MUKESH CLASSES
前往频道在 Telegram
●राजस्थान पुलिस, पटवारी, ग्राम सेवक, टीचर, रीट, RAS, IAS, BSTC, PTET, SI, आदि भर्तियों के नोट्स , ● CURRENT AFFAIRS DAILY whatsapp - 9928271057 हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करे https://www.youtube.com/c/MUKESHCLASSES
显示更多1 062
订阅者
-124 小时
-67 天
-1730 天
帖子存档
1 062
राजस्थान में 5 सीटों पर होंगे विधानसभा उपचुनाव-
झुंझुनूं-बृजेन्द्र ओला
खींवसर- हनुमान बेनीवाल
दौसा- मुरारी मीणा
चौरासी- राजकुमार रौत
देवली उणियारा-हरीश मीना
1 062
✨रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की रेंज पालीघाट के अन्तर्गत चंबल नदी में दुर्लभतम घड़ियाल की नेचुरल हेचिंग होना शुरू हो गया है।
1 062
✨जसधारी गोरां धाय की 378वीं जयंती आज
✍️नवजात बाल महाराजा अजीतसिंह को औरंगजेब के कैद से सुरक्षित निकालने एवं उनके स्थान पर अपने पुत्र का बलिदान करने वाली जसधारी गोरां धाय टाक
✍️ उन्होंने अपने जीवन काल में सफाईकर्मी का स्वांग भर दिल्ली के शाही पहरे से मारवाड़ के बालक महाराजा अजीतसिंह को कचरे की टोकरी से लेकर मुकनदास को सौंपकर जान बचाकर वीरता का परिचय दिया था
✍️गोरा धाय को मारवाड़ की पन्नाधाय कहा जाता है।
✍️मारवाड़ के राष्ट्रगीत “धुसा” में गौरा धाय का नाम शामिल है
1 062
✴ अन्तिम दिनांक आज ✴
✴ प्री-डीएलएड (Pre BSTC) परीक्षा 2024
💠 परीक्षा का आयोजन 30 जून को किया जाएगा
✅ प्रतियोगी परीक्षाओं की अपडेट सबसे पहले Join : @examaddarajasthan
@mukeshclasses
1 062
Repost from N/a
🔰 सेनू सपेरा
👉कालबेलिया नृत्यांगना
👉पल्ली गाँव, ओसियां की निवासी
✅ कांस फिल्म फेस्टिवल (फ्रांस) में सेनू सपेरा ने कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति दी।
✅ अन्य राजस्थानी लोक कलाकार- अनवर हुसैन, साहिल खान, रोबिन खान, फराह खान, फिरोज खान।
1 062
Repost from N/a
दहशाला व्यवस्था -
इस व्यवस्था को अकबर ने अपने शासन के 24 वे वर्ष यानी 1580 में लागू किया था
टोडरमल को इस प्रणाली का वास्तविक परिणीता माना जाता है लेकिन इसे लागू करने का श्रेय शाह मसूर को दिया जाता है
दस्तूर - पैदावार के आधार पर जमीनों की देय भू राजस्व को हलके में बांट लिया जाता था
जिसं ए कामिल - पिछले 10 वर्षों में बोये गए क्षेत्र फसलों और पैदावार की कीमतों का पता लगाया जाता था और उसमें 10 का भाग दिया जाता था
दस्तूर उल अमल- भू राजस्व संबंधी नियमों की पूरी श्रृंखला को दस्तूर अल अमल कहा गया
अकबर ने टोडरमल के लिए दीवाने अशरफ का प्रयोग किया जो दीवान से ऊपर का तथा वकील से नीचे का पद होता था
1 062
Repost from N/a
यह कथन मजूमदार का था
इन्हें पहले 1857 की क्रांति का सरकारी इतिहास लिखने के लिए नियुक्त किया गया था लेकिन बाद में सुरेंद्रनाथ सेन के द्वारा इसे लिखा गया
1 062
Repost from N/a
ख़िज़्र खा - इसने रैयत ए आला की उपाधि धारण की थी
इसने तैमूर के पुत्र शाहरुख के सहायक के रूप में शासन करने का दिखावा किया था
सैय्यद वंश के अग्रगामी शासक
मुबारक शाह -
मुहम्मद शाह
अलाउद्दीन आलम शाह
1 062
Repost from N/a
हस्त कुठार संस्कृति के उपकरण सर्वप्रथम 1863 में राबर्ट ब्रुसफुट ने मद्रास के पास पल्लवरम नामक स्थान से प्राप्त किए
1 062
Repost from N/a
मोहनजोदड़ो से प्राप्त पशुपति की मुहर पर भैंसा, गेंडा, हाथी बाघ की जानकारी मिलती है
1 062
Repost from N/a
अलाउद्दीन खिलजी के राजस्व एवं कर व्यवस्था
राजस्व सुधारों के अन्तर्गत अलाउद्दीन ने सर्वप्रथम मिल्क, इनाम एवं वक्फ के अन्तर्गत दी गई भूमि को वापस लेकर उसे खालसा भूमि में बदल दिया, साथ ही उसने मुकद्दमों, खूतों एवं बलाहारों के विशेष अधिकारों को वापस ले लिया था। कर व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए ‘दीवाने मुस्तखराज’ विभाग की स्थापना की थी। अलाउद्दीन की राजस्व नीति की सफलता, कर निर्धारण और कर वसूली का श्रेय उसके नायब वज़ीर शर्फ़ कायिनी को है। अलाउद्दीन ने पैदावार का 50 प्रतिशत भूमिकर (खराज) के रूप में लेना निश्चित किया था। अलाउद्दीन प्रथम सुल्तान था, जिसने भूमि की पैमाइश कराकर (मसाहत) उसकी वास्तविक आय पर लगान लेना निश्चित किया था। अलाउद्दीन ने भूमि के एक ‘विस्वा’ को एक ईकाई माना। भूमि मापन की एक एकीकृत पद्धति अपनायी गयी थी तथा सबसे समान रूप से कर लिया जाता था। इसका परिणाम यह हुआ कि धीरे-धीरे ज़मींदार कृषकों की स्थिति में आ गये। सुल्तान लगान को अन्न में वसूलने को महत्त्व देता था। अलाउद्दीन द्वारा लगाये गये दो नवीन कर थे-
(1) चराई कर जो दुधारू पशुओं पर लगाया जाता था और
(2) चरी कर जो घरों एवं झोपड़ी पर लगाया जाता था
'करही' नाम के कर का भी उल्लेख मिलता है। ‘जज़िया’ कर ग़ैर मुस्लिमों से लिया जाता था। ‘खुम्स’ कर 4/5 भाग राज्य के हिस्सें में तथा 1/5 भाग सैनिकों को मिलता था। ‘जकात’ केवल मुसलमानों से लिया जाने वाला एक धार्मिक कर था, जो सम्पति का 40वाँ हिस्सा होता था। 'दीवान-ए-मुस्तखराज' को राजस्व एकत्रित करने वाले अधिकारियों के बकाया राशि की जाँच करने और वसूलने का कार्य सौंपा गया।
1 062
Repost from N/a
बटलर समिति का गठन 1927 में हरकोर्ट बटर की अध्यक्षता में किया गया था इसने अपनी रिपोर्ट में बताया कि रियासतें संप्रभु नहीं होगी
1 062
Repost from N/a
1892 का भारत शासन अधिनियम
इस अधिनियम में गवर्नर जनरल कि विधानपरिषद में अतिरिक्त सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 10 से 16 के मध्य निर्धारित कि गई
1892 के अधिनियम में पहली बार चुनाव प्रणाली का सूत्रपात हुआ (अप्रत्यक्ष)... वायसराय की विधान परिषद के समान प्रांतीय विधानपरिषद में भी कुछ अप्रत्यक्ष निर्वाचित सदस्यों को रखने की व्यवस्था की गई
1892 के अधिनियम में सरकार से प्रश्न पुछने व बजट पर बहस का अधिकार दिया किन्तु उन्हें संशोधन प्रस्तुत करने, बजट पर मतदान करने अथवा पूरक मांगे रखने का अधिकार नहीं दिया...
现已上线!2025 年 Telegram 研究 — 年度关键洞察 
