MUKESH CLASSES
前往频道在 Telegram
●राजस्थान पुलिस, पटवारी, ग्राम सेवक, टीचर, रीट, RAS, IAS, BSTC, PTET, SI, आदि भर्तियों के नोट्स , ● CURRENT AFFAIRS DAILY whatsapp - 9928271057 हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करे https://www.youtube.com/c/MUKESHCLASSES
显示更多1 060
订阅者
无数据24 小时
-37 天
-1430 天
帖子存档
1 059
12 बजे आप का BSTC का टेस्ट होगा , आप के BSTC के ग्रुप में आप को दिख जाएगा । यह टेस्ट केवल 12 बजे से 1 बजे तक ही रहेगा ।
Join the batch *BSTC EXAM 2021
Code- mukesh1
To download the app, click: https://on-app.in/app/br/mukesh1?oCode=dsgnb
1 059
*गोगा जी लोकदेवता
गोगाजी/गोगापीर - राजस्थान के लोक देवता गोगाजी
आज की इस पोस्ट में राजस्थान के लोक देवता में प्रसिद्ध लोक देवता गोगाजी (गोगापीर) संबंधित जितने भी प्रश्न बन सकते थे उन सभी को शामिल किया गया है।
लोक देवता गोगाजी का जन्म 11वीं सदी में चूरू जिले के ददरेवा नामक स्थान पर जेवरसिंह-बाछल के घर पर हुआ था।
चुरू जिले के ददरेवा में इनके स्थान को सिर्षमेडी कहा जाता है जहां पर प्रतिवर्ष गोगा जी का विशाल मेला भरता है।
गोगाजी को सांपों का देवता कहा जाता है।
गोगा जी ने गौ रक्षा एवं मुस्लिम आक्रांता से देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए इसलिए गोगा जी को लोक देवता के रूप में पूजा जाने लगा इन्हें जाहर पीर या गुगा के नाम से भी पूजा जाता है।
राजस्थान का किसान वर्षा के बाद हल जोतने से पहले गोगाजी के नाम की राखी जिसे गोगा राखड़ी कहते हैं हल और हाली दोनों के बाधता है।
गोगा जी के समाधि स्थल गोगामेडी नोहर हनुमानगढ़ को धूरमेडी भी कहा जाता है गोगामेडी में प्रतिवर्ष गोगा नवमी (भाद्रपद कृष्ण नवमी) को विशाल मेला लगता है।
गोगाजी के थान खेजड़ी वृक्ष के नीचे होते हैं जहां मूर्ति स्वरूप एक पत्थर पर सर्प की आकृति अंकित होती है।
सांचौर में भी गोगाजी का प्रसिद्ध मंदिर गोगाजी की ओल्डी प्रसिद्ध है।
गोगा जी की पूजा भाला लिए योद्धा के रूप में होती है।
भाला लिए घुड़सवार गोगाजी और साथ में प्रतीक सर्प होता है इनको खीर, लापसी और चूरमे का भोग लगता है।
गोगा जी की सवारी नीली घोड़ी थी इन्हें गोगा बापा के नाम से भी पुकारा जाता था।
join - @MUKESHCLASSES
@RAJASTHAN_GK1
1 059
जाट प्लेटो महाराजा सूरज मल जी को कोटि कोटि नमन💪💪जिन्होंने दिल्ली तक झंडे गाड़े थे🤟
1 059
अब इस नयी गाइडलाइंस को देखते हुए सब समझ गए होंगे कि परीक्षा होना असंभव है । तो अपन अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे ।
1 059
📕भारत के प्रमुख बंदरगाह
══━━━━━✧❂✧━━━━━══
@MUKESHCLASSES
❑ कलकत्ता बंदरगाह (डायमंड हार्बर) ➭
नदी बंदरगाह (हुगली नदी पर स्थित)- इससे दक्षिण पूर्वी एशिया, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैण्ड के लिये आयात-निर्यात होता हैं।
❑ हल्दिया ➭ कलकत्ता बंदरगाह के दक्षिण में हुगली नदी पर कलकत्ता के भार को कमकरने हेतु बनाया गया। यहां तेलशोधन कारखाना भी हैं।
❑ पाराद्विप (प्रदीप बंदरगाह) ➭ उड़ीसा, इससे लौह-अयस्क व कोयला का निर्यात होगा।
❑ विशाखापट्टनम ➭ आंध्रप्रदेश, भारत का सबसे गहरा बंदरगाह। कच्चा तेल व पेट्रोलियमउत्पादन हेतु प्रसिद्ध।
❑ चैन्नई ➭ तमिलनाडु में, भारत का दूसरा सबसे बड़ा यातायात घनत्व वाला बंदरगाह और भारत का सबसे पुराना कृत्रिम बंदरगाह। उर्वरक खनिज, लौह, पैट्रोलियम उत्पादन व्यापार हेतु प्रसिद्ध।
❑ तूतीकोरिन (थीरूवियोचिदंबनाथ) ➭ तमिलनाडु के दक्षिण तट पर स्थित (पूर्वी तट पर)
@MUKESHCLASSES
❑ कोचीन ➭ केरल में स्थित प्राकृतिक बंदरगाह।
चाय, कॉफी व मसालों के निर्यात के लिये प्रसिद्ध।
❑ न्यू मंगलोर ➭ कर्नाटक में, लौह अयस्क का आयात-निर्यात,कुद्रमुख की खान से लोहा इसी बंदरगाह से निर्यात होता हैं।
❑ मर्मगोवा ➭ गोवा में स्थित
❑ न्हावाशोवा ➭ जवाहरलाल नेहरू (महाराष्ट्र में स्थित), शुष्क सामाग्री के व्यापार हेतु प्रसिद्ध।- नई तकनीकी हेतु प्रसिद्ध (मुम्बई का भार कम करने हेतु)
❑ मुम्बई (द्विप) ➭ पश्चिमी तट का सबसे बड़ा प्राकृतिक बंदरगाह।
सर्वाधिक आयात करने वाला बंदरगाह (भारत का 20% व्यापार यही से)।- पैट्रोल व शुष्क निर्मित सामग्री।
❑ कांडला ➭ ज्वारीय बंदरगाह, प्राकृतिक।
कच्चा तेल, पैट्रोल, खाद्य तेल, नमक, कपास
❑ पोर्ट ब्लेयर ➭ अंडमान निकोबार।
2010 में तेरहवें बंदरगाह के रूप में मान्यता
1 059
महाराणा प्रताप
महाराणा प्रताप का जन्म कुंभलगढ़ राजसमंद में हुआ था । - 9 मई 1540
व्याख्या:- महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को कुंभलगढ़ दुर्ग में स्थित कटार गढ़ के बादल महल में हुआ
महाराणा प्रताप के पिता का नाम उदय सिंह तथा माता का नाम जयवंता बाई जो पाली के सोनगरा शासक आखिर राज की पुत्री थी।
महाराणा प्रताप का बचपन में किस नाम से जाना जाता था ?* - कीका
व्याख्या:- राणा प्रताप को बचपन में पहाड़ी क्षेत्र में राणा कीका कहा जाता था जो छोटे बच्चों का संबोधन सूचक शब्द है
महाराणा प्रताप के उपनाम है?* -1. नलियाकति 2. गजकेसरी 3. पाथल
व्याख्या:- राणा प्रताप को अबुल फजल नलियाकति कहा है।
राणा प्रताप को जेम्स टॉड में गजकेसरी कहा है। और साहित्य में प्रताप को पाथल (सूर्य) कहा गया है।
महाराणा प्रताप का राज्यभिषेक 28 फरवरी 1572 होली के दिन गोगुंदा उदयपुर में हुआ
होली के दिन अहिरा का शिकार किया जाता है।
महाराणा प्रताप के राज्याभिषेक के बाद अकबर ने महाराणा प्रताप को समझाने के लिए जलाल खा कोचरी 1572 मानसिंह 1573 भगवानदास 1573 टोडरमल 1573 को भेजा।
उदयसागर झील की पाल पर मानसिंह को दिए गए भोजन में प्रताप ने अपने स्थान पर अपने बड़े पुत्र अमर सिंह को भेज दिया।
जिस कारण विवाद की स्थिति पैदा हो गई अबुल फजल के अनुसार भगवान दास के साथ प्रताप ने अपने उत्तर अमर सिंह को अकबर के दरबार में भेज दिया था।
चेतक (घोड़ा) की छतरी कहां स्थित है?* -उदयपुर
व्याख्या:- बलीचा गांव (उदयपुर) महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक का स्मारक बना हुआ है ।
महाराणा प्रताप की छतरी कहां पर बनी हुई है? - बाडोली (उदयपुर)
व्याख्या:- चावण्ड से ढाई मील दूर बाडोली उदयपुर में जलाया गया बाडोली में ही प्रताप की 8 खंभों की छतरी बनी हुई है।
हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ?* - (अ) 1576
व्याख्या:- इतिहासकार A.L श्रीवास्तव के अनुसार हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून को जबकि गोपीनाथ शर्मा के अनुसार ये युद्ध 21 जून को लड़ा गया था इसमें 18 जून की तिथि प्रमाणिक मानी जाती है
प्रताप की सेना में हाथी था ?* - रामप्रसाद
व्याख्या:- प्रताप की सेना में रामप्रसाद और लूणा जैसे चर्चित हाथी थे।
रामप्रसाद हाथी को मुगल सेना ने पकड़ लिया था और अकबर ने उसका नाम बदलकर क्या रखा ?* - पीर प्रसाद
व्याख्या:- प्रताप की सेना का रामप्रसाद (हाथी) को मुगल सेना ने पकड़ लिया था और अकबर ने उसका नाम बदलकर पीर प्रसाद कर दिया था
महाराणा प्रताप की ओर से युद्ध करने वाला एकमात्र मुस्लिम सेनापति कौन था?* - हकीम खाँ सूरी
व्याख्या:- राणा का पठान सेनानायक तथा प्रताप सेना का कमांडर हल्दीघाटी के युद्ध में हकीम का एकमात्र मुस्लिम सेनापति था जो हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की ओर से युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ।
महाराणा प्रताप के प्राण संकट में देखकर उनके सिर से राजकीय छत्र उतार कर अपने सिर पर धारण करने वाला कौन था?* - झाला बीदा
व्याख्या:- पूर्व सादड़ी के सरदार इन्होंने युद्ध में महाराणा प्रताप के प्राण संकट में देखकर उनके सिर से राजकीय छत्र उतार कर अपने सिर पर धारण कर लिया जिससे शत्रु ने उन्हें महाराणा प्रताप समझ कर मार डाला और महाराणा प्रताप के प्राण बच गये।
हल्दीघाटी के युद्ध को खमनोर का युद्ध किसने कहा है ?* - अबुल फजल
व्याख्या:- राजसमंद जिले में बनास नदी के तट पर स्थित खमनोर स्थान पर हल्दीघाटी के दर्रे के बाहर यह युद्ध हुआ इस स्थान विशेष के कारण हल्दीघाटी का युद्ध खमनोर के युद्ध के नाम से जाना जाता है।
मुन्तख- तवारीख ग्रंथ किसका है?* - बदायूंनी
व्याख्या:- इस युद्ध में मानसिंह की ओर से इतिहास बदायूंनी ने भाग लिया तथा बांदायूनी ने अपने ग्रंथ मुन्तख- तवारीख में इस युग में आंखों देखा हाल लिखा है तथा इसे गोगुन्दा का युद्ध का है
प्रताप की सेना में सेनापति शामिल थे?*
व्याख्या:- इस युद्ध में प्रताप की सेना में कुमार अमर सिंह, भामाशाह ,ताराचंद ,मान सिंह सोनगरा , झाला मानसिंह, हकीम खां सूर और पूजा भील जैसे सेनापति शामिल थे
अकबर के सेनापति के रूप में शाहबाज खा ने मेवाड़ पर कितनी बार आक्रमण किया?* - 3 बार
व्याख्या:- सेनापति के रूप में शाहबाज खाँ ने 1577, 1578, 1579 तीन बार मेवाड़ पर आक्रमण किया
*संकट के समय राणा प्रताप को किसने आर्थिक सहायता दी थी?* - भामाशाह
1 059
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड : 12 जून को प्रस्तावित कनिष्ठ अभियंता (सिविल) डिग्रीधारक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2020 स्थगित।।। कोरोना की वजह से।
1 059
CM Press Note Cabinet 06-05-2021
*सीएम प्रेस नोट*
10 मई सुबह 5:00 बजे से 24 मई सुबह 5:00 बजे तक प्रदेश में सख्त लॉकडाउन
现已上线!2025 年 Telegram 研究 — 年度关键洞察 
