لا تقع ضحية للمخادعين! تيليمتريو يكتشف ويُميّز هذه القنوات 👉 إذا كنت تريد رؤية العلامة، اشترك 👈
काम संहिता🙏
الذهاب إلى القناة على Telegram
सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
إظهار المزيد2 477
المشتركون
لا توجد بيانات24 ساعات
+237 أيام
+3630 أيام
2 878
عرض المشاهدات
~ 53824 ساعات
لا توجد بيانات48 ساعات
116.19%
معدل المشاركة
لا توجد بيانات
المشاركات في اليوم
أرشيف المشاركات
2 477
पुरुष भी चाहते हैं
उनके प्रति एक सुन्दर व्यवहार हो
और ज़रा सा लाड़ प्यार हो !!
यदि पुरुष,
महिला पर मोहित नहीं होगा तो
फिर किस पर होगा ?
हवस की भावना
कोई पाप या अपराध नहीं है
महिलाएँ भी पुरुष को
हवस की भावना से देखती हैं !
अन्तर केवल स्वभाव का है,
महिलाएंँ "पहल" करना पसन्द नहीं करतीं !
हवस सिर्फ़ ज़िस्म की नहीं चाहत की भी होती
जहाँ दो दिल राजी होते हैं !!
❤️❤️❤️❤️🔥
2 477
सेक्स,हवस और वासना तीनों एक जैसे होने के बावजूद भी तीनों एक दूसरे से अलग है
वासना और हवस:-ये सेक्स का वो मानसिक विकृति है जो ना तो नर-नारी छोटे-बड़े आदि मे भेद नहीं करता जब ये विकृति मन में सवार होती है तो वासना से ग्रसित इंसान किसी के साथ कुकृत्य कर देता है
जिसके अंदर हवस और वासना पाई जाती है, वो जानवर होते हैं और उन्हें प्रेम से कोई लेना देना नहीं होता है।
वहीं सेक्स कि बात करूं तो ये दो लोगों की रजामंदी से किया जाने वाला वो सुख है जिसे न पाने वाला अतृप्त रहता है ये वो चीज है जिसके बिना संसार का कल्पना करना ही बेकार है
जहां तक सेक्स कि बात करूं तो प्रेम में सेक्स उतना ही आवश्यक है जितना आपके नंगे शरीर पर एक कपड़े का होना
वो कपड़ा आपके शरीर को परिपूर्णता देता है प्यार के शुरुआत का पहला बिंदु आकर्षण होता है जो इंसान की व्यक्त्तिव उसके अच्छे आचरण आदी से शुरू होती है और जैसे जैसे समय बीतता जाता है प्यार की गहराई उतनी ही बढ़ती जाती है साइंस कहता है कि जब तक हम फिजिकली रिलेशन में नहीं रहते तब तक हम अपने प्रेमी या प्रेमिका के प्रति लापरवाह होते हैं क्योंकि हम सिर्फ उससे मेंटली रूप से जुड़े होते हैं मगर हम जैसे फिजिकली रूप से जुड़ते हैं हम अपने प्रेमी/प्रेमिका की छोटी छोटी चीजों के बारे में सोचने लग जाते हैं उसके प्रति वफादारी की प्रतिशत बढ़ जाती है
मगर प्यार की मजबूती में सेक्स अहम भूमिका निभाता है
सेक्स प्यार के भावनाओं को टच करता है
धार्मिक दृष्टि से देखें तो बिना काम के प्रेम का कोई महत्व ही नहीं है अगर बिना काम के प्रेम होता तो कामदेव नहीं होते
देवताओं में कामदेव का अपना अलग महत्व
है और बिना कामदेव के प्रेम को अनुभव कर पाना नामुमकिन है प्रेम और काम का सामंजस्य और महत्ता खजुराहो की मंदिर बतलाती है, इसलिए प्रेम में सेक्स गलत नहीं है अगर इसका दुरुपयोग ना किया गया हो🫦🔥🔥
2 477
नारी की अगर शादी के बाद पति से ना बने तो उसका ज़िंदगी में एक ऐसा दोस्त ज़रुर होना चाहिए, जिससे वह जब चाहें मैसेज कर सकें, सलाह-मशवरा ले सकें, सुख-दुःख बाँट सकें, डांट सकें, लड़ सकें, कंधे पर सिर रख कर रो सकें, खुलकर हँस सकें, घूम सकें, जब चाहें मन चाही खुल कर सैक्स चैट सकें, बेझिझक होकर निःसंकोच सब कुछ उसे बता सकें बिना इस बात की परवाह किये कि सामने वाला व्यक्ति क्या सोचेगा...?
अगर ऐसा दोस्त उस के पास है तो वह खुश हैं वरना शादी शुदा औरतें इसी कारण डिप्रेशन में रहती है, घुट घुट कर जीती है, जीते जी मर जाती है, क्योंकि इनके पास सुनाने वाले तो बहुत हैं पर सुनने वाला कोई नहीं ।
इसी कारण शादी शुदा नारी का प्यार लाजवाब होता है जिसमे जिस्म के साथ साथ खुबसुरत साथ की चाहत होति है अगर मन की भावनाओं को समझने बाला मिल जाए तो नग्न हो कर जिस्म भी वह सौंप देती है। पर मैं समझता हूं कि ये वासना नहीं बलकि आत्म की तृप्ति के लिए होता है!❤️🔥🫦
2 477
सेक्स के दौरान लिंग (Penis) में पूरी मजबूती न होने या इरेक्ट होने के बाद भी कठोरता न आने की वजह से तमाम पुरुष काफी परेशान रहते हैं। क्योंकि अधिकतर फीमेल पार्टनर इसी गड़बड़ी की वजह से संतुष्ट नहीं हो पाती हैं। अब सवाल उठता है कि पेनिस में ताकत लाने के लिए क्या किया जाए?
डॉक्टर के मुताबिक, पेनिस में पूरी तरह से तनाव का आना दो चीजों पर निर्भर करता है एक मानसिक स्थिति और दूसरी शारीरिक स्थिति। विचारों से, ख्यालों से और स्पर्श यानी छूने से दिमाग में सेक्स का सेंटर उत्तेजित होता है जिससे पूरे बदन में खून का बहाव तेज होता है, और लिंग में कुछ ज्यादा बहाव होता है। नतीजन, उसमें उत्तेजना आती है।
यकीनन, इसके लिए सही हॉर्मोन और सही माहौल की जरूरत पड़ती है। इसका मतलब यह हुआ कि इस तंत्र प्रणाली में अगर कहीं भी गड़बड़ हुई तो लिंग के तनाव में कमी आ सकती है। खासतौर पर एक बार फेल हो जाने के बाद, दोबारा फेल हो जाऊंगा, यह डर आदमी के मन में घर कर जाता है और आइंदा जब भी वह सेक्स की कोशिश करता है तो उसके दिमाग में यह बात आ जाती है कि अगर मैं नहीं कर पाया तो। ऐसे नेगेटिव ख्याल आएं तो उस वक्त आदमी को लंबी-लंबी सांसें लेनी चाहिए।
अगर पुरुष के पेनिस में एक अवस्था में सही उत्तेजना आती हो (उदाहरण के लिए सुबह के समय, पेशाब करते वक्त, नींद में या मास्टरबेशन के वक्त) पर दूसरी अवस्था में उत्तेजना न आती हो तो समस्या मानसिक होती है शारीरिक नहीं। अगर समस्या शारीरिक होगी तो तनाव की कमी हर अवस्था में महसूस होगी। जब भी नेगेटिव ख्याल मन में आएं, उस वक्त एंग्जाइटी या तनाव पैदा हो जाता है जिससे छुटकारा पाने के लिए धीरे-धीरे लंबी सांसें लेना एक उपाय है। इससे किसी भी प्रकार की एंग्जाइटी कई बार अपने आप कम हो जाती है।
अगर एंग्जाइटी ज्यादा हो तो कुछ खास दवाएं भी उपलब्ध हैं। ऐंटी-एंग्जाइटी दवाएं, कभी-कभार थोड़े समय के लिए सेक्स से पहले ली जा सकती हैं। नेगेटिव विचारों को खत्म करने में ये कभी-कभी सहायक हो सकती हैं। दूसरा, खून के बहाव की कमी की वजह से अगर आपकी समस्या है तो उससे फौरन छुटकारा पाने के लिए देसी वायग्रा या वायग्रा 50 व 100 मिलीग्राम की मात्रा में ली जा सकती है।वायग्रा को सेक्स से एक घंटा पहले खाली पेट लें। इसका असर एक घंटे में शुरू होकर 4-6 घंटे तक रहता है। इसे 24 घंटे में एक ही बार लिया जा सकता है। यह दवा कई बार एंग्जाइटी वालों में यानी डर या चिंता से आई हुई तनावहीनता या तनाव कम होने में भी काफी फायदा कर सकती है।
अगर टेस्टेस्टोरॉन में कमी आ जाए तो भी तनाव में कमी आ सकती है। इसका इलाज पहले आप नेचरल तरीके से करने की कोशिश करें। उड़द की दाल हफ्ते में दो बार गाय के घी में लहसुन का तड़का देकर लीजिए। साथ, ही योग में सूर्य नमस्कार क्रिया भी हॉर्मोन के नियंत्रण में सहायक हो सकती है।
2 477
🌹🌹# नारी को क्या चाहिए ????
#औरत को जितना #बिस्तर नरम
उतना #मर्द सख्त चाहिए!!
जितनी #रात ठंडी
उतना #मर्द गरम चाहिए!!!
जितनी #आवाज़_नाजुक
उतना #मर्द मजबूत चाहिए!!
जितने उभार कोमल
उतना #मर्द कठोर चाहिए!!!
जितने #होठं_गीले
उतना रस गाढ़ा चाहिए!!
जितने कठोर चूची
उतना धक्का जबरदस्त चाहिए!!!💃💃🍌🍌💦💦
2 477
#सेक्स में लंबे समय तक आनंद उठाने के टिप्स!
सेक्स जीवन का आनंद देर तक उठाने के लिए आपको कुछ बातों के बारे में जानना ज़रूरी है। इन पर थोड़ा-सा ध्यान आपके जीवन में खुशहाली ला देगा।
हर विवाहित दम्पत्ति के मन में एक ही सवाल होता है कि वह कैसे सेक्स क्रिया का आनंद लंबे समय तक उठा पायेगा। लेकिन यह सवाल सही नहीं है, सेक्स क्रिया का आनंद कितने देर तक उठायेंगे यह आप पर निर्भर करता है।
असल में यह सवाल साधारणतः पॉर्न देखने के कारण मन में आता है। लेकिन सच तो यह है कि सामान्य रूप से प्रेम संबंध पूर्ण रूप से स्थापित करने में 30 मिनट का समय लगता है, लेकिन यह सबके लिए समान नहीं भी हो सकता है, थोड़ा-सा समय का अतिक्रम भी हो सकता है। यदि आप प्रेम-संबंध स्थापित करते वक्त 3 मिनट से ज़्यादा समय तक उत्तेजित नहीं रह पाते हैं तो इसका मतलब है आपको कोई शारीरिक या सेक्स संबंधी समस्या है। इन समस्याओं से राहत पाने के लिए आप इन बातों पर ध्यान दे सकते हैं, जो आपको लंबे समय तक सेक्स क्रिया करने में सहायता करेगा-
1️⃣⚕️ज़्यादा मात्रा में #फल और #सब्ज़ियों का सेवन-
अध्ययन यह बताता है कि मांसाहारी सेवन करने वाले पुरूषों की तुलना में शाकाहारी सेवन करने वाले पुरूष लंबे समय तक सेक्स क्रिया का आनंद उठा पाते हैं। क्योंकि फल और सब्ज़ियों का सेवन करने से जो पौष्टकता उन्हें मिलती है वह सेक्स क्रिया को करने में ताकत और ऊर्जा प्रदान करने में सहायता करते हैं।
2️⃣⚕️ #प्रोसेस्ड_शुगर न खायें-
प्रोसेस्ड शुगर आपके सेक्स करने की क्षमता को कम करता है।
3️⃣⚕️ #ध्रूमपान न करें-
ज़्यादा मात्रा में ध्रूमपान करने से न सिर्फ आपके स्वास्थ्य को हानि पहुँचता है बल्कि यह धमनियों को सख्त करने के साथ-साथ लिंग में रक्तप्रवाह को घटाता है। डॉ. विजयासारथी रामानाथन, पु्रूषों के स्वास्थ्य संबंधी फिज़िशन और मेडिकल सेक्स थेरपिस्ट के अनुसार ध्रूमपान न सिर्फ आपके ऑर्गन को प्रभावित करते हैं, यह यौन कार्यों में भी बाधा उत्पन्न करते हैं। पुरूषों को यह समझना चाहिए कि इरेक्शन के लिए दिल और रक्तवाहिका (blood vessels) का स्वस्थ होना ज़रूरी होता है। ध्रूमपान करनेवालों को इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या का सामना ज़्यादा करना पड़ता है।
4️⃣⚕️ #शराब का सेवन कम करें-
इसके सेवन से मानसिक संतुलन का बिगड़ना लाज़मी होता है। इसका आपके सेक्स जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा यह आपको कहने की ज़रूरत नहीं है।
5️⃣⚕️सेक्स करने के लिए #पेट और #हाथ के #मांसपेशियों को मजबूत बनायें-
अच्छी तरह से सेक्स क्रिया का आनंद उठाने के लिए हाथ और पैर का सहारा लेना पड़ता है। इसलिए जिम में जायें या घर पर ही व्यायाम करें और अपने में ताकत का संचार करें। व्यायाम करने से लिंग में भी रक्त का संचार अच्छी तरह से हो पाता है जो यौन क्रिया के लिए अच्छा होता है।
6️⃣⚕️ #कीगल_व्यायाम-
इस व्यायाम को करने से इरेक्शन अच्छी तरह से हो पाता है।
7️⃣⚕️ #स्क्वीज़_तकनीक का इस्तेमाल करें-
जब आप सेक्स के चरम अवस्था में हो तब इस तकनीक के द्वारा सेक्स क्रिया का आनंद लंबे समय तक उठा पायेंगे।
8️⃣⚕️ #फोरप्ले पर ध्यान दें-
इससे आप अपने सहयोगी को भी खुश कर पायेंगे और चरम अवस्था का आनंद लंबे समय ले पायेंगे।
9️⃣⚕️पर्याप्त मात्रा में #नींद-
शिकागो विश्वविद्यालय के अनुसंधानकारियों के अनुसंधान के अनुसार जो पुरूष सात से आठ घंटा नहीं सोते हैं उनमें टेस्टास्टरोन का स्तर घट जाता है। अतः यौन क्रिया का पूरा आनंद उठाने के लिए पर्याप्त मात्रा में सोना ज़रूरी होता है।
🔟⚕️ #योगासन का अभ्यास-
#भुजंगासन और #पश्चिमात्तोसन का अभ्यास करने से जननांग में रक्त का प्रवाह अच्छी तरह से हो पाता है जिससे आप सेक्स क्रिया में अच्छी तरह से आनंद उठा पाते हैं।❤️
2 477
उम्रदराज़ स्त्रियां में बड़ी कशिश,खिंचाव और आकर्षण महसूस करता हु।उनके भरे हुए शरीर और आगे पीछे की मादक बड़ी गोलाइयों अनायास ही मन मोह लेती है ।तन मन मे थिरकन पैदा कर देती है।बड़ी उम्र की ये वास्तव में शरीर से नही मन से प्यासी होती है कारण इनके साथी उन्हें वो सब कुछ नही दे पाते
जिसकी ये अपेक्षा करती है,चाहे वो उनकी व्यस्तता वजह हो ,चाहे ढलती उम्र के कारण सेक्स के प्रति रुझान कम होना ।इन प्यासी नारियो को जब कोई पर पुरुष प्रेम देता है तो ये तन मन से उस से लतर की तरह चिपक जाती है और अपना सर्वस्व निछावर कर देती है।अब दूसरा पहलू देखे
पुरुष को इनके गदराए बदन से खेलने में आनंद आता है ये अपनी स्वभाबिक कामुक अदाओ और सिसकियों से ज्यादा उत्तेजित कर देती है।बच्चे पैदा होने के कारण इनके आंतरिक शारीरिक अंगों में ऐसे बदलाव आ जाते है जो घर्षण में ज्यादा आनंद देते है पुरुष को ऐसा चरमसुख देते है कि उसे मोक्ष जैसा लगता है... ...❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
2 477
सारे युद्ध मे सब से सर्वश्रेस्त्र युद्ध "काम युद्ध"
एक ऐसा युद्ध जिसमे जय, पराजय का कोई मोल नही,
मोल है तो सिर्फ शारीरिक संतुष्टि का,
एक ऐसा युद्ध जो बड़ी सेनाओं के बीच नही,
बल्कि एक कामुक स्त्री एक भूखे भेड़िये
समान मर्द के बीच होता है।
एक ऐसा यद्ध जिसमे लाल लहू की जगह सिसकियां और
मदहोश करने वाली कामुक आवाजें निकलती है।
दुनिया का एक मात्र युद्ध जिसका आंत आनंद माये होता
है।🔥🔥
2 477
नारी के साथ तांत्रोक्त समागम करके पुरुष अपार शक्ति को प्राप्त कर सकता है
और उस शक्ति को ईष्ट के रूप में परिवर्तित भी कर सकता है।
इसका प्रमाण तांत्रोक्त संभोग के समय असाधारण बल का महसूस होना है।
भैरवी विद्या का मुख्य आधार यही है।
नारी-पुरुष तांत्रोक्त रति से दोनों जितनी चाहे ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं।
इस ऊर्जा की मात्रा इतनी होती है की शरीर का सारा ऊर्जा परिपथ कई गुना अधिक गतिशील (क्रियाशील) हो जाता है।
उससे ऊर्जा के विभिन्न रूपों की भारी उत्पत्ति होने लगती है।
इस ऊर्जा का उपयोग करने पर शक्ति और सिद्धि के साथ ही मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
वास्तव में भैरवि साधना 'काम-योग' है।
तंत्र में कुंवारी कन्या पहले भैरवी हुआ करती थी की जगह अन्य 'भैरवी' ने ले ली।
हालांकि अभी भी जो विशुद्ध साधक है कुंवारी कन्या को दीक्षित कर भैरवी रूप में ग्रहण करते हैं।
साधना की गोपनीयता की दृष्टि से एक भैरवी दीक्षा है और दूसरी है महाभैरवी दीक्षा।
पहली दीक्षा स्वकीया नायिका को दी जाती है और दूसरी दीक्षा परकीया नायिका को दी जाती है।
भैरवी दीक्षा प्राप्त स्वकीया नायिका के सहयोग से बिन्दु शोधन और महाभैरवी दीक्षा प्राप्त परकीया नायिका के सहयोग से बिन्दु-प्रतिष्ठा का कार्य संपन्न होता है।
इन दोनो कार्यों के संपन्न होने के फलस्वरूप 'दिव्यभाव' की उपलब्धि होती है।
दिव्यभाव या दिव्यावस्था तंत्र की एक विशेष अवस्था है।
इस अवस्था में जिस आनंद की अनुभूति होती है, वह 'परमानन्द' है।
भैरवी साधना में किसी प्रकार की आसक्ति और किसी प्रकार के आकर्षण का कोई स्थान नहीं है।
क्योंकि योगी और साधक के लिए एकमात्र चरित्र ही बल है।
जिस दिन वह अपने चरित्र बल को गँवा देगा, उसी दिन से उसका पतन होना निश्चित है।
इसको कोई दैवीय ताकत पतन होने से नही रोक सकता है।
2 477
जिस महिला के स्तन बहुत बड़े ओर भारी होते हैं,वो महिलाएं शारिरिक रूप से अधिक कामुक ओर उत्तेजित रहती हैं ऐसी महिलाओं को बड़ा भारी ओर कठोर लिंग पसंद होता है।
2 477
व्यर्थ में नये पुष्पों को तोड़ने से ज़्यादा उचित है,
टूटकर जो नीचे गिरें है उन्हें उठा लिया जाये...।।
2 477
पुरुष भी चाहते हैं
उनके प्रति एक सुन्दर व्यवहार हो
और ज़रा सा लाड़ प्यार हो !!
यदि पुरुष,
महिला पर मोहित नहीं होगा तो
फिर किस पर होगा ?
हवस की भावना
कोई पाप या अपराध नहीं है
महिलाएँ भी पुरुष को
हवस की भावना से देखती हैं !
अन्तर केवल स्वभाव का है,
महिलाएंँ "पहल" करना पसन्द नहीं करतीं !
हवस सिर्फ़ ज़िस्म की नहीं चाहत की भी होती
जहाँ दो दिल राजी होते हैं !
2 477
प्रेम.....
स्त्री और पुरुष दोनों में होता है
और होता भी समान ही है
पर अभिव्यक्ति का माध्यम
दोनो में ही फर्क होता है....
प्रेम करता हुआ पुरुष
बताना चाहता है
दिखाना चाहता है
उजागर करना चाहता है
अपना प्रेम सबको
प्रेम करती हुई स्त्री
महसूस करना चाहती है
सहेजना समेटना चाहती है
छुपा कर रखना चाहती है
अपना प्रेम
खुद से भी..।।
2 477
काला रंग अशुभ माना जाता है..लेकिन तुम्हारी आँखे देखने के बाद कोई भी इसको अशुभ नहीं मानेगा..क्योंकि तुम्हारी झील सी शांत और हवा सी चंचल आँखे किसी को भी डुबाने के लिए काफी है..जब तुम सहज भाव से मेरी तरफ देखती हो तो मुझे एक नया संसार तुम्हारी आँखों में दिखता है..!
2 477
*होली ध्यान रखिये योग्य कुछ टिप्स :-*
1. होली में नशे करके संभोग मत करें
2. नशे की स्थिति में पार्टनर की स्थिति का अंदाजा नही होता जिससे कोई अप्रिय घटना हो सकती है ।
3. स्त्री होली खेलते समय अंतः वस्त्र ब्रा और पेंटी जरूर पहने
4. कुछ लोग गुलाल का प्रयोग योनि पर कर देते हैं जो कि पूर्णतः गलत है इसका ध्यान रखीये अगर ऐसा हो तो योनि को सही से सफाई करें ।
5. स्त्री को बिना सहमति रंग गुलाल न डाले सभ्यता और आप पुरुष हैं पुरुषार्थ और अपनी मर्दानगी का परिचय जबरदस्ती ब्रा में हाथ देकर नही बल्कि ब्रा पर शॉल डाल कर दे जिससे आपकी मरायदा बढ़ेगी ।
6. छछोरा पन पुरुष न करें आपकी परिवार की स्त्री भी अपने जीजा, देवर और पुरुष साथी के साथ होली खेलती है वहाँ भी आप जैसा ही कोई पुरुष है ।
7. स्त्री तन उसे ही सौंपती है जिससे मन मीलता है ।
8. जबरदस्ती आप बलात्कार कर सकते प्रेम नही
9. सम्भोग में प्रेम से आनन्द आता है जबरदस्ती तो सिर्फ लिंग शांत होता है ये आप हस्तमैथून से भी कर सकते ।
10. गुलाल रंग लगे ओठ को मत चूमे इससे बीमार हो सकते हैं ।
होली की अग्रिम शुभकामनाएं। होली में अपने होल का ध्यान रखें!!!
❤️
2 477
क्या आपने कभी गहराई से एक चीज सोचने का प्रयास किया है?
विवाह में 2 दिन पूर्व अनजान रहने वाले पति पत्नी अचानक से विवाह के एक दिन उपरांत सुहागरात के बाद कैसे एक दूसरे के लिए खास हो जाते हैं एक दूसरे कि आत्मा से जुड़ जाते हैं!
मेरा मानना है कि इसमें संभोग का बहुत बड़ा योगदान है।
प्यार तो हम है सिर्फ एक दूसरे के मन से जोड़ता है, लेकिन संभोग शारीरिक सुख हमें आत्मा और आत्मा से जोड़ देता।
मुझे लगता है यह संभोग की ताकत होती है।
संभोग का शाब्दिक अर्थ होता है साथ में भोग, शरीर का भोग
हा सम्भोग
लेकिन जब आप अपनी प्रेमिका या दोस्त के साथ संभोग करते हैं तो उसमें आप दोनों साथ में भोग रहे होते हैं
2 477
मादा एक संभोग के बाद दूसरे को तैयार है इसी नियम पर दुनिया के वेश्याघर चलते हैं .... जबकि नर के दो संभोगों के बीच अंतराल होगा ही होगा.....वो पहले संभोग के बाद झटके से मादा अलग हटेगा और सो जाना चाहेगा ये उसकी प्रकृति है।
जबकि मादा की प्रकृति इसके बिल्कुल विपरीत है वो संभोग के तुरंत बाद उसके मुँह से वो शब्द सुनने को आतुर होती हैं जो उसे गुदगुदा दें......वो ये नहीं जानती कि नर प्रेम के बाद प्रेम नहीं कर सकता वो युद्ध के बाद प्रेम को लालायित हो सकता हैं वो मूल रूप से शिकारी की भूमिका ही अदा करता है हाँ सभ्य समाज में उसकी इस प्रवृत्ति को खुबसूरत लिबासों में ढका जाता है।
दुनिया का सबसे बड़ा तानाशाह हिटलर रोजाना पाँच सौ आदमियों को कटवा कर अपनी प्रेमिका की गोद में सर रख कर प्रेमगीत लिखता था उससे जुदाई के बीते लम्हों का वर्णन करते उसके गाल भीगते थे ..... अशोक कलिंग युद्ध में हुई मारकाट से दग्ध होकर प्रेमालिंगन को तड़प उठा था ...
उसने बौद्ध दर्शन को अपने अंदर यूँ समाहित किया आज अशोक और बौद्ध दर्शन को अलग किया ही नहीं जा सकता
नेपोलियन बोनापार्ट भी अपने बख़्तरबंद कवच को उतार प्रेम रस में डूबता था इतना रोमांटिक या प्रेयसी को समर्पित होता था इस समय जितना कोई कवि शायर या मासूम दिल का नर भी समर्पित नही हो सकता।
सामान्य नर इस प्रकार के न युद्ध कर सकता हैं ना ही प्रेमातुर हो सकता है.....वो न घृणा के चरम पर जाएगा न प्रेम तल की गहराई में आएगा....वो कुछ दस मिनट का खेल करेगा जो उसे किसी रूप संतुष्ट नहीं करेगा......इसी संतुष्टि प्राप्ति हेतु वो साथी को बदलने को उत्सुक हो सकता है....जहाँ जहाँ सामाजिक बंधन कमजोर ये बदलाव लगभग छह महीने के अंदर हो जाता है.....पर इन बदलावों से न परिस्थिति बदलती है न उसकी मनोरचना ...यानि वो प्रेम पाने में प्रेम करने में असफल रहता है।
यदि नर के जंगली पन को निकलने का रास्ता बन जाएँ तो वो प्रेम कर सकता हैं पा सकता है दे सकता है.....यही एक कारण है मादा हमेशा समाजिक रूप सभ्य की अपेक्षा उद्दंड नर की तरफ झुकती है .... इसलिए बिगड़े हुए लड़कों को समर्पित प्रेमिकाएँ मिलती है बजाएं सामाजिक दृष्टि से सभ्य का टैग पाएँ लड़कों को ...
المحتوى متاح للمستخدمين بعمر 18 عامًا فأكثر
بتسجيل الدخول إلى الخدمة، فإنك تؤكد أن عمرك 18 عامًا أو أكثر.
