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फार्मासिस्ट भर्ती :अन्य राज्यों की फर्जी डिग्रियों से रजिस्ट्रेशन का मामला, खुलासा होने के बाद सरकार ने अजय फाटक को रजिस्ट्रार लगाया!
जयपुर
फार्मासिस्ट भर्ती होने से पहले ही फार्मेसी काउंसिल की ओर से हुई गड़बड़ियों को लेकर हजारों अभ्यर्थियों में रोष है और वे सीफू के बाहर पिछले तीन दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्दी से जल्दी प्रोविजनल लिस्ट जारी हो लेकिन सरकार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं आने से हर दिन आस खोते जा रहे हैं ।उधर, सरकार ने ड्रग कंट्रोलर फर्स्ट अजय फाटक को फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार पद की जिम्मेदारी सौंपी है। रजिस्ट्रेशन किए जाने में की गई धांधली, लिस्ट कब जारी होगी या नहीं होगी, दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी, इसी को लेकर दैनिक भास्कर ने चिकित्सा मंत्री परसादी मीणा और नव नियुक्त रजिस्ट्रार अजय फाटक से सवाल-जवाब किए।
हम फिर से रजिस्ट्रेशन वेरिफाई करा रहे: मंत्री परसादी
सवाल : फार्मासिस्ट भर्ती को लेकर सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए थे, अब प्रोविजनल लिस्ट भी जारी नहीं की जा रही, ऐसा क्यों? मंत्री : सरकार भर्ती करना चाहती है और करेगी। लेकिन यह संभव नहीं कि गलत तरीके से रजिस्ट्रेशन करा चुके अभ्यर्थियों को भी नौकरी दे दी जाए। हम फिर से रजिस्ट्रेशन वेरिफाई करा रहे हैं। इसके बाद ही लिस्ट जारी करेंगे।
सवाल : क्या सरकार जल्दी प्रोविजनल लिस्ट जारी नहीं कर सकती? क्योंकि अगले कुछ दिनों में आचार संहिता लगने वाली है। हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल है। मंत्री : आचार संहिता की वजह से भर्ती नहीं अटकेगी। हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्दी से जल्दी छंटनी हो जाए और प्रोविजनल लिस्ट जारी हो सके।
सवाल : फाॅर्मेसी काउंसिल ने बिना डॉक्यूमेंट जांचे फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कर दिए, सरकार क्या करेगी? मंत्री : पूर्व रजिस्ट्रार नवीन सांघी सहित हर एक ही संदिग्ध भूमिका की जांच कराई जाएगी। नवीन सांघी को हटा दिया गया है और यह पता किया जा रहा है कि कितने फर्जी रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
अभ्यर्थियों के दस्तावेज जांच बड़ा टास्क, समय लगना लाजिमी
रजिस्ट्रार सवाल : अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल दस्तावेजों की जांच पर है, इसे कम से कम कितने समय में कर देंगे? रजिस्ट्रार : करीब साढ़े चार हजार अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच करना बड़ा टास्क है। इसमें समय लगना लाजिमी है। लेकिन हम कोशिश करेंगे कि अधिक से अधिक समय देकर जल्दी से जल्दी (कम से कम एक महीना) सभी के दस्तावेजों की जांच कर लें।
सवाल : क्या राजस्थान की यूनि. से डिग्री लेने वालों की भी जांच होगी? रजिस्ट्रार : बिलकुल। प्रदेश के निजी विवि से जिन्होंने डिग्री ली है और संदिग्ध हैं, उनकी जांच होगी।
सवाल : जांच में किन अधिकारियों को लेंगे, क्योंकि काउंसिल की ओर से तो पहले ही गड़बड़ियां हो चुकी हैं? रजिस्ट्रार : जांच में ड्रग विभाग के अधिकारी शामिल हाेंगे। अभी जो काउंसिल मेंबर हैं, उन्हें शामिल नहीं करेंगे। सरकार ने विश्वास जताया है, काम जल्दी पूरा करेंगे।
सवाल : सरकार ने आप पर भरोसा जताया है, आप अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरेंगे? रजिस्ट्रार: सरकार चाह रही है कि जल्दी से जल्दी जांच हों ताकि सही अभ्यर्थियों को ही मौका मिल सके। हमने इसके लिए आज से ही प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सीफू पर धरना-प्रदर्शन जारी... प्रदेश भर से जयपुर पहुंचे फार्मासिस्ट ने रविवार को भी धरना दिया और अनशन जारी रहा। फार्मा यूथ वेलफेयर संस्थान के अध्यक्ष प्रवीण सेन ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल सीएमआर से मिलने गया। इसमें खेमसिंह गहलोत, देवेंद्र सेन, संजीव गहलोत और विनोद नेरिया थे।
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