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Check your basics and improve yourself. इस चैनल में आप सभी को प्रश्न क्विज के माध्यम से दिये जायेंगे। ⏱️current affairs, ⏱️इतिहास 🕢उत्तराखंड (UK History & Geo.. alternate) ⏱️हिंदी ⏱️राजनीति विज्ञान/भूगोल/अर्थशास्त्र ⏱️ Sunday No Questions
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लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त)
श्री गजेन्द्र जोशी को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया
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Group - C
New Foundation Batch
UKSSSC का नया Foundation Batch शुरू!
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👉 मध्यम - ऑफ-लाइन
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उत्तराखंड पटवारी परीक्षा 2026 में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। 🌸
कल का दिन आपके परिश्रम, धैर्य और संघर्ष की परीक्षा है। स्वयं पर विश्वास रखें, शांत मन से प्रश्नों को पढ़ें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।
ईश्वर आपको सफलता, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करे।
आप सभी को परीक्षा के लिए ढेरों शुभकामनाएँ।
खंडूरी जी के जीवन और उनकी प्रमुख उपलब्धियों -
1. सैन्य जीवन और देश सेवा
राजनीति में आने से पहले भुवन चंद्र खंडूरी जी का एक शानदार सैन्य करियर रहा।
सेना में भर्ती: वह 1954 में भारतीय सेना के 'कोर ऑफ इंजीनियर्स' (Engineers Corps) में शामिल हुए।
मेजर जनरल का पद: उन्होंने लगभग 36 वर्षों तक देश की सेवा की और मेजर जनरल के पद तक पहुंचे।
सम्मान: राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) से सम्मानित किया गया था।
2. केंद्रीय राजनीति में उपलब्धियां (अटल सरकार में योगदान)
1991 में सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वह जनता दल (बाद में भाजपा) में शामिल हो गए और पौड़ी गढ़वाल से सांसद चुने गए।
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उन्होंने देश के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया:
*सड़क क्रांति (स्वर्णिम चतुर्भुज): अटल जी की सरकार में *सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)* रहते हुए उन्होंने 'स्वर्णिम चतुर्भुज योजना' (Golden Quadrilateral) और *'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' (PMGSY)* को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।
3. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में उपलब्धियां
भुवन चंद्र खंडूरी दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे (2007–2009 और 2011–2012)।
मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को *राज्य में सुशासन (Good Governance)* के लिए याद किया जाता है:
ऐतिहासिक लोकायुक्त विधेयक: भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते हुए उन्होंने उत्तराखंड में एक बेहद कड़ा और पारदर्शी लोकायुक्त बिल पास कराया, जिसके दायरे में मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी लाया गया था। इसकी देश भर में तारीफ हुई थी।
भ्रष्टाचार पर लगाम: उन्होंने ट्रांसफर-पोस्टिंग उद्योग को खत्म किया और सरकारी तंत्र में अनुशासन लागू किया।
सरकारी सेवा अधिकार अधिनियम (Right to Service Act): जनता को तय समय सीमा के भीतर सरकारी सेवाएं (जैसे प्रमाण पत्र, लाइसेंस आदि) मिल सकें, इसके लिए उन्होंने यह कानून लागू किया।
*उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी जी* का लंबी बीमारी के बाद देहरादून में निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
वे अपने अनुशासित, ईमानदार और सादगीपूर्ण जीवन के लिए सदैव जाने जाएंगे
ॐ शांति।
उत्तराखंड 13 आयुष ग्राम
अल्मोड़ा (हवालबाग ब्लॉक) शाला रौतेला गांव.
बागेश्वर (कपकोट ब्लॉक) कर्मी गांव.
नैनीताल (भीमताल ) नौकुचियाताल गांव.
चंपावत (चंपावत ब्लॉक) सैलानी गोथ गांव.
पिथौरागढ़ (मुनाकोट ब्लॉक) माजिरकंडा गांव.
ऊधमसिंह नगर (काशीपुर ब्लॉक)-प्रतापपुर
देहरादून (रायपुर ब्लॉक)-क्यारकुली भट्टा गांव.
हरिद्वार (लक्सर ब्लॉक)-सुभाषगढ़ गांव.
टिहरी (नरेंद्रनगर ब्लॉक) देयूली गांव.
उत्तरकाशी (भटवाड़ी ब्लॉक) -हर्षिल गांव.
चमोली (देवाल ब्लॉक) घेस गांव.
रुद्रप्रयाग (जखोली ब्लॉक) पोंथी गांव.
पौड़ी (खरसू ब्लॉक) पोखरी गांव.
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उत्तराखंड एक जिला एक खेल - 2026
अल्मोड़ा: बैडमिंटन
बागेश्वरः ताइक्वांडो
नैनीतालः मॉडर्न पेंटाथलॉन
पिथौरागढ़ः बॉक्सिंग
ऊधमसिंह नगरः साइकिलिंग
चंपावतः फुटबॉल
देहरादूनः शूटिंग
हरिद्वारः कुश्ती
पौड़ी गढ़वालः एथलेटिक्स (रेस वॉक को छोड़कर)
टिहरी गढ़वालः कैनोइंग और कयाकिंग
रुद्रप्रयागः वुशु
चमोली: रेस वॉक
उत्तरकाशीः कबड्डी
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डॉ. जोराम अनिया नीति आयोग की सदस्य बनाई गईं।
यह एक ऐतिहासिक क्षण है। राष्ट्रीय नीति-निर्माण के सर्वोच्च स्तर पर अरुणाचल प्रदेश की एक प्रखर बौद्धिक आवाज़ को स्थान देता है।
एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद, एसोसिएट प्रोफेसर और 'अरुणाचल प्रदेश निजी शैक्षिक नियामक आयोग' (APPERC) की सदस्य के रूप में, उनके पास शिक्षण, अनुसंधान और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
विशेष रूप से, वह नीशी (Nyishi) समुदाय की पहली महिला हैं जिन्होंने पी.एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। साथ ही, वह राज्य में हिंदी भाषा में पी.एच.डी. करने वाली भी पहली महिला हैं।
राष्ट्रपति भवन में आज अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए गए।
समारोह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नौगांव, जनपद उत्तरकाशी में ऑग्जीलियरी नर्स मिडवाइफ के पद पर कार्यरत सुश्री पूजा परमार राणा को हिमालयी अंचल के संवेदनशील एवं दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में विगत 15 वर्षों से दी जा रही समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।
सुश्री राणा ने कोविड-19 महामारी के दौरान यमुना नदी के तटवर्ती क्षेत्र में पहली वैक्सीनेटर के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित हुई।
उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय नेतृत्व प्रदान किया। सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तथा समुदाय के समग्र कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अनुकरणीय रही है।
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें पूर्व में राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ ऑग्जीलियरी नर्स मिडवाइफ पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से सम्मानित होना न केवल उनके समर्पण एवं कार्यकुशलता का प्रतीक है, बल्कि यह उत्तराखण्ड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी गौरव का विषय है।
उत्तराखंड के प्रसिद्ध निर्भीक पत्रकार राहुल कोटियाल (बारामासा) को वर्ष 2026 के पंडित भैरवदत्त धूलिया पत्रकारिता पुरस्कार (चतुर्थ संस्करण) के लिए चुना गया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार निर्भीक और जन-सरोकारी पत्रकारिता के लिए दिया जाता है।
पुरस्कार के मुख्य विवरण (2026):
विजेता: राहुल कोटियाल।
संस्करण: चौथा (4th) पंडित भैरवदत्त धूलिया पत्रकारिता पुरस्कार।
2023: जय सिंह रावत (प्रथम पुरस्कार)
2024: राजीव लोचन शाह (द्वितीय पुरस्कार)
2025: रमेश पहाड़ी (तृतीय पुरस्कार
पुरस्कार राशि: ₹1,00,000 (एक लाख रुपये), प्रशस्ति पत्र और शॉल।
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⚠️ परीक्षाओं का सीधा टकराव (Clashing Dates): कृपया आयोग के expert तक भी इस जानकारी को पहुंचा दे ।
1. 31 मई 2026: प्रवक्ता (इतिहास) vs वाहन चालक )
2. 12 जुलाई 2026: प्रवक्ता (जीव विज्ञान) vs पशुधन प्रसार अधिकारी
3. 26 जुलाई 2026: प्रवक्ता (अंग्रेजी) vs सहायक कृषि अधिकारी/कृषि पद
4. 23 अगस्त 2026: प्रवक्ता (रसायन शास्त्र) vs सहायक लेखाकार
5. 29 नवंबर 2026: प्रवक्ता (गृह विज्ञान) vs विज्ञान (इन्टर/स्नातक)
6. 06 दिसंबर 2026: प्रवक्ता (कला) vs स्नातक स्तरीय (Graduate Level)
इस तरह से तो भर्ती ही नहीं हो पाएगी।
लगता है कल मार्तोलिया और उनकी टीम की ज्यादा हो गई थी,
जिसने अपने ही प्रदेश के दूसरे आयोग का कैलेंडर ना देखकर सीधे कैलेंडर निकाल दिया।
क्या ये फिर से पेपर न कराने के मूड में तो नहीं है।
