#चयन_समिति_का_गठन
📚 उत्कर्ष की 24वीं वर्षगांठ पर 24 सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्ट लाइब्रेरी का उपहार 📚
कुछ दिन पूर्व मैंने फेसबुक पर एक पोस्ट के माध्यम से सुझाव रखा था कि विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत (Reading Habit) विकसित करने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को स्वाध्याय के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने हेतु हम जोधपुर के किसी एक सरकारी विद्यालय में आदर्श लाइब्रेरी विकसित करें।
उस पोस्ट पर मिले सैकड़ों सकारात्मक सुझावों, शिक्षकों, शिक्षाधिकारियों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणजनों के उत्साहवर्धक प्रतिसाद ने हमें एक बड़ा निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।
इस वर्ष उत्कर्ष क्लासेस अपनी 24वीं वर्षगांठ मनायेगा, अतः मैंने निर्णय लिया है कि इस अवसर पर अब केवल एक नहीं, बल्कि जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा एवं फलोदी जिलों के 24 चयनित राजकीय विद्यालयों में उत्कृष्ट लाइब्रेरी विकसित करेंगे।
मेरा दृढ़ विश्वास है कि एक अच्छी लाइब्रेरी केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं होती, बल्कि वह हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने वाली प्रयोगशाला होती है।
लाइब्रेरी में क्या-क्या विकसित किया जाएगा?
उत्कर्ष द्वारा चयनित विद्यालयों में—
✅ लाइब्रेरी हेतु आवश्यक फर्नीचर (टेबल, कुर्सियाँ, बुक रैक आदि) उपलब्ध करवाए जाएंगे।
✅ विद्यार्थियों के लिए शांत, स्वच्छ एवं आकर्षक अध्ययन वातावरण तैयार किया जाएगा।
✅ आवश्यकतानुसार पंखे, ट्यूबलाइट्स एवं मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।
✅ प्रतियोगी परीक्षाओं, व्यक्तित्व विकास, प्रेरणादायक जीवनियों, साहित्य, विज्ञान, सामान्य ज्ञान एवं राष्ट्र निर्माण से संबंधित उत्कृष्ट पुस्तकों का संकलन उपलब्ध कराया जाएगा।
✅ लाइब्रेरी को ऐसा स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा कि वह विद्यालय एवं गांव के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का प्रेरणादायी केंद्र बन सके।
चयन के प्रमुख मानदंड
✅ विद्यालय का नामांकन पर्याप्त एवं संतोषजनक हो।
✅ लाइब्रेरी संचालन हेतु एक पृथक एवं उपयुक्त कक्ष उपलब्ध हो।
✅ लाइब्रेरी के संचालन, रखरखाव एवं विद्यार्थियों को प्रेरित करने हेतु कम से कम एक सक्रिय एवं जिम्मेदार स्टाफ सदस्य उपलब्ध हो।
✅ ऐसे विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी जहाँ ग्रामवासी, भामाशाह, एसडीएमसी अथवा स्थानीय समुदाय लाइब्रेरी (Community Library) को जीवंत बनाए रखने में सक्रिय सहयोग देने को तैयार हों।
👉 आवेदन हेतु आवश्यक जानकारी
जो विद्यालय, ग्राम पंचायत, एसडीएमसी अथवा ग्रामीणजन अपने विद्यालय में यह लाइब्रेरी विकसित करवाना चाहते हैं, वे कमेंट में निम्नलिखित जानकारी अवश्य लिखें—
1️⃣ विद्यालय का नाम व पता
2️⃣ प्रधानाचार्य का नाम व मोबाइल नम्बर
3️⃣ NIC ID व कुल नामांकन
4️⃣ लाइब्रेरी हेतु उपलब्ध कक्ष का आकार
👉 चयन प्रक्रिया
चयनित विद्यालयों में लाइब्रेरी पूर्ण रूप से विकसित करके विद्यालय प्रबंधन को सुपुर्द कर दी जाएगी। लाइब्रेरी का पूर्ण स्वामित्व एवं संचालन संबंधित विद्यालय का ही रहेगा।
इस कार्य में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु अनुभवी शिक्षाधिकारियों की एक चयन समिति गठित की गई है, जो सभी मानकों पर खरे उतरने वाले विद्यालयों का चयन करेगी।
👉 चयन समिति
🔹 श्री प्रेमचंद सांखला
(सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा, जोधपुर संभाग)
🔹 श्री विशाल शर्मा
(अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यालय माध्यमिक, जोधपुर)
🔹 श्री भावेश मुण्डेल
(प्रधानाचार्य, राजकीय राउमावि विशिष्ट पूर्व, शास्त्री नगर, जोधपुर)
🔹 श्रीमती देवी बिजानी
(प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, तनावड़ा)
यह केवल 24 लाइब्रेरियों का निर्माण नहीं है, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के जीवन में पढ़ने की संस्कृति, स्वाध्याय की आदत और बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास विकसित करने का अभियान है।
यदि गांव, विद्यालय, भामाशाह, पूर्व विद्यार्थी एवं शिक्षाप्रेमी नागरिक इस अभियान से जुड़ना चाहते हैं तो उनका हार्दिक स्वागत है।
आइए, मिलकर ज्ञान का ऐसा दीप जलाएँ जो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य रोशन कर दे।
📖 “एक अच्छी पुस्तक एक विद्यार्थी का जीवन बदल सकती है, और एक अच्छी लाइब्रेरी हजारों विद्यार्थियों का भविष्य।”
– डॉ. निर्मल गहलोत
CEO, Utkarsh Classes