ch
Feedback
Samarpan_World

Samarpan_World

前往频道在 Telegram

whole world is my family तू ही तू सबमें गुरुवर मेरे हर पल मुझे ये याद रहें मालिक... जय बाबा स्वामी 🙏

显示更多
1 410
订阅者
无数据24 小时
-37
-1330
吸引订阅者
六月 '26
六月 '26
+14
在0个频道中
五月 '26
+8
在0个频道中
Get PRO
四月 '26
+70
在0个频道中
Get PRO
三月 '26
+9
在0个频道中
Get PRO
二月 '26
+17
在0个频道中
Get PRO
一月 '26
+9
在0个频道中
Get PRO
十二月 '25
+15
在0个频道中
Get PRO
十一月 '25
+18
在0个频道中
Get PRO
十月 '25
+12
在0个频道中
Get PRO
九月 '25
+17
在0个频道中
Get PRO
八月 '25
+15
在0个频道中
Get PRO
七月 '25
+15
在0个频道中
Get PRO
六月 '25
+10
在0个频道中
Get PRO
五月 '25
+15
在0个频道中
Get PRO
四月 '25
+10
在0个频道中
Get PRO
三月 '25
+10
在0个频道中
Get PRO
二月 '25
+14
在0个频道中
Get PRO
一月 '25
+25
在0个频道中
Get PRO
十二月 '24
+32
在0个频道中
Get PRO
十一月 '24
+24
在0个频道中
Get PRO
十月 '24
+21
在0个频道中
Get PRO
九月 '24
+35
在0个频道中
Get PRO
八月 '24
+24
在0个频道中
Get PRO
七月 '24
+27
在0个频道中
Get PRO
六月 '24
+15
在0个频道中
Get PRO
五月 '24
+22
在0个频道中
Get PRO
四月 '24
+26
在0个频道中
Get PRO
三月 '24
+30
在0个频道中
Get PRO
二月 '24
+26
在0个频道中
Get PRO
一月 '24
+34
在0个频道中
Get PRO
十二月 '23
+40
在0个频道中
Get PRO
十一月 '23
+8
在0个频道中
Get PRO
十月 '23
+14
在0个频道中
Get PRO
九月 '23
+16
在0个频道中
Get PRO
八月 '23
+37
在0个频道中
Get PRO
七月 '23
+49
在0个频道中
Get PRO
六月 '23
+32
在0个频道中
Get PRO
五月 '23
+25
在0个频道中
Get PRO
四月 '23
+40
在0个频道中
Get PRO
三月 '23
+32
在0个频道中
Get PRO
二月 '23
+23
在0个频道中
Get PRO
一月 '23
+32
在0个频道中
Get PRO
十二月 '22
+37
在0个频道中
Get PRO
十一月 '22
+43
在0个频道中
Get PRO
十月 '22
+27
在0个频道中
Get PRO
九月 '22
+37
在0个频道中
Get PRO
八月 '22
+39
在0个频道中
Get PRO
七月 '22
+23
在0个频道中
Get PRO
六月 '22
+21
在0个频道中
Get PRO
五月 '22
+29
在0个频道中
Get PRO
四月 '22
+30
在0个频道中
Get PRO
三月 '22
+20
在0个频道中
Get PRO
二月 '22
+13
在0个频道中
Get PRO
一月 '22
+40
在0个频道中
Get PRO
十二月 '21
+28
在0个频道中
Get PRO
十一月 '21
+25
在0个频道中
Get PRO
十月 '21
+23
在0个频道中
Get PRO
九月 '21
+34
在0个频道中
Get PRO
八月 '21
+26
在0个频道中
Get PRO
七月 '21
+44
在0个频道中
Get PRO
六月 '21
+42
在0个频道中
Get PRO
五月 '21
+1 432
在0个频道中
日期
订阅者增长
提及
频道
25 六月0
24 六月+1
23 六月0
22 六月0
21 六月0
20 六月0
19 六月0
18 六月0
17 六月0
16 六月+1
15 六月0
14 六月+2
13 六月+1
12 六月+1
11 六月0
10 六月+1
09 六月0
08 六月+1
07 六月+1
06 六月+1
05 六月0
04 六月+2
03 六月+1
02 六月0
01 六月+1
频道帖子
2
॥प्रेममय जयते॥ ॥गुरुपूर्णिमा महोत्सव॥ *"गुरुदिक्षा" का महत्व :* कितने मनुष्यों को पता है कि अपने भीतर कोई आत्मा भी होता है। कोई परमात्मा आत्मा के रुप में हमारे भीतर बैठा हुआ है। कितने लोगों को एहसास है? ये एहेसास करना, ये रेकग्नाइसेशन करना, इसको मानना या मान्यता देना ये ही "गुरुदिक्षा" का महत्व है। पूज्य गुरुदेव ॥जय हो गुरुतत्त्व॥ 🌞🏔️🧘🏻‍♂️🪷🧘🏻‍♀️🏔️🌝
9
3
.
43
4
🙏🏻🪷🙏🏻🌺🙏🏻🪷🙏🏻 ॥प्रेममय जयते॥ *'समर्पण'* के माध्यम से *'योग की प्राप्ति'* हो सकती है़। पूज्य गुरुदेव 21/06/2026 ॥वसुधैव कुटुम्बकम्॥ 🌞🏔️🧘🏻‍♂️🪷🧘🏻‍♀️🏔️🌝
43
5
.
42
6
॥प्रेममय जयते॥ *जागो साधक जागो*  ....आप वह *पुण्यवान* लोग है जिन्हें *"अष्टांग योग"* की आठवी मंझील *"समाधि"* तक की *"लिफ्ट"* मिली है। [भावनगर (4am)], पूज्य गुरुदेव --- सभी पुण्यआत्माओं को मेरा नमस्कार ..... आज दुनिया प्रथम "योग दिन" मनाने की तैयारी कर रही है, और आज बाते हो रही है, केवल *"शारिरिक आसनों की।"* इस समय गुरुकृपा में आप आनंद ले पा रहें है "योग" के सर्वोच्च शिखर *"समाधि"* का। याने गुरुकृपा मे *आपको दुनिया से कितना आगे की स्थिति प्राप्त है* , यह तो अब समझ मे आ ही गया होगा। दुनिया को "अष्टांग योग" की आठ पादाने चढ़ना ही  पड़ेगी क्योंकि पुण्यवान लोगों को ही "लिफ्ट" की सुविधा मिल पाती है। आप वह पुण्यवान लोग है जिन्हें "अष्टांग योग" की आठवी मंझील *"समाधि"* तक की *"लिफ्ट"* मिली है। आज तो भी  *"एहसास"* करो कि आप को क्या मिला है , *आज तो भी जागो।* आप सभी को खूब खूब आशीर्वाद आपका बाबा स्वामी (१९/६/१५) ॥ वसुधैव कुटुंबकम्॥ 🌞🏔️🧘🏻‍♂️🪷🧘🏻‍♀️🏔️🌝
44
7
.
33
8
॥प्रेममय जयते॥ *हिमालय का समर्पण योग ३* ध्यान के संपुर्ण ज्ञान को अभी समाज जान नहीं पाया है। इसी कारण से मनुष्य समाज समझता है - निर्विचारिता यानि ध्यान। वास्तव में निर्विचारिता तो केवल एक स्थिति है जिसमें से ध्यान में जाया जाता है पर निर्विचारिता यानि ध्यान नहीं है। निर्विचारिता तो एक शारीरिक स्थिति है। अपने आपको किसी एक बिंदु पर केंद्रित करके अपने विचारों को नियंत्रित कर लेने की अवस्था निर्विचारिता की स्थिति कहलाती है। विचारों को नियंत्रित करने में भी कर्ता का भाव है। इस स्थिति तक भी मनुष्य का शारीरिक अस्तित्व बना ही रहता है। यह स्थिति मनुष्य को थोड़ी शांति अवश्य प्रदान करती है , पर निर्विचार स्थिति यानि ध्यान नहीं है। यह भी शारीरिक स्थिति है।  इस स्थिति में भी मनुष्य शारीरिक स्तर पर ही रहता है। निर्विचार स्थिति वह माध्यम है जिस स्थिति  में से ध्यान की उच्च अवस्था में जाया जा सकता है , पर अपने शरीर के अस्तित्व को भुलाकर ही। और यह अस्तित्व भुलाया जा सकता है केवल समर्पण करके। इसलिए ध्यान की उच्च स्थिति सामूहिकता में अपना समर्पण करके ही पायी जा सकती है। ध्यान की उच्च अवस्था पाने का यह एकमात्र मार्ग है। ॥वसुधैव कुटुंबकम॥ 🧘🏻‍♂🧘🏻‍♂🧘🏻‍♂🪷🧘🏻‍♀️🧘🏻‍♀️🧘🏻‍♀️
31
9
.
30
10
"21June अंतराष्ट्रिय योग दिवस" (*योगासन दिवस नही*) llप्रेममय जयतेll ध्यान : अष्टांग योग की *सातवी पादान* "ध्यान" : आप गुरु के भीतर की अंतर्मुखी शक्तियों के साथ जुड़ जाओ। जुड़ने के बाद में ध्यान करना नहीं पड़ेगा। ध्यान खुद-ब-खुद लग जाएगा। हिमालयीन योगी महर्षी श्री शिवकृपानंद स्वामी ०४/०६/२०२३ ------------------------------------- ध्यान तो 'समर्पण ध्यानयोग' की *पहली पादान हैl* जैसे आप ये संस्कार ग्रहण करते हैं, इस पादान पे तत्क्षण, उसी क्षण आप पहुच जाते हैं और एक निर्विचारीता का स्थिति आपके जीवन में आ जाता हैl लेकीन कई लोग, कई साधु-संत भी, निर्विचारिता के स्थिति को ही ध्यान समझते हैंl यानी, इस स्थिति में जाकरके अटक जाते हैंl निर्विचारिता का स्थिति ध्यान नहीं है, *निर्विचारिता का स्थिति वह स्थिति है जिसमें से ध्यान में जाया जाता हैl* पूज्य गुरुदेव बुद्धपूर्णिमा ७ मई २०२० मधुचैतन्य जुलाई २०२० llवसुधैव कुटुंबकम्ll 🧘🏻‍♂️🧘🏻‍♂️🧘🏻‍♂️🪷🧘🏻‍♀️🧘🏻‍♀️🧘🏻‍♀
30
11
.
31
12
॥प्रेममय जयते॥ https://youtu.be/3rQYZQxA7vI?si=RE-S6vvq1ayS4PwP *अपना मार्ग अष्टांग योग का मार्ग नहीं है़। 'अनुभूति की लिफ्ट' का मार्ग है़।*👇🏻 योगा दिवस और आसन आप देखो ना २१जून आता है TV पे आसन, पेपर पे आसन बातें आसन की। सब जगेहे आसन आसन। जबकि योगासन योग नहीं है। योग खूब बड़ी प्रक्रिया है। *अष्टांग योग का मार्ग सीढ़ियाँ चढ़ना है।* और यें जो मैं बात कर रहा हूँ न यें सीढ़ियाँ नहीं यें लिफ्ट का जमाना है। लिफ्ट होता है एकदम। तो *अनुभूति का मार्ग लिफ्ट का मार्ग है।* ॥वसुधैव कुटुम्बकम्॥ 🌞🏔️🧘🏻‍♂️🪷🧘🏻‍♀️🏔️🌝
44
13
.
56
14
(01) संसद शिविर भारत - साल २०१५ (02) संसद शिविर युके - साल २०२४ (03) संसद शिविर जर्मनी - साल २०२४ (04) संसद शिविर श्रीलंका - साल २०२४ (05) संसद शिविर नेपाल - साल २०२४ (06) संसद शिविर आयरलैंड - साल २०२६ गुरुकृपा में अब तक ६ देशों में संसद शिविर सफलता पूर्वक आयोजित हुए हैं। अब आनेवाले समय में विश्व के अधिक से अधिक देशों की संसद में हिमालयीन समर्पण ध्यान पहुँचे यहीं गुरुचरणों में शुद्ध प्रार्थना 🙏🌹🙏🌹🙏 ॥प्रेममय जयते॥ *गुरु के कार्य को वृद्धिगत कारना ही सही अर्थ में गुरुदक्षिणा है़।* पूज्य गुरुदेव हि. का स. यो. ३ ॥वसुधैव कुटुम्बकम्॥ 🌞🏔️🧘🏻‍♂️🪷🧘🏻‍♀️🏔️🌝
63
15
.
64
16
॥प्रेममय जयते॥ पत्नि से जो प्रेम मिला, उसी प्रेम को मेरे गुरुओं ने विकसित कर दिया। प्रेम के विकसित हो जाने के बाद वह सद्भावना में तब्दील हो गया। फिर सद्भावना धीरे-धीरे स्वभाव ही बन गया। 'प्रेम' शब्द का अर्थ बड़ा विशाल है़ क्योंकि प्रेम एक से शुरु होकर अनंत तक पहुँच जाता है़। प्रेम के बीज के ऊपर गुरुकृपा का नीर बरसता है़ तो वह सद्भावना का वृक्ष बन जाता है़। सद्भावना से भरा मनुष्य चाहे, न चाहे, उसकी आध्यात्मिक प्रगती प्रतिक्षण होती जाएगी। पूज्य गुरुदेव हिमालय का समर्पण योग ३ ॥वसुधैव कुटुम्बकम्॥ 🌞🗻🧘🪷🧘‍♀🗻🌝
73
17
没有文字...
39
18
没有文字...
37
19
没有文字...
38
20
没有文字...
50