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अगर सबको खुश करने के लिए हम कार्य करेंगे तो तय मानकर चलिए की आप बेहद बनावटी हो रहे है , आप अपनी मौलिकता खोते जा रहे है और कृत्रिम बनते जा रहे हैं। आप वो कर रहे है जो दुनियाँ पसंद करें , आप वो नहीं कर रहे जो आपको पसंद है ।
इतना करने के बाद भी सब खुश नहीं होंगे , क्योंकि हर व्यक्ति आपकी व्याख्या स्वयं की दृष्टि से करेगा , और ये दृष्टि उसकी विचारधारा और हितों से सीधे तौर पर प्रभावित होती हैं ।इसलिए कार्य वो कीजिए जो आपकी पसंद और मौलिकता के अनुसार हो , वो नहीं जिसे दुनियाँ खुश हो ।
सबको खुश रखने के किए कार्य करने वाला व्यक्ति स्वयं एक मोड़ पर दुखी होगा , स्वयं का वजूद भूल जाता है । संजीदगी और जीवंत बने रहने के लिए हमेशा अपनी पंसद और मौलिकता के अनुसार कार्य कीजिए ।
✍️डॉ गणपत सिंह राजपुरोहित
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*परीक्षाओं का बदलता पैटर्न*
वर्तमान में हो रही परीक्षाएं लिक से हटकर और एक गहन विषय वस्तु पर आधारित प्रश्न पत्रों का आना यह दर्शाता है कि वह समय गया जब तुम किसी एक कोचिंग या भीड़ तंत्र में शामिल होकर किसी के नोट्स के भरोसे तैयारी करते थे आज के प्रश्नों का लेवल वह आ चुका है जहां बच्चा खुद चीजों को गहनता और लेटेस्ट पैटर्न के अनुसार एक्सप्लोर करें
*RPSC द्वारा आयोजित RAS PRE पेपर ने आईना दिखाया है की कोचिंग कोई भी हो वह आपको सफल नहीं बन सकती सफलता आपके अथक प्रयासों में से निश्चित होती है।
*इस परीक्षा ने यह भी समझाया है कि आने वाला टाइम यूपीएससी पेटर्न पर रहेगा हमें उन अच्छी किताबें को खोजना पड़ेगा जो कांसेप्ट क्लियर करे जो देखने में बड़ी कठिन लगती हो लेकिन सच में प्रश्न वहीं से आते हैं।
कुछ सुझाव
1 कोचिंग में टॉपर्स की फोटो देखकर भ्रमित होना बंद कर दें चयन स्व अध्याय से होगा ।
2 जिस विषय का महत्व ज्यादा है उसकी अच्छी किताब को चुने और उसी को बार-बार रिपीट करें इसके लिए लेटेस्ट प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें ।
3 एक अच्छे दोस्तों का ग्रुप बनाएं जिसमें कम से कम दिन में 1 घंटे डिस्कशन हो जो जो आपकी कमजोरी को भी बताएं और इसके माध्यम से आप अपने कमजोर पॉइंट्स को लेकर अच्छे से अभ्यास करें।
4 टाइम मैनेजमेंट में लगातार कई घंटे बैठकर लाइब्रेरी में बैठना सफलता का परिचायक नहीं है कम पढ़े लेकिन आनंद के साथ अच्छा और बेहतरीन तरीके से पढ़ें यह जरूरी है ।
5 बार-बार बुक्स और नोट्स को बदलना किसी के कहने पर एक अच्छे विद्यार्थी की पहचान नहीं होती
6 सोशल मीडिया पर अलग-अलग चैनल ज्वाइन करके पूरे दिन उनके दिए गए video ,फ्री के नाम पर प्रश्न, नोट्स पर समय ख़राब करना मूर्खता का परिचायक है उसके बजाय अपने पास संतुलित अध्ययन सामग्री और नवीनतम ओल्ड प्रश्न पत्रों को स्वयं खोजें , उनका स्वयं विश्लेषण करे।
7 मार्केटिंग से बचे सही का चुनाव करे वो कोई और नहीं बता सकता आपके अलावा।
8 गुणवत्तापूर्ण टेस्ट सीरीज ज्वाइन करना आपकी तैयारी धार प्रदान करती है,,, इसमें भी अपने स्वविवेक और अनुभव के आधार पर उचित निर्णय लेकर ही आगे बढ़ना उचितहै।
