ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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किसी लम्हें की ... कोई क़ीमत तो नहीं होती... फ़िर भी...
मैं जान दे सकता हूँ... अगर तुम एक लम्हा हमारे साथ ... हमारी बनकर चाय पर आओ 🌻😌💜...!!
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वो अल्फाजों से अपने मुझे सजाता रहता है
हूं न मैं जैसी , वैसी भी दिखाता रहता है
मुर्शीद ,
make-up ज़्यादा नहीं पसंद उसे ,
जुल्फें खोलना बिखेरना ही वो मुझे सिखाता रहता है ।। 😌💙
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दुआयें , मन्नतें , धागे , तावीज़
मैंने सब अपना के देख लिया
जाने तुम झूठे निकले , या ये क़िस्मत
या खुदा ....... 🙂
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इक चेहरे पर पागलों की तरह मर मिट जाऊं , अब मेरी ऐसी फितरत नहीं रही
मोहब्बत आज भी है तुमसे ,
मगर वो पहले सी शिद्दत नहीं रही ।। 🙂
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खुदा बाद में , आज मोहब्बत को पहले रखते हैं ,
चल इक तस्वीर में तू और मैं साथ दिखते हैं ,
ना बना जो साथ तेरा मेरा ,
चल हम अपने सितारे फिर से लिखते हैं ।। 💙🫴
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न मिलेगा तू , जानता था दिल
जाने फिर इसे गिला क्यूं है ,
मन्नत के धागे कहां कहां बांधे थे ,
ज़रा पूछो ,
जिन्हे मिला तू है।। ✨🫧
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गलतियां हज़ार की है मैने ,
पर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश जारी है ,
इस बार नहीं तो क्या हुआ ,
ऐ जिदंगी ! अगली मेरी बारी है ।।🔥
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उसने कहा , इश्क़ में ज़रा वफ़ा तो लाओ
मैंने कहा , नींद आ रही है ,
भले खफा हो जाओ
मगर फिलहाल दफा हो जाओ ।। 😂😌
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मुझे मेरी हथेलियों में तेरा हाथ चाहिये
सुबह की चाय , और शाम का साथ चाहिये
दूरियां क़िस्मत की हो या , ज़मीं की ,
तोड़ दो ,
जब मंज़िल है एक ही , हमारे रास्ते भी जोड़ दो 🥹🌸
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एक समंदर है , जो मेरे काबू में है
और एक कतरा है जो मुझसे संभाला नहीं जाता ,
एक उम्र है , जो गुज़ारनी हैं तेरे बगैर ,
और एक लम्हा है जो मुझसे गुज़ारा नहीं जाता ।। 🌸🌈
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तुम किसी के नहीं हो सकते , मैंने तुम्हे अपना बना के देखा है ,
तुम किसी की हकीकत नहीं हो सकते ,
आख़िर मैंने तुम्हे सपना बना के देखा है।। 🥺
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