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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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*घरेलू उपाय द्वारा लिंग को पत्थर जैसा सख्त खड़ा करने का प्राचीन फार्मूला*
1. *खजूर खायें*
खजूर गर्म प्रकृति के होते हैं और शरीर को स्वस्थ, मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। खजूर में कई तरह के स्वास्थ्यवर्धक गुण छिपे होते हैं, जिन्हें खाने से ऊर्जा मिलती है। खजूर खाने से पुरुषों के लिंग के साथ-साथ शरीर में भी ताकत आती है, जिससे उनके विकास को ताकत मिलती है।
2. *नियमित रूप से व्यायाम करें*
अपने लिंग को स्वाभाविक रूप से बड़ा करने के लिए इन सरल व्यायामों का पालन करें। आपके शरीर को स्वस्थ रखने और रक्त परिसंचरण में सुधार के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना आवश्यक है। सरल व्यायाम जैसे दौड़ना, साइकिल चलाना, टहलना, तैरना आदि। आप अपने लिंग को अपने हाथों से फैलाने की कोशिश भी कर सकते हैं।
3. *मेडिटेशन करें*
ध्यान तनाव को कम करने में मदद कर सकता है जो बदले में ऊर्जा को बहाल करता है। जब आप ध्यान करते हैं तो यह आपके यौन जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगा क्योंकि यह रक्त प्रवाह और लिंग वृद्धि में मदद करेगा। लिंग को लंबा करने में फायदेमंद होता है।
4 *धूम्रपान न करें*
आपके लिंग की उत्तेजना और इरेक्शन आपके रक्त प्रवाह पर निर्भर करता है। जब आप धूम्रपान करते हैं, तो आपके लिंग तक रक्त पहुंचाने वाली धमनी नली का आकार छोटा हो जाता है। इससे लिंग तक कम रक्त पहुंचता है। अगर आप अपने लिंग का आकार बढ़ाना चाहते हैं और अपने लिंग को बड़ा करना चाहते हैं तो धूम्रपान छोड़ दें।
5. *पेट की चर्बी कम करें*
पेट की चर्बी जितनी बड़ी होगी, लिंग का आकार उतना ही छोटा होगा। एक बार जब आप पेट की चर्बी कम करना शुरू कर देंगे, तो आप अपने लिंग के आकार में अंतर देखेंगे। आपकी आदर्श कमर का आकार 32 इंच होना चाहिए, हालांकि यह 35 इंच है तो ठीक है।
6. *अश्वगंधा का चूर्ण*
अश्वगंधा सदियों पुरानी औषधि है, जो कई बीमारियों को ठीक करने का काम करती है। अश्वगंधा का इस्तेमाल सेक्स पावर बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। इसके लिए अश्वगंधा के चूर्ण को आधा चम्मच दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करें। यह यौन इच्छा या यौन शक्ति से संबंधित समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है।
7. *केसर*
इच्छा को बढ़ाने के लिए आमतौर पर घरेलू उपचार में केसर का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। केसर में ऐसे गुण होते हैं जो एस्ट्रोजन, सेरोटोनिन और अन्य अच्छे हार्मोन को बढ़ावा देते हैं, जो तनाव को कम करने में सहायक होते हैं। ऐसे में आप अपने पार्टनर के साथ शांति के पल बिता सकते हैं।
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प्रश्न,,,,,,,,,,,,,।हर दिन एक बार या दो बार मैस्टरबेशन करने की इच्छा का होना और करना, क्या यह सामान्य है। क्या हर दिन मैस्टरबेशन करने से कोई परेशानी होती है ।
,,,यह मुमकिन है कि दो पार्टनर में एक की कामेच्छा ज्यादा हो और एक की कम। ऐसे में अपनी कामेच्छा को पूरा करने के लिए किसी भी पार्टनर द्बारा मैस्टरबेशन का रास्ता चुनना ठीक है और जायज भी है। सहवास में जो क्रिया पुरुष का प्राइवेट पार्ट महिला के प्राइवेट पार्ट में करता है। मैस्टरबेशन के दौरान वही क्रिया पुरुष अपनी मुट्ठी से करता है और महिला अपनी उंगलियों या टोय इत्यादि से करती है। सहवास और मैस्टरबेशन की लिपि अलग हो सकती है लेकिन व्याकरण एक ही है।जिस प्रकार हर दिन एक बार या दो बार सहवास करने से कमजोरी नहीं आती या नुकसान नहीं होता है।उसी तरह मैस्टरबेशन से भी कमजोरी नहीं आती या नुकसान नहीं होता है।यह ठीक उसी तरह है कि ज्यादा बोलने से जुबान कमजोर नहीं होती और कम बोलने से जुबान मजबूत नहीं होती।
,,,,,सेक्स की इच्छा होने पर कोई एक पार्टनर किसी अनजान के साथ सम्बन्ध बना कर सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज जैसे एड्स जैसी का शिकार बन जाय, मैस्टरबेशन उससे बहुत बेहतर है। आर्युवेद में और वात्स्यायन रचित कामसूत्र में कहीं भी इस बात की चर्चा नहीं की गई है कि मैस्टरबेशन कोई बीमारी है।या उससे कोई नुक्सान होता है या फिर कमजोरी आती है।इसे किसी भी उम्र तक इच्छा होने पर किया जा सकता है।
नोट,,,, क्यों कि आप हैं, आपके प्राइवेट पार्ट हैं और आपकी मुठ्ठी या उंगलियां फ्रीईली एवेलेबल हैं । तो ऐसे में मैस्टरबेशन की लत लगना स्वाभाविक है और कभी भी इसकी हुड़क लगने पर अति के रूप में परिवर्तित हो सकती है।इस बात का ध्यान रखना जरूरी है।
,, जैसा कि कहा जाता है कि सहवास सप्ताह में दो बार या तीन बार करना सबसे ज्यादा अच्छा है वैसे ही मैस्टरबेशन भी इसी तरह से ही ठीक रहेगा।अगर बहुत ही जरूरी हो जाता है तो सहवास या मैस्टरबेशन दिन में एक बार से ज्यादा ना करें।
,,, उपलब्ध सेक्सोलॉजिस्ट के सौजन्य से।
,,,यह बस और सिर्फ एक राय है।अपनी केपेसिटी को ध्यान में रखकर ही ये सब करें।यू आर दी बैस्ट जज।
,,, अशोभनीय टिप्पणी और तर्क वितर्क से बचें।
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कपड़े जितने छोटे होंगे स्त्री उतनी कामुक लगती है । निर्वस्त्र औरत कामुक आकर्षक नही लगती है ।
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तंत्र सेक्स.....
स्खलन करने की कला में महारत हासिल करने के लिए जोड़ों को सशक्त बनाने और शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक स्तर पर एक-दूसरे के साथ गहराई से जुड़ने के लिए तंत्र सेक्स एक गहन विज्ञान है ।
स्त्री और पुरुष दो ऊर्जा सकारात्मक और नकारात्मक ध्रुव है । उन दो ध्रुवों का सही मिलन एक गहनता पूरा करता है और बिजली पैदा करता है । इस बिजली की समझ तभी संभव है, जब सहवास की अवधि अधिक समय तक रहता है ।
ऊर्जा के इस विद्युत प्रवाह का अनुभव करने वाला एक जोड़ा जीवन का भरपूर आनंद लेता है । वह भोग को गहराई से भोगता है । कामवासना केवल आनंद का साधन ही नहीं है । यह आध्यात्मिक उन्नति का एक गुण साधन अर्थात मार्ग भी है ।
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ब्रह्मा जी ने गर्भधारण करने के लिये स्त्री को तथा सन्तान उत्पन्न करने के लिये पुरुष को रचा है। इस लिये इस हेतु से पुरुष का पत्नी के साथ जीवन जीना साधारण धर्म है। यह वचन है...
प्रजनार्थं स्त्रियः सृष्टाः सन्तानार्थं च मानवाः । तस्मात् साधारणो धर्मः श्रुतौ पल्या सहोदितः ।। (मनु. ९ / ९६ )
मैथुनजन्य सृष्टि का आगे बढ़ाना स्त्री पुरुष का अनिवार्य धर्म है। सन्तान न होने से विवाह किया जीवन ही व्यर्थ होता है। हमें किसी ने उत्पन्न किया है, इसलिये हम भी किसी को उत्पन्न करें। इस बात को ध्यान में रखना चाहिये। यह ब्रह्मधर्म है। इस धर्म का प्रतिरोध, निरोध पाप है। ब्रह्मा जी पितामह कहे जाते हैं। हमें भी पितामह (पुत्रपौत्रवान्) होना चाहिये। जो लोग पितामह हैं, उन्हें मेरा नमस्कार । 'धिग् मैथुनमप्रजम्'। उस मैथुन को धिक्कार है जिस से सन्तान की उत्पत्ति न हो। यह शास्त्र का वचन है। सिक्किम की राजधानी गन्तोक वहाँ की एक जनजाति में वयस्क बाला किसी युवक के साथ भाग जाती है। दोनों किसी सम्बन्धी के यहाँ रहते हुए सहवास करते है। लड़की कुछ समय बाद अपने घर लौटती हैं। यदि वह गर्भवती हो जाती है तो उसका युवक से विवाह कर दिया जाता है। लड़की के भागने का समाचार उसके घर वाले प्रसन्नता पूर्वक लोगों को बताते हैं। यदि लड़की उस युवक से गर्भवती नहीं होती है तो उसे दुबारा किसी दूसरे के साथ भागना पड़ता है। विवाह तभी होगा, जब वह गर्भवती होगी। जो लड़की को गर्भवती कर सकता है, उसी को उससे विवाह करने का अधिकार है। गर्भवती न करने वाला युवक विवाह से वंचित रहता है। गर्भ ठहराने वाला ही वीर्यवान् है। इसलिये पूज्य है। गर्भवती होने वाली युवती उर्वरा है। इसलिये पूज्या है। काम की भूख शान्त करने के लिये मातापिता परिवार की सम्मति से भागना शुभ एवं अच्छा है। यह प्रथा आज के सन्तान निरोधक युग में कब तक टिक पायेगा ? इसे कौन जाने । वयस्क होने पर विवाह करके सत्तान पैदा करना, एक स्वस्थ सामाजिक परम्परा है। अब धारा उल्टी बह रही है। 'अभी विवाह नहीं की प्रथा चल पड़ी है। विलम्ब से ढलती जवानी में विवाह हो रहे हैं। विवाह के बाद, 'अभी सन्तान नहीं की वृत्ति चल पड़ी है। ढलती अवस्था में किसी प्रकार एक सन्तान, जिसका पालन करना दम्पत्ति के लिये भार है, शिशु पालन गृह में डाल दिया जाता है। संस्कारों से वञ्चित सन्तान, वात्सल्य से वञ्चित माता-पिता हैं। यह आज की औद्योगिक सभ्यता की देन है। काम सुख के लिये, महा दुःख का ताना-बाना बुना जा रहा है। लोग रोते हुए छद्म हँसी हँस रहे हैं। यह आधुनिक समाज को अद्भुत विडम्बना है।
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हर #कुंवारे_लड़के की चाहत
हमें ऐसी पत्नी चाहिए जो गोरे रंग की, भरी पूरी और पवित्र हो । जो माता-पिता का सम्मान करे । तीज त्यौहार करे, पर गाँव की गंवार न हो, मॉडर्न हो। हमारे साथ गोवा चले, तो कैपरी - स्लीवलेस में रहे । घर आके सिन्दूर और रंग बिरंगी चूड़ियाँ भी पहन सके । दिवाली पे मठरी - गुजिया ही नहीं, घर की नमकीन, मिठाई, और रसगुल्ले भी बनाये। सुबह बिस्तर पे चाय लाये, और अपने खर्चे के लिए खुद कमा भी लें ( टीचिंग जॉब बेस्ट है ) . गाँव जाये तो पर्दा भी करे और शहर में बैंक / सरकारी दफ्तर जाके अपना काम भी करा ले. जो तीज / करवाचौथ भी रखती हो, और हमारी पॉलिटिकल, इंटेलेक्चुअल बात भी सुने उसे आचार- मुरब्बा बनाना भी आता हो, और नाश्ते के लिए गोंद, मैथी के लड्डू भी। सिर्फ दही बड़ा ही नहीं, पास्ता भी। पुलाव भी बनी दे, और पनीर भी।
गाय की तरह सीधी हो । सबके सामने नज़रे नीचे रखे, और हमारे साथ रात में अंग्रेजी मूवीज की तरह वाइल्ड और नॉटी भी हो।
ये सब लव मैरिज में हो जाए ( अपनी जाति में), दहेज़ लेके और घरवालों के पैसे लगाके ... तो सोने पे सुहागा।
😃
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लोग स्त्री के उभारों की ऊँचाई देखकर गिर जाते हैं । उसकी गहराइयों में ऐसे डूबते हैं कि मरकर के वापस आते हैं । इसलिए जब भी तुम्हें स्त्री के नजदीक जाने का अवसर मिले चूकना मत ! जरुरी नहीं कि हर बार तुम सेक्स में ही जाओ , कुछ समय ऐसा भी गुजारना ; जहाँ तुम शरीर के पार देखने की कोशिश करना ; शायद तुम उसके दिल की धड़कन सुन सको , शायद तुम उसके स्त्रीत्व को छू सको , और जिस पल तुमने उसके स्त्रीत्व को छू लिया तब अचानक से वासना तिरोहित होगी , और प्रेम का आगमन होगा , तुम एक परमसुख की अनुभूति करोगे , एक ऐसा आनंद जो तुम्हें जन्मों - जन्मों तक गुदगुदाता रहेगा , तुम मुस्करा उठोगे , अखिल जाओगे , और यही खिलावट तुम्हें जीवन के परम सत्ता की अनुभूति देगी , जीवन के परम आनंद से तुम्हारा मिलन होगा . - ओशो ~
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स्त्रियां प्रेम की दृष्टि से सदैव सरल,
सहज और भोली रही है
जो पूर्ण समर्पित होना चाहती है।
वह आसानी से बह जाती है
बस तुम्हारी बातों में वो वेग होना चाहिए
जो उन्हें अपने साथ बहा ले।
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*संभोग के तरीके में फोरप्ले की अहमियत समझें*
कई मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि फोरप्ले बहुत ही महत्वपूर्ण है। विज्ञान के अनुसार महिलाएं ऑक्सिटोसिन (Oxytocin) नामक हॉर्मोन का उत्पादन करती हैं, जो उनको अपने साथी के साथ मानसिक और भावनात्मक स्तर पर जुड़ने में मदद करता है। ऐसे में फोरप्ले इस हॉर्मोन के रिलीज में मदद करता है जिससे आप दोनों की सेक्स में दिलचस्पी बढ़ती है
*सेक्स एंजायटी (Sex anxiety) को दूर भगाएं*
लंबे समय तक अपने साथी के साथ संबंध ना बनाने की वजह से आप चिंतित हो सकते हैं पर असल में यह चिंता आपके मन में सेक्स की इच्छा को मार देगी। तो सेक्स के सकारात्मक पहलू पर ध्यान दें और अपनी यौन क्रिया का आनंद उठाएं।
*सेक्स के लिए करें तैयारी*
जिस प्रकार आप कहीं जाने के लिए तैयार होते हैं ठीक उसी तरह अपने साथी के साथ संभोग से पहले आपको तैयार होना जरूरी है। अपने आर्म पिट, प्यूबिक हेयर को वैक्स करें। अपने अंडर्गार्मेंट्स सेट में भी बदलाव करें। यौन विशेषज्ञों का कहना है कि जब आप सेक्सी दिखते हैं, तो आप सेक्सी महसूस करते हैं।
*किसी नयी जगह पर जाएं*
किसी नई जगह पर जाना आपके सेक्स अनुभव को कई गुना बेहतर कर सकता है। सेक्स करने की जगह और वहां के दृश्य आपके मन में एक नयी तरंग को जन्म देते है और आप अपने साथी के साथ एक नई ऊर्जा से जुड़ते हैं। साथ घूमना, नए शहर और जगह देखना आपकी नेगेटिविटी को कम करेगा और वास्तव में अपने साथी के साथ एक नयी शुरुआत कर सकेंगे।
*डेट के लिए समय निकालें*
रिलेशनशिप एक्स्पर्ट ऐसा मानते हैं कि “एक लंबे रिलेशनशिप में सेक्स उबाऊ हो सकता है”। ऐसे में रिलेशनशिप को नया रूप देने के लिए आप अपने साथी के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करें। साथ डेट पर जाने से आप दोबारा मानसिक और शारीरिक रूप से अपने साथी से जुड़ सकते हैं।
*संभोग के तरीके: पहली पहल आप करें*
वर्षों से ऐसी पारंपरिक मानसिकता चली आ रही है कि पुरुषों की सेक्स ड्राइव (Sex drive) महिलाओं के मुकाबले ज्यादा होती है। इसीलिए कभी भी संबंध बनाने के लिए वो ज्यादा पहल करते हैं। लेकिन आज के समय और समाज का ये दृष्टिकोण काफी पुराना हो चला है। कितनी बार इस इंतज़ार में रहना कि पहल आपका पुरुष साथी करेगा आपको लंबे समय तक सेक्स से दूर रख सकती है। ऐसे में बगैर समय बिताए एक सकारात्मक विचार के साथ संबंध बनाने के लिए आप पहली पहल करें।
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एक स्त्री के जीवन की सच्चाई
कभी कभी लगता है
स्त्री होना एक सज़ा है
ना पढ़े तो अनपढ़ ज़ाहिल
औऱ पढ़ ले तो पढ़ाई का घमण्ड है
शादी न करे तो बदचलन नकचड़ी है
औऱ कर ले अब आया ऊँट पहाड़ के नीचे
सब से मिल कर रहे तो चालाक
मिल कर न रहे तो घमण्डी
पढ़ लिख कर घर में रहे तो
क्यों इतने साल औऱ पैसे खोये
क़ोई नौकरी करो तो "पर" निकल आये हैं
नौकरी का घमण्ड है
सहकर्मी से बात करो तो चलता पुर्जा
औऱ न करो तो छोटी सोच वाली
बड़ा लम्बा चिट्ठा है साहब
क्या कहें ! चुप ही रहें
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कहते हैं प्रेम जब विवाह में परिवर्तित होता है तो प्रेम की हत्या होना तय है। न प्रेम बचता है, न प्रेमी और न ही प्रेमिका।
ओशो इस बात पर विशेष जोर देते हैं कि प्रेमिका को पत्नी के रूप में परिवर्तित कर देना अपराध है। क़ानून तो इसकी सजा नही देगा लेकिन प्रकृति खुद इसकी सजा दे देती है। इसलिए क़ानून की कोई जरूरत नहीं।
इसी प्रकार प्रेमी को पति बना देने से इस सम्बन्ध का सौंदर्य नष्ट हो जाता है। हसबैंड, पति शब्द ही भद्दा है। यह उसी धातु से बना जिससे हस्बेंड्री कृषि कर्म शब्द बना है ।
हसबैंड, पति वह है जो बीज बोने के लिए स्त्री का उपयोग खेत की तरह करता है।
ओशो कहते हैं कि दुनिया की हर भाषा से हसबैंड या पति शब्द मिटा देना चाहिए। यह शब्द अमानवीय है।
प्रेमी तो समझ में आता है पर पति नही।
प्रेम तभी ज़िंदा रह सकता है जब प्रेमी हों। यदि वही पति-पत्नि हो गए तो रोज के झमेले में प्रेम की सिर्फ कुछ धुँधली यादें बचती हैं और एक भ्रम जो दुनिया के लिए होता है।
दिखावे के लिए कि बड़े प्रेम से हैं दोनों हसबैंड-वाइफ।
विफलता अगर स्वीकार ली गई तो एक साथ कई लोगों का ईगो हर्ट हो जाएगा। इसलिए प्रेम का नाटक जारी रहता है, शिकायतें बढ़ती रहती हैं।
अंत समय में ही पता चलता है कि जीवन बर्बाद हो गया।माया मिली न राम।
वैसे, कुछ रिश्ते इसके अपवाद भी हो सकते हैं। जहाँ पति-पत्नि होना सामाजिक औपचारिकता हो और मूल रूप में अभी भी वे प्रेमी-प्रेमिका ही हों।
कहने का अर्थ यही है कि किसी के साथ होने, साथ देने या रिश्तों को आनंद पूर्वक जीने के लिए प्रेममय होना, प्रेम में होना जरूरी है।
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महिलाओं की क़मर की आकार
क्यों चौड़ी हो जाती है ?
अक़्सर देखा जाता है कि
महिलाओं की क़मर
लड़कियों की क़मर की अपेक्षा
ज़्यादा चौड़ी होती है
लेकिन शायद हम लोग
इस का कारण नहीं जानते होंगे ।
लड़कियों की क़मर
जहाँ पतली मानी जाती है ।
जवानी में लड़कियों की क़मर
जितनी पतली होती है
उतनी अच्छी मानी जाती है ।
क्योंकि पतली क़मर की लड़कियों के साथ
शारीरिक सम्बन्ध बनाने में
ज़्यादा अच्छा लगता है ।
महिलाओं की क़मर
शादी के बाद इसलिए बड़े हो जाते हैं
क्योंकि उस के साथ
शारीरिक सम्बन्ध बनाने के बाद
उस के क़मर में अन्तर आ जाता है ।
शारीरिक सम्बन्ध बनाने के बाद
लड़कियों की क़मर चौड़ी होने के कारण
माँसपेशियों का व्यायाम होना है ।
वहाँ पर रक्त सँचार बढ़ता है ।
वहाँ की माँसपेशियाँ मज़बूत होने से
वहाँ का आकार बढ़ जाता है ।
शरीर में यौन हार्मोन्स का बढ़ जाना भी
कारण होता है ।
एक शोध से पता चला है कि
एक तरफ़ उन महिलाओं जिन के साथ
कभी शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाया गया
उन के क़मर की चौड़ाई औऱ
एक तरह उन महिलाओं के साथ
जिन के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाया जाता
उन के क़मर की चौड़ाई में काफ़ी अन्तर था ।
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शादी के बाद क्यों
लड़कियों की कमर फूलने लगती है ?
महिलाओं की चौड़ी क़मर
बच्चों के प्रजनन के समय अच्छा माना जाता है ।
अक़्सर देखा जाता है कि
गर्भावस्था के दौरान
महिलाओं की क़मर चौड़ी हो जाती है
जिस से उन के
बच्चे को जन्म देने में कठिनाई भी नहीं होती है ।
यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है ।
इस में प्रजनन के दौरान हुए गये बदलाव को
बाद में फ़िर से वापस पा लिया जाता है ।
इस कारण से महिलाओं की क़मर चौड़ी होती है ।
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हम पुरुषों में सबसे बड़ी कमी क्या है की जब अपने हड्डी विहीन अंग में तनाव जब रहता है तो प्रियतमा का जल्दी जल्दी कपड़े उतारते हैं और शुरू हो जाते हैं ।
और पानी का टपकते ही प्रियतमा को भी उसी उतारे हुए कपड़े की तरह अलग कर देते हैं ।
कभी ट्राई करके बताना आप लोग प्रियतमा को कपड़ा भी उतारो और फिर जब आपका पानी उतर जाए तब प्रियतमा को खुद से कपड़े पहनना ।
प्रेम का अनंत चरम अनुभव होगा आपको।
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