छै साल हो गए हैं। बच्चों को घर में आ जाना चाहिए था।यह सोच अकेले रह के थोड़ा और घूमेंगे ,बिल्कुल भी सही नहीं है।यह भी देखा,सुना गया है कि ज्यादा समय निकल जाता हैं तो संतान के कंन्सीव होने में भारी मुश्किल हो जाती है। इसीलिए और देर नहीं। क्ला
,, संतान पैदा करने के लिए आपके पार्टनर को सहवास करना पड़ेगा। इसके लिए दोनों को फोरप्ले भी करना चाहिए जिससे स्त्री में उत्तेजना ला कर योनि में गीलापन लाया जा सके। सूखी योनि में कभी भी सहवास नहीं करना चाहिए । दोनों को मिल जूल कर रोज रोज या एक दिन छोड़ कर सहवास करना चाहिए।देखा गया है लोग थूक और तेल का भी इस्तेमाल करते हैं
,, जैसा कि देखा गया कि स्त्री को क्लाइमेक्स में लाने में दस से पंद्रह मिनट लग जाते हैं। और पुरुष का इतने समय तक रूकना नामुमकिन है। इसीलिए फोरप्ले करके योनि की उत्तेजना को बढ़ावा दिया जा सकता है।
,,,यह सही बात है कि महिला ना तो खुल कर बात कर सकती है और ना पहल कर सकती हैं फिर भी उसे अपने पार्टनर को सहवास के लिए राज़ी करना ही पड़ता है।
,,रही बात स्तनों के चूसने का कुछ ज्यादा ही किया जा रहा है।इसे कह सकते हैं स्तन मैथुन।
,, जबकि मैथुन हैं चार प्रकार के, योनि मैथुन, मुखमैथुन, हस्तमैथुन और गुदामैथुन।
,, अगर स्तनों का चूसना तुम्हें ठीक लगता है तो ओके। वरना स्तनों की निप्पल पर लाल मिर्च पीसकर लगाएं और पार्टनर को दूर भगायें
, अपने पार्टनर को समझाये कि सहवास सेहत के लिए अच्छा होता है और रेगुलर होने से ठीक रहता है
,,, डाक्टर कोठारी सौजन्य से मालूम हुआ कह दिया और अंन्यथा ना लें
,, अशोभनीय टिप्पणी और तर्क वितर्क से बचें।
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प्रेम और सेक्स ❤
सेक्स शरीर की जरूरत है ,तो ये गलत नही है ।पर सेक्स को प्यार कहने की भूल से बचें।
ईमानदार होकर रहे ।अगर सेक्स करना है तो सामने वाले को साफ शब्दों में कहे ।और साथी से पहले ,खुद को स्पष्ठ कर ले !
औरत फूल की तरह कोमल होती है ।और फूल को रगड़कर ,नोचकर ,उसके शरीर पर निशान बनाकर या बाहर भीतर घिसकर ,प्यार नही किया जाता । स्त्री का शरीर और उसकी योनि की नसें ,बेहद संवेदनशील होती है ।बहुत ज्यादा बारीक होती है ।
आज जो महिलाए ,अपनी डॉक्टर के पास जा रही है ,उसका एक कारण ये भी है कि उनके शारीरिक सम्बन्धो में हिंसा है ।वासना के वेग के चलते ,न तो पुरुष को होश रहता और न स्त्री इतनी हिम्मत कर पाती की पुरुष को( न) कह सके ।
और फिर बच्चादानी में हजारो बीमारी लग जाती है ।महावारी में भयानक दर्द ,ocd ,pocd और पता नही क्या क्या ,सहन करना पड़ता है ।
पुरुष एक्टिव है स्वभाव से और स्त्री पैसिव !
इसलिए यहां पुरुष को समझना चाहिए कि पल भर की सेक्स के लिए किसी स्त्री का शरीर खराब न करें ।वैसे भी अगर सेक्स को भी धर्य और तरीके से किया जाए ,और एक ठहराव हो भीतर तो उसके परिणाम दोनों व्यक्तियों के लिए सुखद होते है ।और सन्तुष्टि भी मिलती है ।
लेकिन जोश में आकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने वाले पुरुष ,कभी भी सन्तुष्टि को उपलब्ध नही होते ।
जो व्यक्ति विवाहित है ,उन्होंने अनुभव किया होगा कि सालो तक सेक्स करने पर भी उनके भीतर सेव इच्छा ज्यों की तँयो है ।
इसका कारण यही है कि उन्हें गहराई ही नही जानी कभी इस चीज की ।
45 मिनेट से पहले तो स्त्री का शरीर खुलता ही नही की वो तुम्हे अपनी बाहों में भरे ,या तुम्हे अनुमति दे कि तुम उसके भीतर प्रवेश करो ।
इसलिए फोरप्ले का इतना महत्व है ।और ठीक उसी तरह आफ्टरप्ले भी अर्थ रखता है कि तुम्हारी वजह से मैं जीवन ऊर्जा का आनंद ले पाया।
केवल पेनिट्रेशन को सेक्स समझने वाले ,बलात्कारी है ।अपने ही साथी का बल पूर्वक हरण करना ,बलात्कार ही होता है ।
आज जो 70 फीसदी महिला ऑर्गेज़्म से अनजान है ,उसका कारण सेक्स की अज्ञानता है ।इस बात को अहंकार पर चोट न समझे ,ब्लिक अपने आपको बेहतर बनाने का प्रयास करें ।अपनी महिला मित्र के पैर छुए ,उससे अनुमति ले ,उसके प्रति श्रद्धा भाव रखे ,और इस बात का ध्यान रखे कि उसे दर्द न दे ।आनंद दे ।
भले तुम दस मिनट ,आधे घण्टे का सेक्स कर लो ,पर ओरत अछूती ही रह जाती है तुम्हारे स्पर्श से ,और तुम भी अधूरे ही लौटकर आते है । बहुत धीरे धीरे शरीर तैयार होता है ,बहुत धीरे धीरे वो द्वार खुलते है ,जब तुम्हे अनुमति मिले।
और ये सब समझने के लिए भीतर स्थिरता चाहिए ।और बिना मैडिटेशन के ये सम्भव नही ।
बिना मैडिटेशन जीवन उथला ही रहता है ।अगर गहराई चाहिए जीवन मे ,तो ध्यान बहुत जरूरी है ।
होश ,ठहराव ,स्थिरता ,धीरज ,प्रेम ,श्रद्धा
ये सारे शब्द केवल ध्यान करने से ही जीवन मे उतरेंगे ।
किताबे पढ़ने या ज्ञान सुनने से कुछ नही होगा ।
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पुरुष कि काम इच्छा सेकण्टो मे तेयार होजाती है वेसी इच्छा से स्त्रियो मे तत्काल कामुक्त पैदा नही होती है लेकिन जब स्त्री के गहने कपड़े सौंदर्य वस्तु पाने की इच्छा होती वह पुरुष काम इच्छा जितनी उतेजान होती है वेसे ही तीव्र पैदा हो जाती जैसे सीता की सोने के हिरण पाने की इच्छा! जब पुरुष मे सेक्स पैदा होता है और सेक्स नही कर पाता है वह उसका सेक्स दमन हो जाता है यह दमन मानसिक रूप कई विकृति पैदा करता है उसमे कृोध प्रथम है ठीक वैसा दमन स्त्री इच्छा वाली चाही गई वस्तु नही मिलने से होती है उस दमन से स्त्रियो मे मानसिक और शरीर मे विकृति पैदा होती है पुरुष मे सेक्स स्त्री दृश्य से उत्पन्न होता है लेकिन स्त्री मे प्रेम और भावुकता से काम इच्छा पैदा होती है वैसे तो स्त्री मे मासिक धर्म के बाद एक बार सेक्स इच्छा होती है जो स्वभाविक है यह मासिक धर्म के दोरान् सभी मादा जीवो मे सेक्स उत्पन्न होता है, स्त्री के लिए सेक्स पुरुष की तरह स्वभाव नही है लेकिन पुरुष को कन्ट्रोल के लिए सेक्स उसका एक मात्र हतियार है और पुरुष की कमजोरी सेक्स है
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#सेक्स_में_पुरुष_कमजोर_होता_है।
अक्सर आप देखते हैं कि मर्द किसी स्त्री को देखता है कि सेक्स करने, उस स्त्री का जिस्म पाने के लिए उत्तेजित हो जाता है ।
उत्तेजना मन मे , दिमाग में, और तन में भी आ जाता है पुरुष का लिंग उत्तेजित होकर खड़ा हो जाता है कई बार तो कुछ के साथ ऐसा भी है कि जेब मे हाथ रखकर लिंग को पकड़ना पड़ता है इस तरह की कहीं लिंग शरीर से उखड़कर भाग न जाय ।
कई पुरुषों का तो ऐसा हाल हो जाता कि वीर्य कपड़े में ही स्खलित हो जाता है ।
ठीक इसके विपरीत आप स्त्री में ऐसा नही देखेंगे जितना पुरुष में देखेंगे। स्त्री को जब तक प्यार से छुआ न जाये, चूमा न जाये, स्तन दबाया न जाय उसकी योनि गीली नही होती है। बहुत कम स्त्री होती हैं जिनका योनि किसी पुरुष को देखकर गीली हो जाय ।
इस दोनों का मतलब समझिए ! जो वस्तु हल्का ,कमजोर होता है वो जल्दी हिल जाएगा,उखड़ जाएगा और जो मजबूत, भारी होता है वो लम्बा समय तक टिकता है, उखड़ता नहीं ।
कमजोर पुरुष जल्दी उत्तेजित हो जाता है पर स्त्री जल्दी सेक्स के लिए उत्तेजित नही होती है ,स्त्री को उत्तेजित करने के लिए मुहब्ब्त करना पड़ता है ,प्यार का स्पर्श देना पड़ता है ये सब करने के लिए पुरुष का मजबूत होना जरूरी है तभी स्त्री की योनि गीली होती है और सम्भोग में आनन्द आता है ।
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दो #स्त्रियों का आपसी प्रेम पुरुषों कि अपेक्षा अधिक गहरा और भावात्मक होता है उनमें एक दूसरे के प्रति आकर्षण और कामवासना भी बहुत होती है।
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