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📈 نظرة تحليلية على قناة تيليجرام UJJWAL IAS AYODHYA®™

تُعد قناة UJJWAL IAS AYODHYA®™ (@ujjawaliasayodhya) في القطاع اللغوي الهندية لاعباً نشطاً. يضم المجتمع حالياً 19 770 مشتركاً، محتلاً المرتبة 10 096 في فئة التعليم والمرتبة 21 531 في منطقة الهند.

📊 مؤشرات الجمهور والحراك

منذ تأسيسه في невідомо، حقق المشروع نمواً سريعاً وجمع 19 770 مشتركاً.

بحسب آخر البيانات بتاريخ 01 يوليو, 2026، تحافظ القناة على نشاط مستقر. خلال آخر 30 يوماً تغيّر عدد الأعضاء بمقدار 98، وفي آخر 24 ساعة بمقدار 24، مع بقاء الوصول العام مرتفعاً.

  • حالة التحقق: غير موثّقة
  • معدل التفاعل (ER): يبلغ متوسط تفاعل الجمهور 22.67‎%. وخلال أول 24 ساعة من النشر يحصد المحتوى عادةً 19.27‎% من ردود الفعل نسبةً إلى إجمالي المشتركين.
  • وصول المنشورات: يحصل كل منشور على متوسط 4 482 مشاهدة. وخلال اليوم الأول يجمع عادةً 3 810 مشاهدة.
  • التفاعلات والاستجابة: يتفاعل الجمهور بانتظام؛ متوسط التفاعلات لكل منشور يبلغ 8.
  • الاهتمامات الموضوعية: يركز المحتوى على مواضيع رئيسية مثل टेस्ट, सफलता, मेहनत, तैयारी, सीरीज.

📝 الوصف وسياسة المحتوى

يصف المؤلف القناة بأنها مساحة للتعبير عن الآراء الذاتية:
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بفضل وتيرة التحديث المرتفعة (أحدث البيانات بتاريخ 02 يوليو, 2026) تحافظ القناة على حداثتها ومستوى وصول مرتفع. وتُظهر التحليلات تفاعلاً نشطاً من الجمهور، ما يجعلها نقطة تأثير مهمة ضمن فئة التعليم.

19 770
المشتركون
+2424 ساعات
+787 أيام
+9830 أيام
أرشيف المشاركات
📢 चर्चा में क्यों ? 🏢 मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इंटरनेशनल आईडीईए (International IDEA) की परिषद के अध्यक्ष बनना भा
📢 चर्चा में क्यों ? 🏢 मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इंटरनेशनल आईडीईए (International IDEA) की परिषद के अध्यक्ष बनना भारत की चुनावी संस्थाओं की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता और क्षमता को रेखांकित करता है। 🔴 मुख्य बिन्दु:- 🌱 इंटरनेशनल आईडीईए (International IDEA) की स्थापना 27 फरवरी 1995 को स्टॉकहोम में 14 संस्थापक सदस्यों द्वारा की गई थी। 🕵️ इसका पूरा नाम "इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस" है। ➡️ यह एक अंतर-सरकारी संगठन है जो दुनिया भर में लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। 🇺🇸🇯🇵यह एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसके वर्तमान में 35 सदस्य देश हैं तथा अमेरिका और जापान पर्यवेक्षक (ऑब्ज़र्वर) के रूप में शामिल हैं। 📄 अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए को 2003 से संयुक्त राष्ट्र महासभा में पर्यवेक्षक का दर्जा भी मिला है। 🇮🇳 भारत अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए का संस्थापक सदस्य है। ⚓ भारत 2026 में अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालते समय निर्वाचन प्रशासन में अपने व्यापक अनुभव का उपयोग करेगा।

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✨”✨”राजपथ' अब 'कर्तव्य पथ' है। बाकी नाम भी जान लीजिए। 👇 आने वाली परीक्षाओं में 1 नंबर पक्का करें! ✅ ये हैं हाल ही में बदले ग
✨”✨”राजपथ' अब 'कर्तव्य पथ' है। बाकी नाम भी जान लीजिए। 👇 आने वाली परीक्षाओं में 1 नंबर पक्का करें! ✅ ये हैं हाल ही में बदले गए कुछ बेहद महत्वपूर्ण नाम।

📢 चर्चा में क्यों? 🛶 यमुना नदी का प्रवाह बढ़ाने और प्रदूषण कम करने के लिए गंगा से पानी को दिल्ली में छोड़ने की महत्वाकांक्ष
📢 चर्चा में क्यों? 🛶 यमुना नदी का प्रवाह बढ़ाने और प्रदूषण कम करने के लिए गंगा से पानी को दिल्ली में छोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना में उत्तर प्रदेश सरकार की चिंता के कारण बाधा उत्पन्न हो गई है । 📌 मुख्य बिन्दु:- 🍀 हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच प्रस्तावित यह नहर परियोजना, गंगा नदी के पानी को यमुना नदी में स्थानांतरित करेगी। इसका उद्देश्य हरियाणा की जल की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना है। 😷 दिल्ली में यमुना नदी के प्रदूषण और जल की कमी को दूर करने के लिए गंगा का पानी इसमें डाला जा रहा है। यह पानी वजीराबाद के पास यमुना में मिलेगा, लेकिन दिल्ली इसका उपयोग नहीं कर सकेगा। 🔴नदी जोड़ो परियोजना के अन्य पहलू:- 🛥 1980 में शुरू की गई यह राष्ट्रीय योजना, जल अधिशेष बेसिनों से जल-कमी वाले बेसिनों में जल स्थानांतरित करने के लिए अंतर-बेसिन जल अंतरण का एक हिस्सा है। 🏝 यह जल संसाधन मंत्रालय के अंतरगर्त है। 🧚 इसके अंतरगर्त 1980 में National Water Development Agency (NWDA) की स्थापना की गई।

📌 चर्चा में क्यों ? 🌋 इंडोनेशिया का माउंट सेमेरू ज्वालामुखी, जिसे महामेरू भी कहा जाता है, अचानक विस्फोट के कारण एक बार फिर सुर्खियों में है। 🔴 मुख्य बिन्दु:- 🇮🇩 यह इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर मौजूद देश के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी है। 🌋 यह इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है। ➡️ यह पूर्वी जावा, इंडोनेशिया में स्थित है। ⛰️ 3,676 मीटर (12,060 फीट) की ऊंचाई पर, यह जावा द्वीप की सबसे ऊंची चोटी है और प्रशांत महासागर के "रिंग ऑफ फायर" पर स्थित है। 🌱 यह ज्वालामुखीय पुंज के दक्षिणी छोर पर स्थित है जो उत्तर में टेंगर काल्डेरा तक फैला हुआ है। 👉 शिखर की स्थलाकृति क्रेटरों के उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर स्थानांतरण के कारण जटिल हो गई है। 🌋 यह अपने नियमित राख विस्फोटों के लिए जाना जाता है जो आमतौर पर 10-30 मिनट के अंतराल पर होते हैं।

03 December Current Affairs Test Paper Answer Key
03 December Current Affairs Test Paper Answer Key

📌03 DECEMBER LT-GRADE HOME SCIENCE TEST PAPER ANSWEKREY
📌03 DECEMBER LT-GRADE HOME SCIENCE TEST PAPER ANSWEKREY

SSC GD 2026 Notification 🔔 Total Vacancies:25,487 📆 Important Dates: - Apply Online: 01 Dec 2025 ~ 31 Dec 2025 - Last Date to Apply: 31 Dec 2025 (11:00 PM) - Online Fee Payment: Till 01 Jan 2026 (11:00 PM) - Application Form Correction Window: 08 Jan 2026 ~ 10 Jan 2026 (11:00 PM) - CBT Exam Date (Tentative): Feb ~ Apr 2026

*📜 03 दिसम्बर 📜* *🌹 हॉकी के जादूगर 'मेजर ध्यानचंद' // पुण्यतिथि 🌹* जन्म : 29 अगस्त 1905 मृत्यु : 03 दिसंबर 1979 ध्यानचंद एक भारतीय फील्ड हॉकी प्लेयर थे। जिन्हें बड़े पैमाने पर हॉकी का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी माना जाता है। ध्यानचंद के गोल करने की क्षमता कमाल की थी। उनके खेलने के दौरान भारत ने हॉकी में तीन गोल्ड मैडल (1928, 1932 और 1936) ओलंपिक में जीते थे। यही वह समय था जब भारत हॉकी में सबसे अच्छी टीम था। हॉकी बॉल के साथ अपने कंट्रोल के लिए ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है। ध्यानचंद ने आखिरी अंतराष्ट्रीय मैच 1948 में खेला। अपने अंतराष्ट्रीय करियर के दौरान वे 400 से अधिक गोल कर चुके थे। भारतीय सरकार ने अब तीसरा और उनके दौर में दूसरे स्थान का नागरिक सम्मान पद्मभूषण प्रदान 1956 में किया। उनका जन्मदिन भारत में नेशनल स्पोर्ट्स डे (राष्ट्रीय खेल दिवस) के तौर पर 29 अगस्त को मनाया जाता है। >> बचपन << ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त को इलाहाबाद (उत्तरप्रदेश) में हुआ। राजपूत परिवार में जन्में ध्यानचंद रूपसिंह नाम के हॉकी खिलाड़ी के बड़े भाई थे। उनके पिता समेश्वर सिंह ब्रिटिश इंडियन आर्मी में थे और आर्मी के लिए हॉकी खेलते थे। ध्यानचंद के एक और भाई का नाम मूलसिंह था। उनके पिता के बार बार होने वाले ट्रांस्फर के चलते ध्यानचंद को कक्षा छह के बाद पढाई छोड़नी पड़ी। उनका परिवार आखिर में उत्तरप्रदेश के झांसी में ही बस गया। >> करियर << बचपन में ध्यानचंद का हॉकी पर कोई ध्यान नहीं था और उन्हें पहलवानी पसंद थी। ध्यानचंद ने भारतीय आर्मी ज्वाइन की उस समय उनकी उम्र 16 साल थी। वह रात में खेल की प्रेक्टिस करते थे और चांद के निकलने का इंतजार भी क्योंकि चांद निकलने के बाद ही उन्हें दिखाई देने लगता था। उस दौर में बाहर लाइट नहीं हुआ करती थी। चांद के इंतजार के कारण ही उनके दोस्त उन्हें चंद पुकारने लगे और उनका नाम ध्यानचंद पड़ा। 1922 से 1926 के बीच ध्यानचंद ने सिर्फ आर्मी हॉकी और रेजिमेंट गेम्स खेले। बाद में उन्हें इंडियन आर्मी टीम के लिए चुन लिया गया जिसे न्यूजीलैंड जाकर खेलना था। इस टीम ने 18 मैच जीते, 2 ड्रा हो गए और एक मैच टीम हार गई। देखने आए सभी दर्शक टीम के प्रशंसक हो गए। भारत लौटते ही ध्यानचंद को लांस नायक बना दिया गया था। ओलंपिक में बेहतरीन टीम भेजने के बाद, नई बनी हुई इंडियन हॉकी फेडरेशन ने 1928 के एमस्टरडैम ओलंपिक के लिए बढिया टीम तैयार करना शुरू कर दिया। 1925 में कई राज्यों के बीच टूर्नामेंट रखा गया। पांच टीमों ने इसमें भाग लिया जिसमें आर्मी ने ध्यानचंद को युनाइटेड प्रोविंस नाम की टीम में खेलने की इजाजत दी। एमस्टरडैम में हुए ओलंपिक में 1928 में भारतीय टीम के पहले ही मैच में ध्यानचंद ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ 3 गोल दागे। अगले दिन भारत ने बैल्जियम को 9-0 से हराया हालांकि ध्यानचंद ने सिर्फ एक गोल दागा था। अगला मैच भारत ने डेनमार्क के खिलाफ जीता जिसमें कुल 5 में से 3 गोल ध्यानचंद ने किए थे। दो दिन बाद, ध्यानचंद ने स्विट्जर्लैंड के खिलाफ 4 गोल किए और भारतीय टीम को जीत दिलाई। >> हॉकी के जादूगर << फायनल मैच 26 मई को नीदर्लैंड के खिलाफ था। भारतीय टीम के अच्छे खिलाड़ी फिरोज खान, अली शौकत, खेर सिंह बीमार थे। यहां तक की ध्यानचंद का भी स्वास्थ्य खराब था। इसके बावजूद भारत यह मैच 3-0 से जीतने में सफल रही। इसमें ध्यानचंद ने 2 गोल किए। इस तरह भारत ने हॉकी का पहला गोल्ड मैडल जीता। ध्यानचंद ओलंपिक में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी थे। एक अखबार ने ध्यानचंद के लिए लिखा, 'ये हॉकी का मैच नहीं था बल्कि जादू था। ध्यानचंद असलियत में हॉकी के जादूगर हैं।' >> आखिरी दिनों में << 1951 में कैप्टन ध्यानचंद के सम्मान में नेशनल स्टेडियम में ध्यानचंद टूर्नामेंट रखा गया। कई सफल टूर्नामेंटों में हिस्सा लेने के बाद, 1956 में 51 वर्ष की उम्र में कैप्टन ध्यानचंद आर्मी से मेजर की पोस्ट से रिटार्यड हो गए। भारत सरकार ने उन्हें इसी वर्ष पद्मभूषण से सम्मानित किया। रिटायर्मेंट के बाद, राजस्थान के माउंटआबू में वह हॉकी कोच के रूप में कार्य करते रहे। इसके बाद पाटियाला के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में वह चीफ हॉकी कोच बन गए। यहां कई साल तक वे इस पद पर रहे। अपने जीवन के आखिरी दिनों में ध्यानचंद अपने गृहनगर झांसी (उत्तरप्रदेश) में रहे। मेजर ध्यान चंद का 3 दिसंबर 1979 में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस दिल्ली में स्वर्गवास हो गया। उनकी रेजीमेंट पंजाब रेजीमेंट ने पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया।

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स्वर्गदेव छौलुंग सुकफा प्रधान मंत्री ने असमिया लोगों को असोम दिवस या सुकाफा दिवस पर बधाई दी। इस दिवस पर स्वर्गदेव छौलुंग सुकफा की यात्रा और नेतृत्व का जश्न मनाया जाता है। वह ताइ राज्य मोंग माओ के एक राजकुमार थे, जो वर्तमान युन्नान (चीन) में रुइली के पास है। सिंहासन पर अपने वैध दावे से वंचित होने के बाद, उन्होंने 13 वर्षों तक प्रवास किया और 2 दिसंबर, 1228 को असम में प्रवेश किया। प्रमुख योगदान अहोम साम्राज्य की स्थापना: उन्होंने 1253 ईस्वी में चेरायदेव को राजधानी घोषित करके अहोम साम्राज्य की स्थापना की। क्षेत्र: संपूर्ण ब्रह्मपुत्र घाटी। शासनावधि: 600 से अधिक वर्षों तक। अंग्रेजों ने 1826 में अस्थायी रूप से इस राज्य को अपने अधीन कर लिया था। लेकिन 1836 में उन्होंने सम्पूर्ण राज्य को पूरी तरह से अधीन कर लिया और यह 1947 तक अंग्रेजों के अधीन रहा। 39 राजाओं के नेतृत्व में ताई लोगों ने एक एकीकृत भाषा (असमिया) के साथ असमिया नामक एक संयुक्त राष्ट्रीयता का गठन किया।

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महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स ‼️ अंटार्कटिका दिवस और NCPOR के 25 वर्ष ‼️ भारत ने अंटार्कटिका दिवस (1 दिसंबर) मनाया तथा इसी के साथ राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागर अनुसंधान केंद्र (नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च- NCPOR), गोवा के 25 वर्ष पूरे होने का भी जश्न मनाया गया। इस अवसर पर ध्रुवीय और महासागर अन्वेषण के लिये देश की प्रमुख संस्था के रूप में NCPOR की भूमिका की पुष्टि हुई। अंटार्कटिका दिवस: यह अंटार्कटिका संधि पर 1 दिसंबर, 1959 को हस्तक्षर किये जाने की याद में विश्व में अंटार्कटिका दिवस मनाया जाता है। यह संधि अंटार्कटिका महाद्वीप को पूर्णत: शांति और वैज्ञानिक अनुसंधान हेतु सुरक्षित घोषित करती है।

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महत्वपूर्ण सूचना- दारोगा भर्ती के सम्बन्ध में आज पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा दारोगा भर्ती परीक्षा की तिथि जारी कर दी गई है। परीक्षा दिनांक-14 मार्च व 15 मार्च 2026 को होगी। अब समय हैं पढाई के साथ प्रैक्टिस करने का हो जाइये तैयार- माह जनवरी से क्लास के साथ-साथ प्रैक्टिस शुरू हो जाएगी। पूरे 02 माह प्रतिदिन क्लास के साथ-साथ प्रैक्टिस करायी जाएगी। क्लास का समय- सुबह 07 बजे से 11 बजे तक सुबह 11 बजे से 03 बजे तक टेस्ट सीरीज का समय- शाम 04 बजे से 06.00 बजे तक किसी भी जानकारी के लिये आप संस्थान के न0- 9451223855 पर काल करके जानकारी प्राप्त कर सकते है।

UP Police Sub-Inspector (SI) 4553 Posts Written Exam Date Official Notice
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📢📢📢📢📢सूचना📢📢📢📢📢📢 📌02 DECEMBER 2025- LT-GRADE HOMESCIENCE FULL MOCK TEST का रिजल्ट एवं चेक्ड ओ.एम.आर. संस्थान के रिजल्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी इस लिंक पर क्लिक करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं - https://ujjwalias.com/

UP पुलिस Radio ऑपरेटर भर्ती... *उ० प्र० पुलिस रेडियो संवर्ग में सहायक परिचालक के 44 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती -2025
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📌02 DECEMBER LT-GRADE HOMESCIENCE TEST PAPER ANSWER KEY
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