DR NARAYAN DUTT SHRIMALI
الذهاب إلى القناة على Telegram
إظهار المزيد
1 739
المشتركون
لا توجد بيانات24 ساعات
+27 أيام
-230 أيام
أرشيف المشاركات
दुर्भाग्य की रेखा को मिटाकर जो सौभाग्य प्रदान करता है वही तंत्र का मूल स्वरूप है।दीन,हीन एवं रंक भिक्षुक को भी अनन्त ऐश्वर्य देकर राजा बना देता है वही तंत्र की अनिवर्चनीय शक्ति है।दान,मान तथा सभी प्राप्तव्य पदार्थ को प्रदान करे उसी को तंत्र कहते हैं उसी विशिष्टत तंत्र शक्ति को अपनी तपस्या के प्रभाव से सुशोभित करने वाले तंत्रावतार गुरु देव निखिल को मैं भावपूर्ण ह्रदय से नमन करता हूं।
