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UJJWAL IAS AYODHYA®™

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📈 نظرة تحليلية على قناة تيليجرام UJJWAL IAS AYODHYA®™

تُعد قناة UJJWAL IAS AYODHYA®™ (@ujjawaliasayodhya) في القطاع اللغوي الهندية لاعباً نشطاً. يضم المجتمع حالياً 19 813 مشتركاً، محتلاً المرتبة 10 058 في فئة التعليم والمرتبة 21 348 في منطقة الهند.

📊 مؤشرات الجمهور والحراك

منذ تأسيسه في невідомо، حقق المشروع نمواً سريعاً وجمع 19 813 مشتركاً.

بحسب آخر البيانات بتاريخ 07 يوليو, 2026، تحافظ القناة على نشاط مستقر. خلال آخر 30 يوماً تغيّر عدد الأعضاء بمقدار 153، وفي آخر 24 ساعة بمقدار 12، مع بقاء الوصول العام مرتفعاً.

  • حالة التحقق: غير موثّقة
  • معدل التفاعل (ER): يبلغ متوسط تفاعل الجمهور 35.74‎%. وخلال أول 24 ساعة من النشر يحصد المحتوى عادةً 19.96‎% من ردود الفعل نسبةً إلى إجمالي المشتركين.
  • وصول المنشورات: يحصل كل منشور على متوسط 7 080 مشاهدة. وخلال اليوم الأول يجمع عادةً 3 954 مشاهدة.
  • التفاعلات والاستجابة: يتفاعل الجمهور بانتظام؛ متوسط التفاعلات لكل منشور يبلغ 20.
  • الاهتمامات الموضوعية: يركز المحتوى على مواضيع رئيسية مثل टेस्ट, सफलता, मेहनत, तैयारी, सीरीज.

📝 الوصف وسياسة المحتوى

يصف المؤلف القناة بأنها مساحة للتعبير عن الآراء الذاتية:
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بفضل وتيرة التحديث المرتفعة (أحدث البيانات بتاريخ 08 يوليو, 2026) تحافظ القناة على حداثتها ومستوى وصول مرتفع. وتُظهر التحليلات تفاعلاً نشطاً من الجمهور، ما يجعلها نقطة تأثير مهمة ضمن فئة التعليم.

19 813
المشتركون
+1224 ساعات
+637 أيام
+15330 أيام
أرشيف المشاركات
🔳 *विभिन्न क्रांतियां एवं संबंधित क्षेत्र* ▪️ हरित क्रांति – खाद्य उत्पादन ▪️ सुनहरी क्रांति – फल एवं सब्जी उत्पादन ▪️ श्वेत क्रांति – दुग्ध उत्पादन ▪️ नीली क्रांति – मत्स्य पालन ▪️लाल क्रांति – मांस या टमाटर उत्पादन ▪️काली क्रांति – पेट्रोलियम उत्पादन ▪️गोल क्रांति – आलू उत्पादन ▪️पीली क्रांति – तिलहन उत्पादन ▪️गुलाबी क्रांति – झींगा मछली उत्पादन या प्याज उत्पादन ▪️ *विश्व में हरित क्रांति का जनक नॉर्मनअर्नेस्ट बोरलॉग को माना जाता है* । ▪️ भारत में हरित क्रांति का जनक डॉक्टर एम.एस. स्वामीनाथन को माना जाता हैl ▪️ भारत में हरित क्रांति का पहला चरण 1966 से 1981 तक चला। ▪️ भारत में हरित क्रांति का उत्पादन एवं उत्पादकता दोनों में सर्वाधिक लाभ गेहूं की फसल को प्राप्त हुआ। ▪️ हरित क्रांति में मुख्य पादप मैक्सिकन प्रजाति का गेहूं था। ▪️ 28 जुलाई 2000 को केंद्र सरकार ने इंद्रधनुषी क्रांति की परिकल्पना प्रस्तुत की

🔳 *भारत में कोयला उत्पादक प्रमुख क्षेत्र* ▪️ *झारखंड* – झरिया, करनपुरा, बोकारो, चंद्रपुरा, गिरीडीह , राजमहल ▪️ *उड़ीसा* – इब नदी, तलचर ▪️ *मध्य प्रदेश* – सिंगरौली ,सुहागपुर, पेंच कन्हन ▪️ *जम्मू कश्मीर* – कालाकोट, नीचाहोम ▪️ *गुजरात* – उमरसार ▪️ *राजस्थान* – पलाना ▪️ *पांडिचेरी* – बाहुर ▪️ *केरल* – बरकला ▪️ *असम* – माकुम ▪️ *तमिलनाडु* – नेवेली ▪️ *छत्तीसगढ़* – झिलमिली, मांद , रायगढ़, कोरबा

🔳 *भारत में कोयले के प्रकार* ▪️ *एंथ्रेसाईट कोयला–* यह सबसे उत्तम कोयला है। इसमें कार्बन की मात्रा 90 से 95% होती है ।यह जम्मू कश्मीर राज्य से प्राप्त होता है ▪️ *बिटिमिनस कोयला –* इसमें कार्बन की मात्रा 55 से 80% होती है, यह गोंडवाना काल का कोयला है। भारत में 98% कोयला इसी प्रकार का पाया जाता है। ▪️ *लिग्नाइट कोयला–* यह भूरा कोयला होता है। इसमें कार्बन की मात्रा 40 से 50% होती है ।यह निम्न कोटि का होता है। यह राजस्थान ,मेघालय, असम तथा पश्चिम बंगाल में पाया जाता है। ▪️ *पीट कोयला–* इसमें कार्बन की मात्रा 40% से कम होती है यह निम्न कोटि का कोयला होता है।

🔳 *भारत के प्रमुख तांबा क्षेत्र* ▪️सिक्किम – रँगपो , भोटांग, पाचेयखानी ▪️ आंध्र प्रदेश – अग्निकुंडल, गनी ▪️झारखंड – मोसाबानी, धोबानी, सूरदा, राखा, सोनामाखी ▪️राजस्थान – खेतड़ी, खो दरीबा, भगोनी ▪️ मध्य प्रदेश – तरेगांव, मलाजखंड 🔳 *भारत के प्रमुख बॉक्साइट क्षेत्र* ▪️उड़ीसा – बोलांगीर, पंचपतमाली पहाड़ियां ▪️मध्य प्रदेश – अमरकंटक ,कटनी ,जबलपुर ▪️ छत्तीसगढ़– फुटका पहाड़, कोंडागांव ▪️झारखंड – रिचुगुटा , बगरू, भुसर ▪️महाराष्ट्र – झांगडा , नगर तरावाड़ी ▪️तमिलनाडु – रकोड, कोली पहाड़िया ▪️गुजरात – कच्छ, जामनगर, अमरेल 🔳 *अभ्रक उत्पादक प्रमुख क्षेत्र* ▪️आंध्र प्रदेश – नेल्लौर, गुंटूर , खम्मम ▪️राजस्थान – जयपुर, उदयपुर, अजमेर ▪️झारखंड – हजारीबाग, सिंहभूमि, कोडरमा, गिरीडीह ▪️बिहार – गया, भागलपुर, मुंगेर, नवादा, जमुई

🔳 *भारत की खनिज पेटियां* ▪️ *छोटा नागपुर पेटी–* ▪️ यह झारखंड, बिहार ,उड़ीसा तथा पश्चिम बंगाल राज्यों में फैली है। ▪️ यह मुख्यता प्राचीन नीस तथा ग्रेनाइट शैलों से संयुक्त है। यह देश का समृद्धतम खनिज क्षेत्र है। ▪️ इस पेटी को भारत की लोह एवं इस्पात पेटी कहा जाता है। ▪️ *मध्यवर्ती पेटी–* यह पेटी आंध्र प्रदेश मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में विस्तृत है। ▪️ *दक्षिण पेटी–* ▪️ यह कर्नाटक एवं तमिलनाडु में विस्तृत है। ▪️ *उत्तर पश्चिम पेटी–* ▪️ यह राजस्थान गुजरात और महाराष्ट्र में विस्तृत है। ▪️ *दक्षिण पश्चिम पेटी–* ▪️ यह गोवा ,दक्षिणी कर्नाटक और केरल में विस्तृत है।

🔳 *अन्य प्रमुख परियोजनाएं* ▪️ संकोश परियोजना – भारत और भूटान ▪️चुखा परियोजना – भारत और भूटान ▪️पंचेश्वर परियोजना – भारत और नेपाल ▪️टनकपुर परियोजना – भारत और नेपाल ▪️शारदा बैराज – भारत और नेपाल ▪️ ताला परियोजना – भूटान और भारत ▪️रंगीत परियोजना – सिक्किम ▪️रतले परियोजना – जम्मू और कश्मीर ▪️उकाई परियोजना – गुजरात ▪️गिरना परियोजना – महाराष्ट्र ▪️कालागढ़ बंध – उत्तराखंड ▪️तीस्ता परियोजना – सिक्किम ▪️ बाणसागर परियोजना – मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार ▪️ उरी परियोजना – जम्मू कश्मीर ▪️श्रीसेलम – आंध्र प्रदेश ▪️ पाम्पा परियोजना – आंध्र प्रदेश ▪️ सुईल परियोजना – हिमाचल प्रदेश

🔳 *प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजना* ▪️ *रिहंद बांध परियोजना–* ▪️ यह उत्तर प्रदेश में सोन की सहायक नदी रिहंद पर सोनभद्र जिले में बनाया गया है। ▪️ बांध के पीछे गोविंद बल्लभ पंत सागर झील है जो भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है। ▪️ यह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। ▪️ *चंबल परियोजना–* ▪️ यह मध्य प्रदेश और राजस्थान की संयुक्त परियोजना है ▪️ मध्य प्रदेश में गांधी सागर बांध तथा राजस्थान में राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध बनाए गए हैं। ▪️ *हीराकुंड परियोजना –* ▪️यह उड़ीसा राज्य की परियोजना है। ▪️ महानदी पर हीराकुंड, तीकरपाड़ा, नारजबैराज बाध बनाए गए है। ▪️ *गंडक परियोजना –* ▪️ यह गंडक नदी पर उत्तर प्रदेश तथा बिहार की संयुक्त परियोजना है। ▪️ *इंदिरा गांधी नहर परियोजना–* ▪️ यह विश्व की विशालतम सिंचाई परियोजना है। ▪️ यह राजस्थान के क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा प्रदान करती है। ▪️सतलज और रावी के संगम पर हरिके बैराज से यह नहर निकलती है। ▪️ *टिहरी बांध परियोजना–* ▪️ इसका निर्माण भागीरथी और विलंगना के संगम पर किया गया है। ▪️ बांध के पीछे स्वामी रामतीर्थ सागर सरोवर का निर्माण किया गया है।

🔳 *प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाएं* ▪️ *दामोदर घाटी परियोजना –* ▪️भारत की प्रथम बहुउद्देशीय परियोजना। ▪️ यह नदी छोटा नागपुर की पहाड़ियों से निकलकर पश्चिम बंगाल में हुगली नदी से मिल जाती है। ▪️ इसमें तिलैया ,कोनार, मैथान , पंचेत पहाड़ी, बोकारो ,बाल पहाड़ी, बर्मा तथा दुर्गापुर नमक आठ बांध बनाए गए हैं। ▪️ यह परियोजना झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों में फैली है। ▪️ *भाखड़ा नांगल परियोजना–* ▪️ यह सतलज नदी पर बनी देश की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना है। ▪️ यह पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान राज्य में फैली है। ▪️ इस परियोजना में भाखड़ा बाध तथा बांध के पीछे गोविंद सागर झील बनी है। ▪️ *कोसी परियोजना –* ▪️ यह नेपाल एवं बिहार की संयुक्त परियोजना है। ▪️ कोसी नदी जिसे बिहार का शोक कहा जाता है।

🔳 *भारत के प्रमुख जलप्रपात* ▪️ कुचिकल – कर्नाटक ▪️ जोग/ महात्मागांधी – शरावती नदी ( कर्नाटक) ▪️चित्रकूट – इंद्रावती नदी (छत्तीसगढ़) ▪️हुंडरू – स्वर्णरेखा नदी (झारखंड) ▪️चुलिया – चंबल नदी ( राजस्थान) ▪️शिवसमुद्रम – कावेरी नदी ( कर्नाटक) ▪️कपिल धारा – नर्मदा नदी ( मध्य प्रदेश) ▪️ पंचघाघ – झारखंड ▪️चचाई – मध्य प्रदेश ▪️दुग्ध धारा – नर्मदा नदी ( मध्य प्रदेश) ▪️ बूढ़ाघाघ – झारखंड ▪️रजत प्रपात – मध्य प्रदेश ▪️देव धारा – हंसदेव नदी ( छत्तीसगढ़) ▪️गोकक – घाटप्रभा ( कर्नाटक) ▪️डूडूमा – उड़ीसा

#QuickRevisionSeries 🔳 *नदियों के किनारे स्थित नगर* ▪️ *गंगा* – हरिद्वार ,फतेहपुर, कानपुर, वाराणसी भागलपुर ,पटना ▪️ *यमुना* – नई दिल्ली ,आगरा, मथुरा, इटावा ▪️ मुसी – हैदराबाद ▪️गोदावरी – नासिक, नांदेड़ ▪️ झेलम – श्रीनगर ▪️सिंधु – लेह ▪️सतलज – लुधियाना ▪️साबरमती – अहमदाबाद , गांधीनगर ▪️ गोमती – लखनऊ ▪️ताप्ती – सूरत, बैतूल ▪️नर्मदा – जबलपुर ▪️शिप्रा – उज्जैन ▪️रामगंगा – बरेली ▪️सरयू – अयोध्या ▪️राप्ती – गोरखपुर ▪️चंबल – कोटा ▪️महानदी – कटक ▪️मंदाकिनी – गौरीकुंड, गुप्तकाशी ▪️ इंद्रावती – जगदलपुर

🟥 गंगा में बाएं से मिलने वाली प्रमुख नदियाँ ▪️रामगंगा ▪️गोमती नदी ▪️घाघरा नदी ▪️गंडक नदी ▪️बूढ़ी गंडक ▪️कोसी नदी ▪️महानंदा नदी ▪️ब्रह्मपुत्र नदी 🔳 गंगा में दाएं से मिलने वाली प्रमुख नदियाँ (i) यमुना नदी (ii) टोंस नदी (iii) सोन नदी 🔳 गंगा की सहायक नदियों का पश्चिम से पूर्व की ओर क्रमः यमुना → टोंस → गोमती → घाघरा→ सोन→ गंडक → बूढ़ी गंगा → कोसी → महानंदा →हुगली → ब्रह्मपुत्र

🟥 लोक सभा में राज्यों के सीटों की संख्या ▪️उत्तर प्रदेश - 80 ▪️महाराष्ट्र - 48 ▪️पश्चिम बंगाल - 42 ▪️बिहार - 40 ▪️तमिलनाडु - 39 ▪️मध्य प्रदेश - 29 ▪️कर्नाटक - 28 ▪️गुजरात - 26 ▪️आंध्र प्रदेश - 25 ▪️राजस्थान - 25

प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों के लिये विशेष तीसरा नया बैच दिनांक-29 सितम्बर 2025 शाम 04.30 बजे से प
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों के लिये विशेष तीसरा नया बैच दिनांक-29 सितम्बर 2025 शाम 04.30 बजे से प्रारम्भ हो रहा है। प्रतिदिन सभी विषयों की क्लास संचालित की जा रही है। साथ में सभी विषयों के नोट्स भी दिये जा रहे है।

प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों के लिये संस्थान में 02 नये बैच प्रारम्भ हो गये है। तीसरा नया बैच दिनांक- 29 सितम्बर से प्रारम्भ हो रहा है। समय- 04.30 बजे से 07.30 बजे तक

प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों के लिये संस्थान में टीईटी प्राथमिक व जूनियर स्तर का नया बैच प्रारम्भ
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों के लिये संस्थान में टीईटी प्राथमिक व जूनियर स्तर का नया बैच प्रारम्भ हो गया है। क्लास के साथ-साथ नोट्स भी दिये जा रहे है।

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विश्व की प्रमुख मुद्रा.pdf1.82 KB

विश्व_के_प्रमुख_मरुस्थल_एवं_ज्वालामुखी.pdf5.26 KB

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दिग्‍गज अभिनेता मोहनलाल को वर्ष 2023 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार दिग्गज फिल्म अभिनेता मोहनलाल को 55वें दादा साहब फाल्के पुरस्कार (55th Dadasaheb Phalke Award) से सम्मानित किया जाएगा. उन्हें वर्ष 2023 का दादा साहब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. उन्हें यह पुरस्कार 23 सितम्बर 2025 को 71वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार समारोह के दौरान दिया जाएगा. छोटी उम्र में ही अपना फ़िल्मी सफ़र शुरू करने वाले मोहनलाल ने मलयालम, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ सहित हिंदी फ़िल्मों में काम किया है. अभिनेता मोहन लाल को उनकी प्रतिभा की वजह से पहले वर्ष 2001 में पद्मश्री और बाद में वर्ष 2019 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. फिल्म निर्माता के रूप में उन्हें वनप्रस्थम के लिए सर्वश्रेष्ठ फीचर फ़िल्म का पुरस्कार भी मिला. दादा साहब फाल्‍के पुरस्‍कार: एक दृष्टि दादा साहब फाल्के पुरस्कार भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला एक वार्षिक पुरस्कार है. यह भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है, जो भारतीय सिनेमा के विकास में उत्‍कृष्‍ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है. यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा के जनक धुंदीराज गोविंद फाल्‍के (दादा साहब फाल्के) के नाम पर दिया जाता है. इस पुरस्कार का प्रारम्भ दादा साहब फाल्के के जन्म शताब्दि-वर्ष 1969 में हुआ था. फाल्के ने 1913 में इंडिया की पहली फीचर फिल्म ‘राजा हरिशचंद्र’ का निर्देशन किया था. पहली बार यह सम्मान 1969 में 17वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार समारोह में अभिनेत्री देविका रानी को प्रदान किया गया था. अब तक 53 बार ये पुरस्कार दिया जा चुका है. मिथुन चक्रवर्ती को 54वें दादा साहब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. 54वां दादा साहब फाल्के सम्मान वहीदा रहमान को (वर्ष 2021 के लिए) दिया गया था. इस पुरस्कार में 10 लाख रुपये और स्वर्ण कमल दिये जाते हैं.