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*वो पन्ना ,,, तुमने ,,, पढ़ा ही कहाँ ,,,*
*अधूरा छोड़ा था ,,, हमने जिसे ,,, तुम्हारे लिए..!!*
मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं,
आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं,,,,
आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं,जहाँ
किसी ने कहा था कि ठहरो हम अभी आते है।
