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साधनाओं से संजीवनी

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*घर के लड़ाई झगड़े मिटाने हेतु :* पति पत्नी के लड़ाई झगड़े हो तो 📿 *10 माला इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक रोज जपने से* शांति हो जाती है। मंत्र - *खं* घर का एक मुखिया रात को सोते समय *एक लोटा जल का अपने पलंग के नीचे रख दें।* *सुबह उठकर 'ओम् नमो नारायणाय' का जप करते हुए उस कलश को देखें और 🌳 *पीपल देवता को वह जल अर्पण कर दें।* *-पूज्य बापूजी* *यदि भाई-भाई में झगड़ा होता हो* *सास बहू में झगड़ा होता हो तो :* *पिता पुत्र में झगड़ा होता हो* https://t.me/sss963 *पति-पत्नी में झगड़ा होता हो* और एक दूसरे पर दोषारोपण करते हो तो क्या करें ❓ *यह प्रयोग घर की मुख्य बड़ी महिला 5 शुक्रवार तक करें।* *शुक्रवार की सुबह चावल बना लें, उसमें थोड़ी मिश्री डाल दें, एक चम्मच गाय का घी डाल दें और उस पर दो रोटी रखकर ( रात की बची रोती हो तो भी चलेगा) देसी गाय को प्रत्येक शुक्रवार सुबह खिला दें।* *यह प्रयोग 5 शुक्रवार तक करें।* *मौन पूर्वक घर से जाए और वापस जब आए तो पीछे मुड़कर ना देखें।* *और घर के सदस्य रोज 15 मिनट सत्संग सुनने का नियम रखें।* 4️⃣ *पति पत्नी के झगड़े हो तो क्या करें?* *पत्नी रात को सिराने के नीचे कपूर रखें और पति सिंदूर रखें l* सुबह उठकर पति सिंदूर घर में चढ़ाते और पत्नी कपूर की आरती कर लो पति पत्नी के झगड़े दूर हो जाएंगे l *-पूज्य बापूजी* https://t.me/sss963 *पति अगर नाराज होता हो तो :* पत्नी को चाहिए कि *ओम ह्रीं* का 📿जप करें और गुरु मंत्र का जप करें । *और बापूजी का चित्र एकटक देखें, जब तक आंखों में आंसू ना आए और फिर बंद आंखों से देखें और फिर शुभ संकल्प करें।* 🏡 इससे घर का वातावरण दिव्य हो जाएगा और पति का स्वभाव बदल जाएगा। *पीपल देवता को 21 दिन तक जल चढ़ाएं।* *जल में थोड़ा गुड़ और चने डाल दें।* आज जल चढ़ाते हुए *ओम खं खं खं* का जप करें, इससे पति-पत्नी का मनमुटाव शांति में बदल जाएगा।* *रविवार के दिन लोटे में गंगाजल भरकर उसमें देखते हुए 21 बार गायत्री मंत्र बोलो*, और फिर वह जल घर की दीवारों पर छिड़क दें।* *पैरों में ना आए इसकी सावधानी रखें।* *घर में बरकत होगी और लड़ाई झगड़े बंद हो जाएंगे।* *- श्री सुरेशानंद जी* *घर के पूर्व और उत्तर कोने में नंगे पैर भगवान का नाम बोलते-बोलते टहलना चाहिए।* इससे घर में शांति बढ़ेगी। *घर में बहुत झगड़े हो तो एक 🥥 नारियल लेकर पूरे घर में घूमे* और फिर उसे पीपल देव को चढ़ा दे दिया, पेड़ के पास दिया जला दें और संकल्प करें कि हमारे घर के झगड़े जाएं l *- श्री सुरेशानंद जी* https://t.me/sss963 घर में ज्यादा अशांति रहती हो तो रोज सुबह ये प्रयोग करें। *लोटे में दूध, गुड़ का चूरा और पानी मिलाकर पीपल के मूल में डाल दें और पीपल देव की परिक्रमा करें*, अपना इष्ट मंत्र बोलते हुए और 🪔 घी का दिया जला दें।* *दूसरा प्रयोग* - शनिवार और रविवार का दिन छोड़कर 🌳 *पीपल का एक पत्ता घर ले आएं और उस पर केसर का घोल बनाकर*, अनार के पेड़ की कलम से *'ओम नमो भगवते वासुदेवाय'* तीन बार लिखें, गर्म आसन पर बैठकर और पूजा के स्थान पर रख दें, धूप दीप दिखा दें।* स्वस्थ,सुखी व सम्पन्न जीवन जीने के लिए ये टेलिग्राम चैनल जोईन करें व औरों से भी करवाएं और शेयर करते जाएं :* https://t.me/sss63 https://t.me/sss963 https://t.me/sss981 *टेलीग्राम ऐप पर हमसे जुड़ें* *इसे यहां से डाउनलोड करें:* https://telegram.org/dl
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*तुलसी सेवन से मिले दीर्घायुष्य व स्वास्थ्य :* तुलसी शारीरिक व्याधियों को तो दूर करती ही है, साथ ही मनुष्य के आंतरिक भावों और विचारों पर भी कल्याणकारी प्रभाव डालती है। ‘अथर्ववेद’ में आता है कि यदि त्वचा, मांस तथा अस्थि में महारोग प्रविष्ट हो गया तो उसे श्यामा तुलसी नष्ट कर देती है। https://t.me/sss963 दोपहर भोजन के पश्चात (दोपहर से पहले तोडे हुए) तुलसी – पत्ते चबाने से पाचनशक्ति मजबूत होती है। दूषित पानी में तुलसी के कुछ ताजे पत्ते डालने से पानी का शुद्धिकरण किया जा सकता है। बर्रे, भौंरा, बिच्छू ने काटा हो तो उस स्थान पर तुलसी के पत्ते का रस लगाने या तुलसी-पत्ता पीसकर पुलटिस बाँधने से जलन व सूजन नहीं होती है। तुलसी के बीज बच्चों को भोजन के बाद देने से मुखशुद्धि होने के साथ–साथ पेट के कृमि भी मर जाते हैं। तुलसी बीज नपुंसकता को नष्ट करते हैं और पुरुषत्व के हार्मोन्स की वृद्धि भी करते हैं। शास्त्रों में आता है कि जिनके घर में लहलहाता तुलसी का पौधा रहता है, उनके यहाँ वज्रपात नहीं हो सकता अर्थात जब तुलसी अचानक प्राकृतिक रूप से नष्ट हो जाय तब समझना चाहिए कि घर पर कोई भारी संकट आनेवाला है। बच्चों को तुलसी – पत्र देने के साथ सूर्य नमस्कार करवाने और सूर्य को अर्घ्य दिलवाने के प्रयोग से बुद्धि में विलक्षणता आती है। तुलसी की क्यारी के पास प्राणायाम करने से सौन्दर्य, स्वास्थ्य और तेज की अत्युत्तम वृद्धि होती है। प्रात: काल खाली पेट दो–तीन चम्मच तुलसी रस सेवन करने से शारीरिक बल एवं स्मरणशक्ति में वृद्धि के साथ–साथ व्यक्तित्व भी प्रभावशाली होता है। *अत: जीवन को उन्नत बनाने के इच्छुक प्रत्येक व्यक्ति को २५ दिसम्बर को तुलसी – पूजन अवश्य करना चाहिए।* स्त्रोत – लोक कल्याण सेतु – नवम्बर २०१६ से *स्वस्थ,सुखी व सम्पन्न जीवन जीने के लिए ये टेलिग्राम चैनल जोईन करें व औरों से भी करवाएं और शेयर करते जाएं :* https://t.me/sss63 https://t.me/sss963 https://t.me/sss981 *टेलीग्राम ऐप पर हमसे जुड़ें* *इसे यहां से डाउनलोड करें:* https://telegram.org/dl
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*इस प्रयोग से तन और मन के सभी रोग दुम दुबाकर भागेंगे :* *शनिवार विशेष प्रयोग :* https://t.me/sss963 *शनिवार को* यह प्रयोग प्रारंभ करें l *शनिवार को 🌳पीपल देव को जल चढ़ा दें, फिर उनकी प्रदक्षिणा करें।* *और शनिवार के दिन से 📿एक माला रोज जप करेंl* *21 दिन तक लगातार निम्नलिखित मंत्र की एक माला रोज जप करने से शरीर की बीमारियाँ, डिप्रेशन, मानसिक तनाव आदि मन के रोग...सभी नष्ट हो जाएंगे।* मंत्र - *ॐ हौं जूंँ सः।* *स्वस्थ,सुखी व सम्पन्न जीवन जीने के लिए ये टेलिग्राम चैनल जोईन करें व औरों से भी करवाएं और शेयर करते जाएं :* https://t.me/sss63 https://t.me/sss963 https://t.me/sss981 *टेलीग्राम ऐप पर हमसे जुड़ें* *इसे यहां से डाउनलोड करें:* https://telegram.org/dl
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*बच्चे का जन्म दिव्य कैसे बनाएं :* 1️⃣🤰🏻 *सुख पूर्वक प्रसूति कैसे कराएं ❓* 2️⃣👼🏻 *बच्चे को जन्म देने के बाद तुरंत क्या करें ❓* 3️⃣ *जन्म से 3 साल तक बच्चे को क्या दें, जिससे वह अति होनहार बने ❓* 🔶🔹 *प्रसूति* 🔹🔶 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ तुलसी की जड़ कमर में बाँधने से स्त्रियों को, विशेषतः गर्भवती स्त्रियों को लाभ होता है। प्रसव वेदना कम होती है और प्रसूति भी सरलता से हो जाती है। पालक के नियमित सेवन से गर्भवती महिला को प्रसव के समय अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता । गर्भवती स्त्री को 9वां महीना लगते ही 10 ग्राम बादाम का तेल दूध व मिश्री के साथ देने से प्रसव सुलभ हो जाता है l *सुखपूर्वक प्रसवकारक मंत्र :* *पहला उपाय :* *"ऎं ह्रीं भगवति भगमालिनि चल चल भ्रामय भ्रामय पुष्पं विकासय विकासय स्वाहा।"* इस मंत्र द्वारा अभिमंत्रित दूध गर्भिणी स्त्री को पिलायेंगे तो अवश्य ही सुखपूर्वक प्रसव होगा। *दूसरा उपाय :* गर्भिणी स्त्री स्वयं प्रसव के समय *"जम्भला-जम्भला"* जप करे। स्वयं न कर सके तो उसके लिए संकल्प करके कोई भी जप कर सकता है। *तीसरा उपाय :* देशी गाय के गोबर का 12 से 15 मि.ली. रस *ॐ नमो नारायणाय* मंत्र का 21 बार जप करके पीने से भी प्रसव-बाधाएँ दूर होंगी और बिना ऑपरेशन के प्रसव होगा। और *श्रीगुरुगीता* के कुछ श्लोकों का पाठ गर्भिणी स्त्री स्वयं करे या कोई अन्य करे और गर्भिणी स्त्री को वह रस पिलाये। इससे भी प्रसव-बाधाएं दूर होंगी और बिना शल्यक्रिया के सुखपूर्वक प्रसव होगा। https://t.me/sss963 *प्रसुति के समय अमंगल की आशंका हो तो निम्न मंत्र का जप करें :* *सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।* *शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोSस्तुते‌‌।‌।* (दुर्गासप्तशती) *दिव्य शिशु संस्कार :* (संत श्री आशारामजी आश्रम पुस्तक) *बच्चे के जन्म के बाद क्या करें* ❓ *होनहार, बहादुर और दिव्य संतान बनाने का आसान प्रयोग :* *1️⃣ बच्चे के जन्मते ही नाभि छेदन तुरंत नहीं बल्कि 4-5 मिनट के बाद करें।* *नाभि नाल में रक्त प्रवाह बंद हो जाने पर नाल काटें।* *नाल के तुरंत काटने से बच्चे के प्राण भय से आक्रांत हो जाते हैं, जिससे वह जीवन भर डरपोक बना रहता है।* 2️⃣ *बच्चे का जन्म होते ही, मूर्छावस्था दूर करने के बाद बालक जब ठीक से श्वास लेने लगे, तब थोड़ी देर बाद स्वत: ही नाल में रक्त का परिभ्रमण रुक जाता है।* *नाल अपने-आप सूखने लगती है, तब बालक की नाभि से आठ अंगुल ऊपर रेशम के धागे से बंधन बाँध दें।* *फिर बंधन के ऊपर से नाल काट सकते हैं।* 3️⃣ नाभि-छेदन के बाद बच्चे की जीभ पर *सोने की सलाई से* (सोने की न हो तो चाँदी पर सोने का पानी चढ़ाकर भी उपयोग में ले सकते हैं) *शहद और घी के विमिश्रण, जैसे 1/2 ग्राम शहद और 2 ग्राम घी (📌दोनों की मात्रा समान न हो) से 'ॐ 'लिखना चाहिए।* 4️⃣ फिर बच्चे को पिता की गोद में देना चाहिए। पिता को बच्चे के 👂कान में यह मंत्र बोलना चाहिए : *ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ...(सात बार ॐ)* *अश्मा भव। - तू ! पाषाण की तरह अडिग रहना।* *ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ... (सात बार ॐ)* *परशुः भव। - तू! कुल्हाड़ी की तरह विघ्न-बाधाओं का सामना करनेवाला बनना।* *ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ... (सात बार ॐ)* *हिरण्यमयस्त्वं भव। - तू ! सुवर्ण के समान चमकनेवाला बनना।* *ऐसा करने से वहवबच्चा दूसरे बच्चों से अलग व प्रभावशाली बनता है।* 5️⃣ *प्रथम बार स्तनपान कराते समय माँ पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठे।* *स्तन पानी से धोकेर थोड़ा-सा दूध निकलने दें।* *फिर मां बच्चे को पहले दाहिने स्तन का पान कराये।* (क्या करें, क्या ना करें पुस्तक से, पृष्ठ 38) *स्वस्थ,सुखी व सम्पन्न जीवन जीने के लिए ये टेलिग्राम चैनल जोईन करें व औरों से भी करवाएं और शेयर करते जाएं :* https://t.me/sss63 https://t.me/sss963 https://t.me/sss981 *टेलीग्राम ऐप पर हमसे जुड़ें* *इसे यहां से डाउनलोड करें:* https://telegram.org/dl
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*मार्गशीर्ष मास की महिमा :-* ( 28 नवम्बर से 26 दिसम्बर 2023 )* *मार्गशीर्ष मास की माहात्म्य* *श्रीमद्भगवद्गीता में अपनी विभूतियों का वर्णन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि "मासानां मार्गशीर्षो अहम्" सभी महीनों में मार्गशीर्ष मेरा ही स्वरूप है।* *मार्गशीर्ष मास में कपूर का दीपक जला के भगवान को अर्पण करनेवाला अश्वमेध यज्ञ का फल पाता है और कुल का उद्धार कर देता है।* *मार्गशीर्ष मास में विष्णुसहस्त्र नाम, श्रीमद्भागवत गीता और गजेन्द्रमोक्ष पाठ की खूब महिमा है। इन तीनों का पाठ अवश्य करें।* https://t.me/sss963 *इस मास में अपने गुरु को, ईष्ट को "ॐ दामोदराय नमः" कहते हुए प्रणाम करने की बड़ी भारी महिमा है।* *जो उपासक मार्गशीर्ष के महीने में शंख में तीर्थ का जल लेकर उसकी एक बून्द से भी मुझे नहलाता है, वह अपने समूचे कूल को तार देता है।* *जो मार्गशीर्ष मास में भक्ति पूर्वक शंख ध्वनि कर के मुझे स्नान कराता है, उसके पितर स्वर्गलोक में प्रतिष्ठित होते हैं।* *जो शंख में जल लेकर “ॐ नमो नारायणाय'' का उच्चारण करते हुए मुझे नहलाता है, वह सम्पूर्ण पापों से मुक्त हो जाता है।* *जो तुलसी काष्ठ का धिसा हुआ चन्दन मुझे अर्पण करता है, उसके सौ जन्मों के समस्त पातकों को मैं भस्म कर देता हूँ।* *जो कलियुग के मार्गशीर्ष मास में मुझे तुलसी काष्ठ का चन्दन देते है, वे निश्चय ही कृतार्थ हो जाते हैँ। जो शंख में चन्दन रखकर मार्गशीर्ष मास में मेरे अंगो में लगाता है, उसके ऊपर मैं विशेष प्रेम करता हूँ।* *जो मार्गशीर्ष में तुलसीदल ओर आँवलों से भक्ति पूर्वक मेरी सेवा करता है, वह मनोवांछित फल को पाता है।* *जो शंख में फूल, जल और अक्षत रखकर मुझे अर्घ्य देता है उसे अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है।* *जो वैष्णव मेरे मस्तक पर शंख का जल घुमाकर उसे अपने घर में छिड़कता है उसके घर में कुछ भी अशुभ नहीं होता।* *मृदंग और शंख की ध्वनि तथा प्रणव (ॐकार) के उच्चारण के साथ किया हुआ मेरा पूजन मनुष्यों को सदैव मोक्ष प्रदान करनेवाला है। (स्कन्द पुराण, वैष्णव खंड)* *ऋषिप्रसाद – अप्रैल २०२२* *शंख के कुछ स्वास्थ्य – प्रयोग* *पूज्य बापूजी शंख के स्वास्थ्य-हितकारी प्रयोग बताते हुए कहते हैं : “कोई बच्चा तोतला अथवा गूँगा है तो शंख में पानी रख दो। सुबह का रखा हुआ पानी शाम को, शाम का रखा हुआ पानी सुबह को ५० – ५० मि.ली. उस बच्चे को पिलाओ और उसके गले में छोटा-सा शंख बाँध दो। १ – २ चुटकी ( ५० से १०० मि.ग्रा. ) शंख भस्म शहद के साथ सुबह-शाम चटाओ तो वह बच्चा बोलने लग जायेगा। शंख भस्म अन्य कई रोगों में भी एक प्रभावकारी औषधि है।* *गर्भिणी स्त्री शंख का पानी पिये तो उसके कुटुम्ब में २-४ पीढ़ियों तक तोतला – गूँगा बच्चा नहीं पैदा होगा। यह हमारे भारत की खोज है, पाश्चत्य विज्ञानियों की खोज नहीं है। गूँगे और तोतले व्यक्ति को शंख फायदा करता है और शंख-ध्वनि वातावरण को शुद्ध करती है इतना ही नहीं, दूसरे भी बहुत सारे फायदे बताये गये हैं। जहाँ लोगों का समूह इकट्ठा होता है वहाँ शंखनाद पवित्र, सात्विक माना जाता है।* *संत श्री आशारामजी बापू आश्रम* *स्वस्थ,सुखी व सम्पन्न जीवन जीने के लिए ये टेलिग्राम चैनल जोईन करें व औरों से भी करवाएं और शेयर करते जाएं :* https://t.me/sss63 https://t.me/sss963 https://t.me/sss981 *टेलीग्राम ऐप पर हमसे जुड़ें* *इसे यहां से डाउनलोड करें:* https://telegram.org/dl
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🕉️ *7 जन्मों की दरिद्रता चली जायेगी 50 दिन के इस प्रकार के अनुष्ठान से।* *स्वस्थ,सुखी व सम्पन्न जीवन जीने के लिए ये टेलिग्राम चैनल जोईन करें व औरों से भी करवाएं और शेयर करते जाएं :* https://t.me/sss63 https://t.me/sss963 https://t.me/sss981 *टेलीग्राम ऐप पर हमसे जुड़ें* *इसे यहां से डाउनलोड करें:* https://telegram.org/dl
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*मार्गशीर्ष मास में लक्ष्मी पूजन की बड़ी भारी महिमा :* 28 नवंबर से 26 दिसंबर 2023 तक मार्गशीर्ष मास : *इस मास के हर गुरुवार को उपवास करके लक्ष्मी जी का पूजन करना चाहिए।* ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है और उसके जीवन से सारी कठिनाईयां दूर हो जाती हैं। *_30 नवंबर, 7, 14 और 21 दिसंबर - यह दिन है लक्ष्मी पूजा के लिए_* *सुबह नहा धोकर लक्ष्मी जी का धूप - दीप, पुष्प आदि से पूजन करें :* *और निम्न मंत्र की दस माला करें :* *ओम श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमल वासिन्न् यै स्वाहा।* *इन दिनों में *📖श्री सूक्त का पाठ* भी विशेष फलदाई है।* *लक्ष्मी पूजन के समय *दक्षिणावर्ती शंख* पास में रख लेना चाहिए।* *इन दिनों में गरीबों और जरूरतमंदों को दान अवश्य करना चाहिए।* *मार्गशीर्ष मास की अति अद्भुत, दिव्य, महा पुण्यदाई महिमा :* *_।।मासानाम मार्गशीर्षोऽमं।।_* _ "महीनों में मार्गशीर्ष मैं हूं....."_ *- श्री कृष्ण भगवान* *स्वयं भगवान विष्णु ने ब्रह्मा जी को बताई मार्गशीर्ष मास की महिमा स्कंद पुराण में।* *जो कोई पुण्य करने वाले मेरे भक्त हैं उन्हें मार्गशीर्ष व्रत अवश्य करना चाहिए।* *व्रत अर्थात साधना के कुछ नियम जो मार्गशीर्ष में पालन करने से महा पुण्य प्रदान करते हैं।* *मार्गशीर्ष के कुछ महापुण्यदाई साधना के नियम :* 1️⃣ *ब्रह्म मुहूर्त में उठकर विधिपूर्वक आचमन लेकर अपने गुरुदेव को नमस्कार करें।* *इस मास में अपने गुरु को .... इष्ट को ....* *।।ॐ दामोदराय नमः।।_ * *कहते हुए प्रणाम करने की बड़ी भारी महिमा है।* 2️⃣ *इसके बाद आलस छोड़कर ब्रह्म मुहूर्त में साधक को ब्रह्म चिंतन और ध्यान करना चाहिए और गुरु मंत्र का जप करना चाहिए।* 3️⃣ *इस मास में ॐकार का उच्चारण मनुष्यों को सदैव मोक्ष प्रदान करने वाला है।* 5️⃣ *जो तुलसीदल और आंवले* को भक्ति पूर्वक मुझे अर्पण करता है वह *मनोवांछित फल* प्राप्त करता है।* 6️⃣ *गूगल में भैंस का घीू और शक्कर मिलाकर जो मेरा धूप करता है* उसकी अभिलाषा पूर्ण होती है ।* 7️⃣ *जो इस मास में *मेरी आरती उतारता है वह कोटी कल्प पर्यंत स्वर्ग लोक* में रहता है तथा इस महीने *आरती दर्शन करने वाले को भी परम गति मिलती है।* *इस मास में कपूर का दीपक जलाकर भगवान को अर्पण करनेवाला अश्वमेघ यज्ञ का फल पाता है और कुल का उद्धार कर देता है।* - श्री सुरेशानंदजी https://t.me/sss963 *मंत्रहीन और क्रियाहीन होने पर भी केवल मेरी आरती करने से मनुष्य की पूजा सर्वथा परिपूर्ण मानी जाती है।* 8️⃣ *इस मास में 'श्रीमद भागवत' ग्रन्थ को देखने की भी महिमा है* .... स्कन्द पुराण में लिखा है .... घर में अगर भागवत हो तो एक बार दिन में उसको प्रणाम करना।* 9️⃣ *भगवान कहते हैं कि *मार्गशीर्ष मास में जो मनुष्य प्रातः काल उठकर विधिपूर्वक स्नान करता है*, उस पर संतुष्ट होकर मैं अपने आप को उसे समर्पित कर देता हूंँ।* 🔟 *मार्गशीष में *सप्तमी* और *अष्टमी* मास शून्य तिथियां है।* *मास शून्य तिथियों में मंगल कार्य करने से वंश और धन का नाश होता है।* *यह 4,5, 19 और 20 दिसंबर को हैं।* *इन दिनों में कोई मंगल कार्य न करें।* 1️⃣1️⃣ *शिव पुराण के अनुसार मार्गशीर्ष मास में केवल अन्न का दान करने मात्र से मनुष्य को संपूर्ण इच्छित फलों की प्राप्ति हो जाती है और संपूर्ण पापों का नाश हो जाता है।* 1️⃣2️⃣ *यदि पूजा में कोई कमी रह गई हो तो कहें*_"हे भगवान जनार्दन।* *मैं मंत्र हीन, भक्ति हीन, क्रिया हीन हूंँ ।* *मैंने जो कुछ भी आपका पूजन किया है वह आपकी कृपा से परिपूर्ण हो।* 1️⃣3️⃣ *मार्गशीर्ष मास की पूनम अनंत फल देती है अतः इसका आदर करना चाहिए।* 1️⃣4️⃣ *इस प्रकार मार्गशीर्ष मास का व्रत रखने से पुत्रहीन को पुत्र, विद्यार्थी को विद्या, और निर्धन को धन की प्राप्ति होती है।* *ब्राह्मण को ब्रह्म तेज, क्षत्रिय को विजय और वैश्य खजाने का मालिक बनता है और क्षुद्र पाप से मुक्त होता है।* *तीनों लोकों में जो दुर्लभ वस्तुएं हैं, वह मनुष्य को मार्गशीर्ष मास में सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान व व्रत कर लेने से प्राप्त हो जाती हैं।* *मुझे वश में करने वाली भक्ति जो सर्वथा दुर्लभ है वह मार्गशीर्ष मास का महत्व श्रवण करने से प्राप्त हो जाती है। 🕉️ *मार्गशीर्ष मास में ॐकार गुंजन की महा पुण्यदाई महिमा :* 🕉️ *"इस मास में *ओंकार का उच्चारण मनुष्यों को सदैव मोक्ष प्रदान करने वाला है।"* *भगवान विष्णु, स्कंद, वैष्णव खंड* 🕉️ *पूज्य संत श्री आशारामजी बापू बता रहें इस ओमकार गुंजन की दिव्य महिमा :* 🕉️ *इस प्रकार भगवान को प्रेम से निहारते हुए ॐकार गुंजन करने से आप भगवान की गोद में बैठ जाओगे।* 🕉️ *इस प्रकार ॐ गुंजन करने से आपकी पूजा पाठ का प्रभाव कई गुना हो जायेगा।* 🕉️ *फिर आप एक मंत्र भी करोगे तो उसका कई गुना प्रभाव हो जायेगा।*
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*आज का हिन्दू पंचांग :* *दिनांक - 21 नवम्बर 2023* *दिन - मंगलवार* *विक्रम संवत् - 2080* *अयन - दक्षिणायन* *ऋतु - हेमंत* *मास - कार्तिक* *पक्ष - शुक्ल* *तिथि - नवमी रात्रि 01:09 तक तत्पश्चात दशमी* *नक्षत्र - शतभिषा रात्रि 08:01 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद* *योग - व्याघात शाम 05:41 तक तत्पश्चात हर्षण* *राहु काल - दोपहर 03:10 से 04:32 तक* *सूर्योदय - 06:57* *सूर्यास्त - 05:54* *दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:12 से 06:05 तक* https://t.me/sss963 *निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:00 से 12:52 तक* *व्रत पर्व विवरण - आँवला-अक्षय नवमी, साँईं लीलाशाहजी महाराज महानिर्वाण दिवस, श्री रंग अवधूत महाराज जयन्ती* *विशेष - नवमी को लौकी खाना त्याज्य है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* *21 नवम्बर - 2023, अक्षय-आँवला नवमी* *आँवला नवमी के दिन जप, दान, तर्पण आदि का अक्षय पुण्य होता है।* *इस दिन कपूर या घी के दीपक से आँवला वृक्ष के समीप दीपदान करें तथा निम्न मंत्र बोलते हुए प्रदक्षिणा करें -* *यानि कानि च पापानि जन्मान्तरक्रतानि च।* *तानि सर्वाणि नश्यन्तु प्रदक्षिणे पदे-पदे।।* *आँवले के वृक्ष के नीचे जप तथा भोजन करें।* *आँवला नवमी के दिन किया गया जप-ध्यान आदि पुण्यकर्म अक्षय होता है, इस कारण इसको ‘अक्षय नवमी’ भी कहते हैं।* *हमारे पूजनीय वृक्ष - आँवला* *आँवला खाने से आयु बढ़ती है। इसका रस पीने से धर्म का संचय होता है और रस को शरीर पर लगाकर स्नान करने से दरिद्रता दूर होकर ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।* *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।* *मृत व्यक्ति की हड्डियाँ आँवले के रस से धोकर किसी भी नदी में प्रवाहित करने से उसकी सद्गति होती है।* *(स्कंद पुराण, वैष्णव खंड, का.मा. 12.75)* *प्रत्येक रविवार, विशेषतः सप्तमी को आँवले का फल त्याग देना चाहिए। शुक्रवार, प्रतिपदा, षष्ठी, नवमी, अमावस्या और सक्रान्ति को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।* *आँवला सेवन के बाद 2 घंटे तक दूध नहीं पीना चाहिए।* *आंवला के औषधीय प्रयोग :* *१] जिन्हें भोजन में अरुचि हो या भूख कम लगती हो उन्हें भोजन से पहले २ चम्मच आँवला रस में १ चम्मच शहद मिलाकर लेना लाभकारी है।* *२] नाक, मूत्रमार्ग, गुदामार्ग से रक्तस्राव, योनिमार्ग में जलन व अतिरिक्त रक्तस्राव, पेशाब में जलन, रक्तप्रदर, त्वचा-विकार आदि समस्याओं में आँवला रस अथवा आँवला चूर्ण दिन में दो बार लेना लाभदायी है।* *३] आँवला रस में ४ चुटकी हल्दी मिलाकर दिन में दो बार लें । यह सभी प्रकार के प्रमेहों में श्रेष्ठ औषधि है।* *४] अम्लपित्त, सिरदर्द, सिर चकराना, आँखों के सामने अँधेरा छाना, उलटी होना आदि में आँवला रस या चूर्ण मिश्री मिलाकर लेना फायदेमंद है।* *५] रक्ताप्लता या पीलिया जैसे विकारों में आँवला चूर्ण का दिन में २ बार उपयोग करने से रस-रक्त का पोषण होकर इन विकारों में लाभ होता है।* *६] आँवला एवं मिश्री का मिश्रण घी के साथ प्रतिदिन सुबह लेने से असमय बालों का सफेद होना व झड़ना बंद हो जाता है तथा सभी ज्ञानेन्द्रियों की कार्यक्षमता बढ़ती है।* *सेवन- मात्रा : आँवला चूर्ण – २ से ५ ग्राम, आँवला रस – १५ से २० मि.ली.* *ध्यान दें : रविवार व शुक्रवार को आँवले का सेवन वर्जित है।* *स्वस्थ,सुखी व सम्पन्न जीवन जीने के लिए ये टेलिग्राम चैनल जोईन करें व औरों से भी करवाएं और शेयर करते जाएं :* https://t.me/sss63 https://t.me/sss963 https://t.me/sss981 *टेलीग्राम ऐप पर हमसे जुड़ें* *इसे यहां से डाउनलोड करें:* https://telegram.org/dl
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*रविवारी सप्तमी : 19 नवम्बर 2023 :* *पुण्यकाल : 19 नवम्बर सुबह 07:23 से 20 नवम्बर प्रातः 05:21 तक।* *इस दिन किया गया जप-ध्यान का लाख गुना फल होता है।* *रविवार सप्तमी के दिन अगर कोई नमक मिर्च बिना का भोजन करे और सूर्य भगवान की पूजा करे, तो घातक बीमारियाँ दूर हो सकती हैं।* https://t.me/sss963 *शनिवार के दिन विशेष प्रयोग :* *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण)* *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। (पद्म पुराण)* *आर्थिक कष्ट निवारण हेतु :* *एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है।* *📖 ऋषि प्रसाद - मई 2012 *स्वस्थ,सुखी व सम्पन्न जीवन लिए ये टेलिग्राम चैनल जोईन करें व औरों से भी करवाएं और शेयर करते जाएं :* https://t.me/sss63 https://t.me/sss963 https://t.me/sss981 *टेलीग्राम ऐप पर हमसे जुड़ें* *इसे यहां से डाउनलोड करें:* https://telegram.org/dl
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