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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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सुनो !
प्रियत्मा !
तुझ सा कोई जहान में नाज़ुक-बदन कहाँ
ये पंखुड़ी से होंट ये गुल सा बदन कहाँ
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महिलाओं में ऑर्गेज्म प्राप्त करने के लिए क्लिटोरिस के साथ प्ले करना काफी फायदेमंद है, जबकि पुरुषों में यह कार्य पेनिस करता है। महिलाओं के क्लिटोरिस में करीब 8000 नर्व एंडिंग होती हैं, जो कि क्लाइमेक्स को प्राप्त करने में मदद करती हैं। इसके अलावा, जी-स्पॉट रबिंग दूसरा मददगार पहलू हो सकता है।
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फर्स्ट टाइम सेक्स ब्लीडिंग से बचाव के लिए बेहतर यही होगा कि आप धीरे-धीरे और आराम से संभोग की शुरुआत करें। यदि आप पेनिस इन वजाइना (पीआईवी) या पेनिस इन एनस (पीआईए) सेक्स का अनुभव करना चाहते हैं तो बेहतर यही होगा कि पार्टनर को तैयार करें। वहीं लिंग को योनि में डालने की बजाय छोटी चीज जैसे फिंगर या स्मॉल डिल्डो का इस्तेमाल आप कर सकते हैं। लेकिन धीरे-धीरे संभोग की क्रिया को कर, आप फर्स्ट टाइम सेक्स ब्लीडिंग से काफी हद तक बचाव कर सकते हैं।
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जिन महिलाओं का स्खलन देर से होता है उनके योनि पर सिल्की चॉकलेट रखकर चाटिए दोनों को आनन्द आएगा और स्खलन भी जल्दी ।।
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#सेक्स #परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए खाएं #डार्क #चॉकलेट
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हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन के अनुसार, कामेच्छा और इरेक्शन क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए उन्हीं चॉकलेट का सेवन करना चाहिए।।
ज्यादातर साइंटिस्ट डार्क चॉकलेट खाने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि कुछ ड्रग्स के मुकाबले डार्क चॉकलेट आपको कई गंभीर बीमारियों से बचाने के साथ ही उनके इलाज में भी मददगार होते हैं। इसके लिए चॉकलेट में कोकोआ की मात्रा कम से कम 60 से 75 प्रतिशत जरूर होनी चाहिए। बेल्जियम के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में यह दावा किया है कि चॉकलेट खाने से पुरुषों की सेक्स परफॉर्मेंस छह घंटे तक बढ़ सकती है। चॉकलेट के मूल घटक कोकोआ में शामिल एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन शरीर के सभी आवश्यक हिस्सों तक पहुंच पाता है। चॉकलेट एक सेक्स उत्प्रेरक के तौर पर काम करती है और लव मेकिंग के दौरान नई ताजगी पैदा करती है।
डॉर्क चॉकलेट आपके मूड व ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने के साथ ही ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, प्रीमैच्योर डेथ, कोरोनरी डिजीज को कम करता है, इससे आपके सेक्सुअल हेल्थ पर भी पॉजिटिव असर होता है डार्क चॉकलेट में ऐसे पदार्थ होते हैं, जो हमारे मूड, ऊर्जा और यौन कार्य (sexual function) को प्रभावित करते हैं।
चॉकलेट में एल-आर्जिनिन (L-arginine) नाम का एक अमीनो एसिड होता है, जो महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए एक प्रभावी और प्राकृतिक तरीके से सेक्स इच्छाओं को बढ़ाता है। यह नाइट्रिक ऑक्साइड और आपके यौन अंगों में रक्त प्रवाह को बढ़ाकर काम करता है, जो सेन्सेशन, संतुष्टि, सेक्स के प्रति इच्छा और कामेच्छा (libido) को बढ़ाता है।
सेक्स करने की इच्छा नहीं, तो डार्क चॉकलेट खाकर देखिए, आप जरूर मूड में आ जाएंगे। डार्क चॉकलेट दिमाग में सेरोटोनिन और डोपामाइन के लेवल को बढ़ाने में मदद करता है। इससे आप खुशी महसूस करते हैं। जब आप खुशी महसूस करते हैं, तो आपका मूड भी बेहतर होता है। डार्क चॉकलेट में फेनिलेथिलामाइन (phenylethylamine) होता है। यह आपके मस्तिष्क में बनने वाले केमिकल की ही तरह होता है। यह तब उत्पन्न होता है, जब आपको लगता है कि आपको प्यार हो रहा है। फेनिलेथिलामाइन एंडॉर्फिन के रिलीज होने में मदद करता है, जिससे आपका पूरा मूड बेहतर होता है। आपको खुश महसूस होती है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन में शामिल वैज्ञानिकों के अनुसार, कामेच्छा (libido) और इरेक्शन क्वालिटी (erection quality) को बेहतर बनाने के लिए उन्हीं चॉकलेट का सेवन करना चाहिए, जिसमें कोकोआ की मात्रा ज्यादा हो। इससे टेस्टोस्टेरोन के स्तर को भी बढ़ावा मिलता है।
डार्क चॉकलेट में मौजूद कोकोआ में फ्लेवोनॉएड पाए जाते हैं। एक शोध के अनुसार, फ्लेवोनॉएड युक्त खाद्य पदार्थ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या को कम करने में मदद करते हैं। इससे इरेक्शन में मदद मिलती है और आप सेक्सुअल लाइफ का भरपूर आनंद उठा सकते हैं।
डार्क चॉकलेट में थियोब्रोमाइन कम्पाउंड होता है, जिससे यह एफ्रोडिसिएक गुण वाला खाद्य पदार्थ बनता है। थियोब्रोमाइन सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर काम करता है, जिससे आप ऊर्जावान बने रहते हैं और उत्तेजित और उत्साहित महसूस करते हैं। इससे सेक्स करने की इच्छा भी मजबूत होती है।
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सैक्स के दौरान ध्यान दें ये बातें ;-
– सैक्सी पलों की शुरुआत सैक्सी फूड जैसे स्ट्राबैरी, अंगूर या चौकलेट से करें.
– ज्यादा इंतजार न कराएं.
– मिलन के दौरान कोई भी ऐसी बात न करें जो एकदूसरे का मूड खराब करे या एकदूसरे को आहत करे. इस दौरान वर्जिनिटी या पुरानी गर्लफ्रैंड या बौयफ्रैंड के बारे में कोई बात न करें.
– संबंध के दौरान कल्पनाओं को एक तरफ रख दें. पोर्न मूवी की तुलना खुद से या पार्टनर से न करें और वास्तविकता के धरातल पर एकदूसरे को खुश करने की कोशिश करें.
– बैडरूम में बैड पर जाने से पहले अगर आप घर में या होटल के रूम में अकेली हों तो थोड़ी सी मस्ती, थोड़ी सी शरारत आप काउच पर भी कर सकती हैं. ऐसी शरारतों से पहले सैक्स का रोमांच और बढ़ जाएगा.
– सैक्स संबंध के दौरान उंगलियों से छेड़खानी करें. पार्टनर के शरीर के उत्तेजित करने वाले अंगों को सहलाएं और मिलन को चरमसीमा पर ले जा कर पहले मिलन को यादगार बनाएं.
– मिलन से पहले फोरप्ले करें. पार्टनर को किस करें. उस के खास अंगों पर आप की प्यार भरी छुअन सैक्स प्लेजर को बढ़ाने में मदद करेगी.
– सैक्स के दौरान सैक्सी टौक करें. चाहें तो सैक्सुअल फैंटेसीज का सहारा ले सकती हैं. ऐसा करने से आप दोनों सैक्स को ज्यादा ऐंजौय कर पाएंगे. लेकिन ध्यान रहे सैक्सुअल फैंटेसीज को पूरा के लिए पार्टनर पर दबाव न डालें.
– संयम रखें. यह पहले मिलन के दौरान सब से ज्यादा ध्यान रखने वाली बात है, क्योंकि पहले मिलन में किसी भी तरह की जल्दबाजी न केवल आप के लिए नुकसानदेह होगी, बल्कि आप की पहली सैक्स नाइट को भी खराब कर सकती है.
सैक्स के दौरान बातें करते हुए सहज रह कर संबंध बनाएं. तभी आप पहले मिलन को यादगार बना पाएंगे. संबंध के दौरान एकदूसरे के साथ आई कौंटैक्ट बनाएं. ऐसा करने से पार्टनर को लगेगा कि आप संबंध को ऐंजौय कर रहे हैं.
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होंठ चूमना
किसी महिला के लिए एक बड़ा ही टर्निंग प्वांइट होता है.. जब शारीरिक रिश्ते बन रहे होते हैं.. तो चुम्बन ऐसी पहली क्रिया होती है.. जो सर्वप्रथम अस्वीकार की जाती है.. लेकिन शुरू होते ही उफ्फ ...
होंठ उत्तेजक नसों से लबालब भरे होते हैं। इन्हें तुरंत जीभ में डुबाना चाहिए। आपके सौम्यता से किए गए चुम्बन के द्वारा.. कामुकता में तीव्रता से परिवर्तन होता है।
सबसे पहले स्त्री के निचले होंठों पर अपनी जीभ फेरें.. फिर उसे अपने होंठों के बीच उसके होंठों को फंसाकर चूसें.. उसे भी ऐसा करने दें।
जब आप उसे चुम्बन कर रहें हों.. तो अपने हाथ उसकी गर्दन पर रखें.. या फिर उसकी कमर या नितंबों पर.. या फिर इस दौरान उसके इन सभी जगहों पर हाथ फेर सकते हैं उसे यह दिखाने और जताने के लिए कि आप उससे कितना कुछ चाहते हैं। फिर जो उत्तेजना जागती है उसकी ohhh उफ़्फ़फ़ आपको विस्तर से सुबह तक जागने नही देगी
शुभ प्रभात
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जी स्पॉट को कैसे उत्तेजित करें ....
जी स्पॉट को उत्तेजित करने के लिए आपके पास कई प्रकार के साधन हैं। जिनका उपयोग करके आप आसानी से अपने जी स्पॉट को तुरंत ही उत्तेजित कर सकते हैं।
इसको उत्तेजित करने के लिए आप अपने फिंगर से जी स्पॉट को छूते हुए अपने हाथ को घुमा सकते हैं।
यदि आप अपने पुरुष साथी के साथ हैं, तो अपने साथी को अपने इस स्पॉट के बारे में बताएं। उसे वहां स्पर्श करने दें। इससे जब आपका साथी आपके उस प्वाइंट को छुता है तो ये उत्तेजित हो जाता है।
यदि आपके पास मसाजर या वाइब्रेटर है, तो आप उसका इस्तेमाल अपने जी स्पॉट के आस-पास कर सकते हैं। इससे आपका जी स्पॉट उत्तेजित हो जाएगा। जिससे आपको चरम सुख की प्राप्ति हो जाएगी।
यदि आपके पास कोई सॉफ्ट वाटर जेट है, तो उसकी मदद से आप जी स्पॉट को उत्तेजित कर सकते हैं। उसके फ्लो के साथ जब वाटर आपके वजाइना के ऊपरी भाग से स्पर्श होता है तो आप उत्तेजित हो जाते हैं।
यदि आपके पास किसी भी प्रकार का सेक्स टॉय है, तो आप उसकी मदद से अपने जी स्पॉट को उत्तेजित कर सकते हैं।
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#आँवला :- जवानी,वीर्यवर्धक,स्वास्थ्य का फल
आंवला स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक है ।
कहा गया है जिसने भी पूरे कार्तिक मास आंवला के वृक्ष पर चढ़कर आंवला के फल पत्तियों और उसके डंठल से दातुन करके व्रत करता है , वह आजीवन निरोगी रहता है ।
कहने का तात्पर्य यह है कि पूरे कार्तिक मास में आँवला के पत्र , पुष्प , फल , इत्यादि का जो भी सेवन करेगा उसके अंदर ग़ज़ब की antibodies का निर्माण होगा , शरीर से विजातीय तत्व या हानिकारक अवयव या बीमार करने वाले तत्व बाहर निकल जाएंगे
आँवला antioxidant का काम करता है । त्वचा के लिए बहुत उपयोगी । जल्दी वृद्धावस्था आने नहीं देता ।
हड्डियों के osteoporosis वाली बीमारी खत्म कर हड्डियों की मजबूती वरदान करता है ।
Antidepressant का कार्य करता है । किसी को depression हो तो वह नियमित आँवला का सेवन करे तो उसको डिप्रेशन नहीं होगा । यह ऐसा हॉर्मोन्स की secretion को induce करता है जो anti depression का कार्य करता है ।
आँखों के लिए , लिवर के लिए , किडनी के लिए बेहद अचूक है । आंवला का कसैलापन शरीर के लिए बहुत उपयोगी है ।
प्रजनन क्षमता को बढ़ाता है । sperms counts को बढ़ाता है और youthfullness बरकरार रखता है ।
जो आँवला का सेवन नियमित करता है वह हमेशा young बना रहता है ।
च्यवन ऋषि का च्यवनप्राश इसी आँवला पर ही बना है । च्यवन ऋषि ने अपनी तरुणाई या जवानी इसी आँवला के सेवन से ही प्राप्त की ।
इसीलिए सब लोग आँवला अवश्य खाईये ।
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#प्यार में #सेक्स करना #जरूरी है???
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ये एक ऐसा विषय है, जिस पर सभी लोगों की अलग अलग राय है। कुछ लोग सही मानते हैं तो कुछ लोग गलत।
सेक्स, हवस और वासना तीनों एक जैसे होने के बावजूद भी तीनों एक दूसरे से अलग हैं।
वासना और हवस:- ये सेक्स का वो मानसिक विकृति है जो ना तो नर-नारी, पशु-पक्षी, छोटे-बड़े आदि में भेद नहीं करता। जब ये विकृति मन में सवार होती है तो वासना से ग्रसित इंसान किसी के साथ कुकृत्य कर देता है।
सामने वाले के इच्छा के विरूद्ध उसके साथ जोड़ जबरदस्ती कर सामने वाले का शारीरिक और मानसिक रूप से क्षति पहुंचाता है।
सीधे शब्दों में कहूं तो जिसके अंदर हवस और वासना पाई जाती है, वो जानवर से भी बेकार होते हैं क्योंकि जानवर भी तभी सेक्स करता है जब मादा और नर दोनों गर्म हो और ऐसे पुरुष को प्रेम से कोई लेना देना नहीं होता है।
वहीं सेक्स या सम्भोग दो लोगों की रजामंदी से किया जाने वाला वो सुख है, जिसे न पाने वाला अतृप्त रहता है। ये वो चीज है जिसके बिना संसार का कल्पना करना ही बेकार है।
अब सवाल है कि प्रेम से सेक्स जायज है या नहीं?
अगर प्रेम हवस और वासना का केंद्र बिंदु है तो वो प्रेम ही नहीं है, क्योंकि सामने वाला इंसान प्रेम नहीं बल्कि अपनी शारीरिक और मानसिक इच्छाएं पूरी करना चाहता है और जैसे उसकी इच्छाएं पूर्ण हुई वो आपका अहित कर सकता है। जैसे को लड़के लड़कियों का सेक्स वीडियो वायरल होना आदि ।
जहां तक सेक्स कि बात है तो प्रेम में सेक्स उतना ही आवश्यक है, जितना आपके नंगे शरीर पर एक कपड़े का होना।
वो कपड़ा आपके शरीर को परिपूर्णता देता है।
प्यार के शुरुआत का पहला बिंदु आकर्षण होता है, जो इंसान की व्यक्त्तिव, उसके अच्छे आचरण आदी से शुरू होती है और जैसे जैसे समय बीतता जाता है प्यार की गहराई उतनी ही बढ़ती जाती है।
साइंस कहता है कि जब तक हम फिजिकली रिलेशन में नहीं रहते तब तक हम अपने प्रेमी या प्रेमिका के प्रति लापरवाह होते हैं, क्योंकि हम सिर्फ उससे मेंटली रूप से जुड़े होते हैं... मगर हम जैसे फिजिकली रूप से जुड़ते हैं हम अपने प्रेमी/प्रेमिका की छोटी छोटी चीजों के बारे में सोचने लग जाते हैं। उसके प्रति वफादारी की प्रतिशत बढ़ जाती है।
सेक्स में प्यार की भागीदारी हो या नहीं हो, मगर प्यार की मजबूती में सेक्स अहम भूमिका निभाता है।
जिस तरह से एंगेजमेंट कि अंगूठी सीधा दिल तक टच करती है, सेक्स भी उसी प्रकार प्यार के भावनाओं को टच करता है।
धार्मिक दृष्टि से देखें तो बिना काम के प्रेम का कोई महत्व ही नहीं है। अगर बिना काम के प्रेम होता तो कामदेव और रति नहीं होते।
देवताओं में कामदेव का अपना अलग महत्व है और बिना कामदेव के प्रेम को अनुभव कर पाना नामुमकिन है।
प्रेम और काम का सामंजस्य और महत्ता खजुराहो की मंदिर बतलाती है, इसलिए प्रेम में सेक्स गलत नहीं है अगर इसका दुरुपयोग ना किया गया हो।
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योनि संतुष्टि के लिए रति-क्रीड़ा में संलग्न होने के पूर्ण नारी को कलात्मक क्रीड़ा द्वारा कामोत्तेजित कर दिया जाये कि वह सेक्स संबंध बनाने के लिए आतुर हो उठे एवं चंद घर्षणों के पश्चात ही आनन्द के चरम शिखर पर पहुंच जाएं।
नारी को उत्तेजित करने के लिए आलिंगन, चुम्बन एवं स्तन मर्दन पर्याप्त नहीं होता। यूं तो नारी का सम्पूर्ण शरीर कामोत्तेजक होता है, पर उसके शरीर में कुछ ऐसे संवेदनशील बिन्दु हैं जिन्हें छेड़ने, सहलाने अंग-प्रत्यंग में कामोत्तेजना प्रवाहित होने लगती है। नारी के शरीर में शिश्निका, भगोष्ठः बाह्य एवं आंतरिक, जांघें, नाभि क्षेत्र, स्तन (चूचक), गर्दन का पिछला भाग, होंठ एवं जीभ, कानों का निचला, कांख, रीढ़, नितम्ब, घुटनों का मुलायम भाग, पिंडलियां, तलवे।
इन अंगों को कोमल हाथों से सहलाने से नारी शीघ्र ही पुरुष से लिपटने लगती है हाथों एवं उंगलियों द्वारा इन अंगों को उत्तेजित करने के साथ चुम्बन किया जाए तो नारी की कामाग्नि तेजी से भड़क उठती है।
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क्या छोटे लिंग के साथ बेहतर सेक्स नहीं किया जा सकता है या जिन पुरुषों का पीनस साइज छोटा है, उनकी सेक्शुअल लाइफ सेटिस्फायिंग नहीं होती है?
महिलाओं से ज्यादा पुरुषों को होती है पीनस साइज की चिंता?
औसत लिंग के आकार पर सभी का अनुमान अलग-अलग है। बहुत से लोग मानते हैं कि एक सामान्य पीनस 6 इंच लंबी होती है। लेकिन यह गलत और वहम पैदा करने वाली जानकारी है। इससे पुरुषों में चिंता पैदा होती है, जिसे सेक्स एंग्जायटी कहा जाता है। खासकर उन पुरुषों को सेक्स एंग्जायटी (sex anxiety) का सामना ज्यादा करना पड़ता है, जिनको स्मॉल पीनस सिंड्रोम (small penis syndrome) की समस्या होती है। एक स्टडी के अनुसार-
औसतन नॉन-इरेक्टेड पीनस का साइज 9.16 सेमी या 3.61 इंच होता है।
औसतन इरेक्टेड पीनस का साइज 13.12 सेमी या 5.17 इंच होता है।
इरेक्टेड पीनस जिसका साइज 6 इंच हो, ऐसा दुर्लभ है।
साइज छोटे होने पर आप फोरप्ले ज्यादा करें और डॉगी,काउगर्ल ,फेस टू फेस , गर्ल ऑन टॉप पोजीशन करें।
इसके अलावा, 52,000 से अधिक हेट्रोसेक्शुअल पुरुषों और महिलाओं पर हुए शोध में पाया गया कि 85 प्रतिशत महिलाएं अपने पार्टनर के पीनस साइज से संतुष्ट थीं। इसकी तुलना में, केवल 55 प्रतिशत पुरुष अपने लिंग के आकार से संतुष्ट थे।
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गुदा मैथुन करो मत अगर करते हो तो गुदा मैथुन और योनि मैथुन एक साथ मत करो इससे इंफेक्शन होने का ज्यादा चांस होता है।
बाँकी लिंग,योनि,गुदा आपका अपना है। मर्जी आपकी।
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एक कमजोर पुरुष मित्र जो कि दिमागी स्त्री हैं जिनका प्रश्न था कि #Incest पर आपके क्या विचार है ?
मेरा विचार :-मेरा कहना है कि ये गंदी सोच है । ये कभी कोई पुरुष या स्त्री हो ही नही सकता जो भारत की संस्कृति हमारे पूर्वजों की सभ्यता का सम्मान करने वाला हो ।
हाँ भारत पर मुगलों का शाशन रहा जिसमें कुछ कारणवश लाचार हमारे कुछ हिन्दू भाई मजबूरन इस्लाम कुबूल किया और मुगलों की गंदी मानसिकता के शिकार हुए जिसमे कुछ हरम में पैदा हुए और हरम में होने के कारण साथ ही हिन्दू में जातिवाद के कारण वो मुसलमान बन गए और आज ये नकली मुस्लिम खुद को अकबर के सन्तान समझते हैं जिन्होंने खुद माँ बहन बेटी के साथ सम्भोग करते हैं ।
कोई भी शास्त्र कुरान हो या गीता माँ ,बेटी,बहन को सम्मान सिखाता है न कि हलाला पर ये गंदी विचार के लोग खुद को शहनशाह समझते हैं।
रिश्ते की मर्यादा को तार तार करके इन्सेस्ट सम्बन्ध बनाते हैं सम्भोग जरूर करिए जिससे दिल मिले पर सम्भोग के कारण संस्कार का बलात्कार नही करें ।
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एक तो ठंड की रात
विस्तर पर बैठ तुम
इस कदर जीभ को
इठलाकर इतनी गर्मी
में आलिंगन की उत्तेजना
प्रियत्मा ।।
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#स्त्री_पुरुष_का_समागम
समागम के समय स्त्री पुरुष का एक हो जाना ही काम का फल है, वास्तविक सम्भोग यही है । यदि समागम में दोनों का चित्त एक ना हो तो वह समागम नहीं, वह तो मृतकों का समागम कहलाता है यानी कि वो सिर्फ सेक्स है जिसमे सिर्फ वीर्य का स्खलन होता है न कि सम्भोग की सन्तुष्टि और स्त्री जलती हुई चूल्हे पर तबे की समान असन्तुष्ट रह जाती है।
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#प्रियत्मा_मोटी_बड़ी_स्तन_की_है_सन्तुष्टि_कैसे_दें
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पहली बात जो स्त्री मोटी होती हैं उनमें आनन्द ज्यादा है व्यक्तिगत मेरी पसन्द हल्की मोटी स्त्री हैं जिनका पेट ज्यादा बाहर न हो । मुझे आनन्द आता है मोटी स्त्री के साथ परन्तु बिल्कुल ये सत्य है कि जो स्त्री हल्की मोटी और स्तन की साइज़ 36 से ऊपर होती है वो जल्दी सन्तुष्ट नहीं होती हैं ।
मोटी स्त्री देर से गर्म होती हैं और देर तक सम्भोग करती हैं वो डिसचार्ज भी जल्दी नही होती हैं इसके लिए अगर आप का वीर्य जल्दी निकल जाता और प्रियत्मा सन्तुष्ट निहि होती है तो फॉरप्ले ज्यादा देर तक करिये ।
फॉरप्ले में स्तन को चुसिये मर्दन करिए चूत को जीभ से चाटिए ,उंगली करिये जीभ से जीभ को चाटिए आदि ।
जब योनि पूर्णतः गीली हो जाय स्त्री मदहोश हो जाये तब प्रहार करिये डॉगी पोज में इससे कम शॉर्ट में भी प्रियत्मा सन्तुष्ट होंगी ।
नोट :- कामसुत्र की ज्यादा जानकारी के लिए सशुल्क आप अहमदाबाद के मित्र संपर्क कर सकते हैं । साथ ही स्त्री को मसाज की सुविधा उपलब्ध हो गई है जो कि सशुल्क है होटल या घर मे सुविधा ले सकते हैं ।बिना शर्माए इनबॉक्स में मेसेज करें ।
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स्त्री और पुरुष के बीच मित्रता हो सकती है, परन्तु हमारे यहां स्त्री पुरुष के साथ होने का मतलब ही सम्भोग है ,स्त्री की कामूक अंग के पीछे पुरूष आकर्षित होकर स्त्री को उत्तेजित करके सम्भोग ही करता है और मित्रता शून्य ।
भारतीय पुरुष और स्त्री ने कभी इतना साहस नहीं किया कि स्त्री और पुरुष के बीच आत्मिक मित्रता का जन्म हो सके जब भी होता है तो शारीरिक रिश्ता का जन्म होता है।
पुरुष और स्त्री के बीच शारीरिक लेनदेन ही रहा है आत्मिक नही ये अधिकतर पुरुष और स्त्री के बीच है ।
मेरे साथ भी है अक्सर कीसी कामूक रति की आलिंगन के लिए उत्तेजित हो जाता हूँ । जब कि सम्भोग बहुत किया हूँ ।
1 आदरणीय मित्र प्रियत्मा ओशो की फॉलोवर और मेडिटेटर हैं उनकी आकर्षन मुझे इतना आकर्षित किया कि मैं सम्भोग को आतुर हो गया मजबूरन अमित्रता करके व्हाट्सअप पर मैसेज सिर्फ करता हूँ ,उन्होंने कहि की मित्रता रखो पर मुझसे नही हुआ ।
क्योंकि पुरुष और स्त्री बिना आलिंगन के निहि रह सकते बहुत कम हैं ऐसे जो नियंत्रण में रहते हैं । जबकि मैं इतना सेक्स किया हूँ कि महीने में 17 से 18 बार मैं इंटिमेट होता हूँ फिर भी सम्भोग एक भूख है जिस तरह खाने के बाद फिर भूख लगती है उसी तरह सेक्स के बाद फिर सेक्स चाहिए ही ।
सम्भोग को कभी मत दबाइये अगर कर सकते तो करिये खुद सन्तुष्ट होने के बाद आप शांत हो जाइयेगा । मित्रता तभी होगी जब मन वैरागी हो । जब आपका मन नियंत्रित होगा तभी जिस्म होगा ।
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