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MUKESH CLASSES

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बिजासन माता का मंदिर -इंद्रगढ (बूंदी बिजासन हिल्स -भीलवाड़ा
बिजासन माता का मंदिर -इंद्रगढ (बूंदी बिजासन हिल्स -भीलवाड़ा

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*प्लान फेल हो रहे हैं?सब गड़बड़ लग रहा है?* ज़रा ठहरिए… और सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर की कहानी पर नज़र डालिए। वो सोचे थे 8 दिन के लिए अंतरिक्ष में जाएंगे। पर किस्मत ने कुछ और ही लिख रखा था — 286 दिन तक वहीं फंसे रहे! *अब ज़रा सोचिए:* • सिर्फ 8 दिन की ट्रिप के लिए बैग पैक किया हो, और 9 महीने तक लौट न पाएं। • कोई ताज़ी हवा नहीं, असली खाना नहीं, बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं। • और सबसे बड़ी बात — कोई गारंटी नहीं कि आप वापस लौट भी पाएंगे या नहीं। फिर भी उन्होंने धैर्य रखा, हिम्मत दिखाई और वापसी का रास्ता बनाया। और आखिर में… वो सिर्फ लौटे ही नहीं, बल्कि इतिहास भी रच दिया। *अब खुद से पूछिए:* • 10 मिनट का ट्रैफिक जाम देखकर गुस्सा आ जाता है? • एक डील कुछ महीने लेट हो जाए, तो सब्र खो बैठते हैं? • या फिर एक व्यक्ति रिजेक्शन दे देता है तो हार मान लेते हैं? *नज़रिया बदलो!* • सुनीता और बैरी के पास कोई कंट्रोल नहीं था। • कोई फ्लाइट रीबुक नहीं कर सकते थे। • कोई एग्जिट डोर नहीं था। फिर भी उन्होंने धैर्य और उम्मीद को थामा। उन्होंने हार नहीं मानी, और उसी ने उन्हें हीरो बना दिया। *तो अगली बार जब…* • कोई प्रोजेक्ट लेट हो जाए, • कोई प्लान फेल हो जाए, • या ज़िंदगी आपकी उम्मीदों पर खरी न उतरे — *बस खुद से कहिए:* “कम से कम मैं अंतरिक्ष में फंसा तो नहीं हूं!” ज़िंदगी में रुकावटें आएंगी। प्लान बदलेंगे। रास्ते टेढ़े-मेढ़े हो सकते हैं। लेकिन अगर अंतरिक्ष यात्री 8 दिन की जगह 9 महीने तक वहां टिक सकते हैं… तो हम भी अपनी ज़िंदगी के हर चैलेंज को फेस कर सकते हैं। *धैर्य रखो, हिम्मत रखो, और आगे बढ़ते जाओ! क्योंकि आपकी भी एक जबरदस्त कहानी बन रही है।* *अब मुस्कुराइए और बढ़ते रहिए।*

इतनी मेहनत हो रही है …तुम रिएक्शन भी नहीं दे सकते ..❤️

कपास की किस्म है
कपास की किस्म है

नॉन केल्सी ब्राउन ….. नागौर अजमेर सीकर झुनझुनू जयपुर अलवर
नॉन केल्सी ब्राउन ….. नागौर अजमेर सीकर झुनझुनू जयपुर अलवर

जहूर खा मेवाती...... भपंग
जहूर खा मेवाती...... भपंग

ढूंढाड परिपथ
ढूंढाड परिपथ

तीनो ही सही है ❤️👍
तीनो ही सही है ❤️👍

त्याग भूमि हरिबाउ उपाध्याय अखंड भारत …1936 जय नारायण व्यास आर्य मातृंड रामसहाय अजमेर
त्याग भूमि हरिबाउ उपाध्याय अखंड भारत …1936 जय नारायण व्यास आर्य मातृंड रामसहाय अजमेर

दिवेर का युद्ध, मुगल सम्राट अकबर और महाराणा प्रताप के बीच 1582 में लड़ा गया था. यह युद्ध दशहरे के समय हुआ था. इस युद्ध में मु
दिवेर का युद्ध, मुगल सम्राट अकबर और महाराणा प्रताप के बीच 1582 में लड़ा गया था. यह युद्ध दशहरे के समय हुआ था. इस युद्ध में मुगल सेनापति सुल्तान खान की लड़ते हुए मृत्यु हो गई थी.

किशनगढ़ के 13 वें नरेश कल्याण सिंह (1798-1832) के समय में गीतगोविंद को लाडली दास ने 1820 ईस्वी में चित्रित किया था। महाराजा प
किशनगढ़ के 13 वें नरेश कल्याण सिंह (1798-1832) के समय में गीतगोविंद को लाडली दास ने 1820 ईस्वी में चित्रित किया था। महाराजा पृथ्वी सिंह के उपरांत किशनगढ़ कलम धीरे-धीरे पतोन्मुख हो गई

राममनोहर लोहिया ने राजस्थान आंदोलन समिति का गठन किया इस समिति ने शेष रियासतों के शीघ्र विलय की मांग की थी।
राममनोहर लोहिया ने राजस्थान आंदोलन समिति का गठन किया इस समिति ने शेष रियासतों के शीघ्र विलय की मांग की थी।

चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित वीरवर कल्लाजी राठौड़ की छतरी इसी जगह कल्लाजी ने चित्तौड़गढ़ के युद्ध 1568 में अपना बलिदान दिया था
चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित वीरवर कल्लाजी राठौड़ की छतरी इसी जगह कल्लाजी ने चित्तौड़गढ़ के युद्ध 1568 में अपना बलिदान दिया था

अलगोजा ,सतारा और नड़ तीनों सुषिर
अलगोजा ,सतारा और नड़ तीनों सुषिर

रानी रंगादेवी चित्तौड़ की राजकुमारी थीं और रणथम्भोर के इतिहास प्रसिद्ध राजा हमीरदेव को ब्याही थीं । रणथम्भोर का यह राजपरिवार
रानी रंगादेवी चित्तौड़ की राजकुमारी थीं और रणथम्भोर के इतिहास प्रसिद्ध राजा हमीरदेव को ब्याही थीं । रणथम्भोर का यह राजपरिवार पृथ्वीराज चौहान का वंशज माना जाता है। मोहम्मद गौरी के हमले से दिल्ली के पतन के बाद उनके एक पुत्र ने रणथम्भोर में राज स्थापित कर लिया था। उतर रणथम्भौर

बांसवाड़ा प्रजामण्डल- भूपेंद्र नाथ त्रिवेदी धौलपुर प्रजामंडल - कृष्णदत्त पालीवाल
बांसवाड़ा प्रजामण्डल- भूपेंद्र नाथ त्रिवेदी धौलपुर प्रजामंडल - कृष्णदत्त पालीवाल

बीकानेर राज्य के कांगड़ गांव में कांगड़ा कांड हुआ था. यह कांड तब हुआ था, जब कांगड़ के किसानों ने अपने जोर-जुल्म और बेजा लगान
बीकानेर राज्य के कांगड़ गांव में कांगड़ा कांड हुआ था. यह कांड तब हुआ था, जब कांगड़ के किसानों ने अपने जोर-जुल्म और बेजा लगान के ख़िलाफ़ शासक के पास गुज़ारिश की थी. 

नाना साहब का झालरा एवं इब्राहिम का झालरा-अजमेर
नाना साहब का झालरा एवं इब्राहिम का झालरा-अजमेर