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डर ये भी हैं की मैं तुम्हें खों ना दू 😔😔
सच ये भी हैं की मैंने तुम्हें पाया ही नहीं😔😔
मेरे अपनों से मुझे इतनी इज्जत मिली
सुनो सुनो कहकर महफिल में बुलाया
मेरी खामोशी की कुछ ऐसी सजा मिली
उस महफिल से मुझे निकाला गया
सबसे अलग समझा था उसे
सच्चा सच्चा लगने लगा था
उसने भी वही आज किया
जैसी उम्मीद हमने की नहीं
मेरे अपनों से मुझे इतनी इज्जत मिली
मुझे अपने महफिल से निकाला गया...
भूल सकते हो तो भूल जाओ !!
इज़ाज़त हैं तुम्हें ...
अगर ना भूल पाओ तो लौट आना !!
एक और इज़ाज़त हैं तुम्हें... 💞💞
