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10 May Current affairs 2020 The government of which state has decided to launch the Mukhya Mantri Shahari Rojgar Guarantee Yojna guaranteeing at least 120 days of employment to people living in the urban areas ? किस राज्य की सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कम से कम 120 दिनों के रोजगार की गारंटी देने वाली मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू करने का निर्णय लिया है? A) Haryana/हरियाणा B) Himachal Pradesh/हिमाचल प्रदेश C) Punjab/पंजाब D) Kerala/केरल ANS: Himachal Pradesh/हिमाचल प्रदेश Chandigarh has launched which mobile app for COVID-19 to provide access to all information related to Covid-19 ? चंडीगढ़ ने कोविद -19 से संबंधित सभी जानकारी तक पहुंच प्रदान करने के लिए COVID-19 के लिए कौन सा मोबाइल ऐप लॉन्च किया है? A) CHDCOVID19 B) CHDCOV19 C) CHDCOVID D) CHDCOV ANS: CHDCOVID Which company has launched two voice based apps to curb the need to touch handsets for checking transactions amidst the covid-19 outbreak ? कोविद -19 प्रकोप के बीच लेनदेन की जांच के लिए हैंडसेट को छूने की आवश्यकता को रोकने के लिए किस कंपनी ने दो वॉयस आधारित ऐप लॉन्च किए हैं? A) NPCI/NPCI B) BharatPe/भारतपे C) Paytm/पेटीएम D) PhonePe/फोनपे ANS: BharatPe/भारतपे The Aarogya Setu app launched by the government has introduced which portal for telemedicine services and consultation to people ? सरकार द्वारा शुरू की गई आरोग्य सेतु ऐप ने टेलीमेडिसिन सेवाओं और लोगों के परामर्श के लिए कौन सा पोर्टल पेश किया है? A) Arogya Portal/आरोग्य पोर्टल B) Sehat Portal/सेहत पोर्टल C) Shikr Portal/शिक्र पोर्टल D) Mitr Portal/मित्र पोर्टल ANS: Mitr Portal/मित्र पोर्टल Which educational institution has partnered with the Hong Kong Financial Capital Firm to Create a global network as well as a Venture Ecosystem ? किस वित्तीय संस्थान ने एक वैश्विक नेटवर्क के साथ–साथ एक वेंचर इकोसिस्टम बनाने के लिए हांगकांग फाइनेंशियल कैपिटल फर्म के साथ भागीदारी की है? A) IIT Bombay/IIT बॉम्बे B) IIT Roorkee/IIT रुड़की C) IIT Hyderabad/IIT हैदराबाद D) IIT Delhi/IIT दिल्ली ANS: IIT Hyderabad/IIT हैदराबाद Poet and Writer Nissar Ahmed who passed away recently belonged to which state ? कवि और लेखक निसार अहमद का हाल ही में निधन हुआ , वे किस राज्य से सम्बंधित थे ? A) Kerala/केरल B) Uttar Pradesh/उत्तर प्रदेश C) Karnataka/कर्नाटक D) West Bengal/ पश्चिम बंगाल ANS: Karnataka/कर्नाटक DBS Bank has slashed India’s FY21 GDP forecast to percent from its earlier 1.5 percent projection. डीबीएस बैंक ने अपने पिछले 1.5 प्रतिशत प्रक्षेपण से भारत के वित्त वर्ष 2015 के सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान प्रतिशत तक घटा दिया है। A) 0.8 B) 0.5 C) 1 D) 1.3 ANS:1 Who has been appointed as the new Chief Financial officer of Flipkart and Myntra ? फ्लिपकार्ट और मिन्त्रा के नए मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में किसे नियुक्त किया गया है? A) Bhagya Shetty/भाग्य शेट्टी B) Sriram Venkataraman/श्रीराम वेंकटरमन C) Sanjay Baweja/संजय बावेजा D) Vishakha Lall/विशाखा लल्ल ANS: Sriram Venkataraman/श्रीराम वेंकटरमन Who has been appointed as the new economic relations secretary in the Ministry of External Affairs ? विदेश मंत्रालय में नए आर्थिक संबंध सचिव के रूप में किसे नियुक्त किया गया है? A) Pradeep Desai/प्रदीप देसाई B) Bipin Mehta/बिपिन मेहता C) Anand Kumar/आनंद कुमार D) Rahul Chhabra/राहुल छाबड़ा ANS: Rahul Chhabra/राहुल छाबड़ा Which American private equity firm has decided to buy a stake in Jio Platforms ? किस अमेरिकी निजी इक्विटी फर्म ने जिओ प्लेटफार्मों में हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है? A) Wakabayashi Fund/वाकबायशी फंड B) Silver Lake/सिल्वर लेक C) Fintrix/फ़िंट्रिक्स D) Kuzari Group/कुज़ारी ग्रुप ANS: Silver Lake/सिल्वर लेक Youssef Hossam who has been banned for life for match fixing after his brother was also excluded on corruption charges, is related with which sport ? यूसुफ होसम जो अपने भाई के भ्रष्टाचार के आरोपों में शामिल नहीं होने के बाद भी मैच फिक्सिंग के आरोप में आजीवन प्रतिबंधित रहा है, किस खेल से संबंधित है? A) Weight Lifting/ट लिफ्टिंग B) Hockey/हॉकी C) Tennis/टेनिस D) Badminton/बैडमिंटन ANS: Tennis/टेनिस

आज की दैनिक सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी। https://www.simplifiedshiksha.com/current-affairs-quiz-10-may/

Emailing 5_6177172860193210619.pdf

Today's hand written notes.

Desh Deshantar: लॉकडाउन और राज्यों के वित्तीय हालात | Lockdown & Financial Condition of States

EU finance chiefs agree on 540 billion-euro coronavirus rescue package

The Big Picture - Antibody & Other Treatments for COVID-19

" सुर्खियों । :- देश और विदेश मे घटित कोरोना वायरस सक्रमंण से सबंधित कुछ सकारात्मक सूचनाएं"

" सामयिकी :- कोरोना वायरस सक्रमंण पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ आयुष मत्रालय के सचिव वद्बय राजेश कोटेचा से आकाशवाणी सवांददाता प्रियंका अरोड़ा की बातचीत"

बहुपक्षीयता के मार्ग में चुनौती के रूप में ब्रिटेन का यूरोपीय संघ को छोड़ने का निर्णय एक ज्वलंत उदाहरण है। इतना ही नहीं वैश्विक स्तर पर बहुपक्षीय सहयोग की भावना को भी चुनौती मिल रही है। विशेषकर उस समय जब सतत विकास की दिशा में बढ़ने के लिये सहयोग व संलग्नता की बात आती है, तो वैश्विक राजनीतिक परिवर्तनों और राष्ट्रीय आन्दोलनों के कारण बहुपक्षीय व्यवस्था गतिरोध में फँसती दिखती है। संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकलना बहुपक्षीय सहयोग की भावना में कमी ‘अवर कंट्री फर्स्ट’ की संकीर्ण मानसिकता का सटीक उदाहरण है। सुरक्षा परिषद की सदस्यता में वृद्धि न हो पाना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठती सुधारों की मांगों के बावज़ूद विकासशील देशों को प्रतिनिधित्व न देना बहुपक्षीय दृष्टिकोण के सर्वथा विपरीत है। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं का विकसित देशों की ओर झुकाव यूक्रेन के क्रीमिया राज्य पर रूस का सैन्य नियंत्रण, सीरिया में बशर-अल-असद शासन के विरुद्ध संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य लामबंदी तथा दक्षिण चीन सागर के मामले में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय पर चीन की अस्वीकृति जैसे मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र संघ की उदासीन भूमिका बहुपक्षीयता के मार्ग में रुकावट है। COVID-19 महामारी के दौरान चीन के दबाव में विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation-WHO) द्वारा अपनी भूमिका का निष्पक्ष रूप से निर्वहन न किये जाने से बहुपक्षीय अवधारणा को लेकर स्थापित किये गए इन अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रति संशय उत्पन्न हो गया है। बहुपक्षीय दृष्टिकोण की पुनर्स्थापना में भारत की भूमिका विशेषज्ञों द्वारा ऐसा माना जा रहा है कि बहुपक्षवाद की पुनर्स्थापना में भारत की प्रभावी भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि भारत ने समय के साथ अपनी गुटनिरपेक्ष नीति में बदलाव लाते हुए बहुपक्षवाद की नीति (भारत लगभग सभी बड़ी शक्तियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखते हुए उसका लाभ उठा रहा है) का पालन कर रहा है। वर्तमान में भारत एक वैश्विक मध्यस्थ बनने और वैश्विक मुद्दों पर एक रूपरेखा विकसित करने हेतु विभिन्न हितधारकों के मध्य समन्वय कर सकता है। अंतर्राष्ट्रीय सक्रियतावाद और नियम-आधारित बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने वाली लंबी परंपरा के साथ ही भारत एक प्रमुख जी -20 सदस्य देश और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (क्रय शक्ति समता के आधार पर तीसरा सबसे बड़ा) वाला देश है। भारत की विदेश नीति ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘गुड समैरिटन’ (किसी की सहायता करने की भावना) के लोकाचार पर आधारित है । बहुपक्षवाद के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधारों के आह्वान के रूप में परिलक्षित हो सकती है। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance-ISA) जैसी विभिन्न बहुपक्षीय पहलों को बढ़ावा देने , आतंकवाद का मुकाबला करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक अभिसमय (CCIT) का प्रस्ताव देने, एशिया-अफ्रीका विकास गलियारे को बढ़ावा देने के लिये लगातार प्रयास किये हैं। भारत पूरे विश्व के लिये फार्मेसी (दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक और लागत प्रभावी जेनेरिक दवाओं का निर्यातक) का हब है। विकसित और विकासशील देशों के समूह के साथ मिलकर काम करने की क्षमता ने भारत के कद को बढ़ाया है, परिणामस्वरूप विश्व के तमाम देश भारत द्वारा रखे गए प्रस्तावों का समर्थन करते हैं। भारत अलायंस फॉर मल्टीलैट्रलिज़्म (Alliance for Multilateralism) के साथ मिलकर काम कर सकता है ताकि दोनों बड़े पैमाने पर सुधार के एजेंडे को आकार दे सकें। अलायंस फॉर मल्टीलैट्रलिज़्म फ्रांस और जर्मन विदेश मंत्रियों द्वारा शुरू किया गया ‘अलायंस फॉर मल्टीलैट्रलिज़्म’ अंतर्राष्ट्रीय स्थिरता और शांति के लिये नियमों पर आधारित बहुपक्षीय जनादेश को बढ़ावा देने और आम चुनौतियों को संबोधित करने का एक अनौपचारिक नेटवर्क है। अलायंस का उद्देश्य नियमों पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को स्थिर करने के लिये वैश्विक प्रतिबद्धता को नवीनीकृत कर इसके सिद्धांतों को बनाए रखना है और जहाँ आवश्यक हो, इसे अनुकूलित करना है। इसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों, समझौतों और संस्थानों की सुरक्षा और संरक्षण करना है जो, दबाव या संकट में हैं। यह ऐसे क्षेत्रों जहाँ प्रभावी शासन की कमी होती है और नई चुनौतियों के लिये सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता होती है, में नीतिगत सक्रिय एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास करता है। निष्कर्ष

कठिनाइयों के बावजूद, भारत को बहुपक्षवाद की अवधारणा को मज़बूत करने तथा विश्व के सभी देशों को एक साथ एक मंच पर लाने के लिये प्रयास करना होगा। यह सर्वविदित है कि भारत ने हमेशा मानवता को प्राथमिकता देने वाले सामान्य हितों को संकीर्ण राष्ट्रीय हितों से ऊपर रखा है। इस संदर्भ में, भारत ने महामारी से लड़ने व सार्क के सदस्य देशों को एक साथ लाने के लिये एक संयुक्त प्रतिक्रिया विकसित करने की पहल की है। निश्चित रूप से भारत की यह पहल विश्व के समक्ष बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने में एक बेहतरीन उदाहरण साबित हो सकती है।

कोरोना वायरस के प्रसार ने न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं बल्कि विश्व व्यवस्था के समक्ष चुनौतियों की भिन्न-भिन्न प्रकृति भी उत्पन्न कर दी है। इन चुनौतियों की प्रकृति कुछ इस तरह से है कि इनके समाधान का मार्ग विभिन्न देशों के आपसी सहयोग व समन्वय से ही प्रशस्त होगा। अब तक की परिस्थितियों से एक बात स्पष्ट हो गई है कि इस विकट चुनौती से निपटने की क्षमता व संसाधन किसी एक देश के पास नहीं हैं। हमें इस तथ्य कि ओर गौर करना चाहिये कि जिस प्रकार दार्शनिक या मनोवैज्ञानिक समस्याओं का समाधान दर्शन या मनोविज्ञान के स्तर पर ही हो सकता है ठीक उसी प्रकार वैश्विक स्तर पर उत्पन्न हुई इस समस्या का समाधान भी वैश्विक प्रयासों के माध्यम से ही हो सकता है। सहयोग व समन्वय के यह प्रयास ‘बहुपक्षीय दृष्टिकोण’ (Multilateral Approach) के ही उपकरण हैं। इस बहुपक्षीय दृष्टिकोण की महत्ता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय प्रधानमंत्री ने इस महामारी का मुकाबला करने में ‘सहयोग से सृजन’ के विकल्प को कारगर माना है। इस आलेख में बहुपक्षवाद, उससे संबंधित मुद्दे, बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका जैसे विषयों पर विमर्श किया जाएगा। बहुपक्षवाद से तात्पर्य बहुपक्षवाद तीन या अधिक हितधारकों के समूहों के बीच संबंधों को व्यवस्थित करने की एक प्रक्रिया है। यह अवधारणा न केवल मात्रात्मक सिद्धांतों बल्कि गुणात्मक सिद्धांतों को भी समाहित करती है, जिससे किसी व्यवस्था का प्रारूप तय करने में सहायता प्राप्त होती है। बहुपक्षवाद के दो प्रमुख सिद्धांत हैं- हितधारकों के बीच हितों की अविभाज्यता, विवाद निपटान की एक व्यवहार्य प्रणाली, जो समस्या समाधान में तार्किक दृष्टिकोण का पालन करती है। बहुपक्षवाद के मार्ग में चुनौतियाँ कानून का दुरुपयोग वैश्विक महामारी से पूर्व व इसके दौरान भी कई देशों द्वारा (मौजूदा प्रौद्योगिकी आवश्यकताओं, बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन, और सब्सिडी के माध्यम से) अन्य देशों पर अनुचित लाभ हासिल करने के लिये मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय कानूनों का दुरुपयोग किया गया। जैसे- व्यापार के मुद्दे पर विकसित और विकासशील देशों के मध्य तनाव में विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization-WTO) की उदासीन भूमिका। संयुक्त राज्य अमेरिका के द्वारा लगाए गए क्षेत्रीय प्रतिबंधों (Countering America’s Adversaries Through Sanctions Act-CAATSA) के कारण भारत व चीन जैसे देशों में विकास की गति प्रभावित हुई है। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध ने मौजूदा वैश्विक व्यापार को चुनौती दी है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का दुरुपयोग विकसित देशों में से कुछ देशों के पास वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की अधिकता और नियंत्रण है। जिससे ये देश वाणिज्यिक हितों के साथ रणनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये इस वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का दोहरा लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं। जैसे- बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना के माध्यम से चीन विश्व आर्थिक प्रशासन में अपनी भूमिका को बढ़ा रहा है। इस परियोजना के माध्यम से चीन अपने आर्थिक हितों की पूर्ति के साथ ही अपने रणनीतिक लक्ष्यों को भी साधने का प्रयास कर रहा है। कई शक्तिशाली देश अपनी बेहतर नेटवर्किंग क्षमता का लाभ उठाते हुए अन्य देशों की व्यापक तौर पर गुप्त रूप से निगरानी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक क्रांति 4.0 के दोहरे उपयोग (वाणिज्यिक संव्यवहार और सैन्य अनुप्रयोग) से भी विश्व भयभीत है। वैश्विक फ्रेमवर्क की कमी आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर वैश्विक समुदाय एक मंच पर आकर एक उभयनिष्ठ वैश्विक एजेंडे के निर्माण की दिशा में सक्रिय नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक सामान्य स्वास्थ्य फ्रेमवर्क की कमी के कारण ही COVID-19 जैसी महामारी ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया है। ‘अवर कंट्री फर्स्ट’ की अवधारणा ‘अवर कंट्री फर्स्ट’ के दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर कई लोकप्रिय राष्ट्रवादी आंदोलनों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है और ऐसा लगता है कि वोट बैंक के लालच में विभिन्न देशों की सरकारें वैश्विक सहयोग को कम करके अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को अस्वीकार करना प्रारंभ कर रही हैं।

हेलिकाॅप्टर मनी Helicopter Money हाल ही में COVID-19 के कारण प्रभावित हो रही भारतीय अर्थव्यवस्था को फिर से सुचारु रूप से गति देने के लिये ‘हेलिकाॅप्टर मनी’ (Helicopter Money) जैसी अवधारणा चर्चा के केंद्र बिंदु में है। प्रमुख बिंदु: यह (हेलिकाॅप्टर मनी) एक अपरंपरागत मौद्रिक नीति उपकरण है जिसका उद्देश्य किसी संघर्षरत अर्थव्यवस्था को फिर से गति देना होता है। इसमें बड़ी धनराशि का मुद्रण किया जाता है और फिर इसे जनता में वितरित किया जाता है। जिससे अर्थव्यवस्था में माँग-आपूर्ति के मध्य एक संतुलन कायम होता है परिणामतः अर्थव्यवस्था पुनः पटरी पर आ जाती है। ‘हेलिकाॅप्टर मनी’ की अवधारणा अमेरिकी अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रीडमैन (Milton Friedman) द्वारा दी गई है। यह मूल रूप से ‘एक हेलीकॉप्टर द्वारा आसमान से पैसा गिराने’ को दर्शाता है। मिल्टन फ्रीडमैन ने इस शब्द (हेलिकाप्टर मनी) का इस्तेमाल ‘एक संघर्षरत अर्थव्यवस्था को पुनः ट्रैक पर लाने के लिये अप्रत्याशित रूप से धन की डंपिंग’ करने के लिये किया था। इस तरह की नीति के तहत केंद्रीय बैंक ‘सरकार के माध्यम से धन की आपूर्ति को प्रत्यक्ष रूप से बढ़ाता है और माँग एवं मुद्रास्फीति को बढ़ाने के उद्देश्य से जनसंख्या में नई नकदी वितरित करता है।’

उत्तर पश्चमी घाटों पर स्थानीय फूलों की उत्पत्ति का अध्ययन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान आघारकर अनुसंधान संस्थान (एआरआई), पुणे के वैज्ञानिकों ने उत्तर पश्चिमी घाटों के वनस्पतियों से जुड़े आंकड़े सामने रखे हैं, जिससे संकेत मिलते हैं कि उत्तर पूर्वी घाटों के संरक्षण के लिए वनों के अलावा पठारों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह पठार और खड़ी चट्टानें ही हैं जो ज्यादातर स्थानीय प्रजातियों का आश्रय स्थल हैं, इस प्रकार संरक्षण योजनाओं का महत्व बढ़ रहा है। डॉ. मंदर दातार और डॉ. रितेश कुमार चौधरी की अगुआई वाले एआरआई के दल ने उत्तर पश्चिमी घाटों की गहन जांच के बाद अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में फायटोटैक्सा में एक पत्र प्रकाशित किया है, जिसमें चार मोनोस्पेसिफिक (विशेष) पौधों के साथ ही वनस्पतियों की 181 स्थानीय प्रजातियों की अद्यतन सूची दी गई है। अध्यनन के प्रमुख बिंदु स्थानीय वनस्पतियों में से अधिकांश थेरोफाइट्स हैं, जो मॉनसून के दौरान एक अल्प अवधि में अपना जीवन चक्र पूर्ण कर लेती हैं। भारत के पश्चिमी घाट वनस्पतियों से युक्त दुनिया के प्रमुख जैव विविधता स्थलों में से एक है, जिन्हें पर्वतों की एक श्रृंखला का आश्रय मिला हुआ है। कोंकण के साथ ही इस जैव विविधता स्थल का उत्तरी भाग कम वर्षा और ज्यादा शुष्क मौसम के चलते इसके दक्षिणी और मध्य क्षेत्र से काफी अलग है। उत्तर पश्चिमी घाटों की प्रमुख भौगोलिक विशेषता यहां उपस्थित पठार और चट्टानें हैं, जो वन की तुलना में अधिकतम स्थानीय वनस्पतियां हैं। उत्तर पश्चमिमी घाटों के वनों में ऐसी कई प्रजातियां हैं, जो स्थानीय नहीं हैं। भले ही उत्तर पश्चिमी घाट क्षेत्र का वानस्पतिक लिहाज से व्यापक सर्वेक्षण किया गया है, लेकिन स्थानीय फूलों की खेती के लिए ज्यादा संभावनाएं नहीं तलाशी गई हैं। अध्ययन में सुझाव दिया गया है कि उत्तर पूर्वी घाट सेरोपेजिया, ग्लायफोचोला, दिपकादी और इरिकॉलोन जैसी स्थानीय जड़ी बूटी वाले पौधौं की विशेष प्रजातियों की तेज विविधीकरण वाला क्षेत्र है। “वैश्विक वनस्पतियों के नक्शे पर उत्तर पश्चिमी घाटों को प्रमुखता से आगे बढ़ाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर आईयूसीएन खतरे की स्थिति का आकलन को पूरा किया जाना आवश्यक है।”

Forbes India Billionaires List 2020: प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका फोर्ब्स ने भारत के टॉप अरबपतियों की सूची जारी की है। इस सूची के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के कारण दुनिया भर के बड़े कारोबारियों के साथ ही भारत के प्रमुख कारोबारियों की संपत्ति में भी नुकसान हुआ है। जहां एक तरह उनके उद्योग पहले से ही सुस्त अर्थव्यवस्था से जूझ रहे थे, तो अब लॉकडाउन से मांग में भी अभूतपूर्व गिरावट दर्ज की गई है। इस बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष मुकेश अंबानी इस सूची में टॉप पर बने हुए हैं। वे भारत के सबसे अमीर व्यक्ति के साथ ही एशिया के भी सबसे अमीर व्यक्ति हैं। घट गए भारत में अरबपति भारतीय अरबपतियों की कुल संख्या पिछले साल के 106 के मुकाबले घटकर 102 रह गई है। साथ ही इनकी सामुहिक संपत्ति 23 फीसद घटकर 313 अरब डॉलर रह गई है। सामूहिक संपत्ति में इस गिरावट के करीब पांचवें हिस्से के लिये टेक टायकून अजीम प्रेमजी की उदारता को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिन्होंने अपने हिस्से की एक बड़ी राशि विप्रो में दान कर दी। वहीं, रिटेलिंग टायकून और डी-मार्ट सुपरमार्केट चेन के मालिक राधाकिशन दामनी संपत्ती में गिरावट के इस दौर से अछूते रहे हैं। उनकी संपत्ती बढ़कर 13.8 बिलियन डॉलर हो गई है। संपत्ती में इस उछाल से वे भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। मुकेश अंबानी की संपत्ति में 13.2 अरब डॉलर की गिरावट तेल और गैस कारोबार से लेकर टेलिकॉम सेक्टर तक में अपना प्रभुत्व जमा चुके RIL के अध्यक्ष मुकेश अंबानी 36.8 अरब डॉलर की संपत्ती के साथ देश के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। हालांकि, उनकी संपत्ति में एक साल पहले की तुलना में 13.2 अरब डॉलर की गिरावट आई है। अंबानी ने आरआईएल को मार्च 2021 तक कर्जमुक्त करने का वादा किया था। हालांकि, कंपनी दिसंबर 2020 तक ही कर्जमुक्त होती दिख रही है। रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म में हाल ही में फेसबुक और सिल्वर लेक ने निवेश किया है। वहीं, कंपनी के रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स व्यवसाय में सऊदी अरामको के साथ भी सौदा प्रस्तावित है। बायजू सबसे कम उम्र के अरबपति वहीं, देश के अरबपतियों में कुछ नए चेहरे भी सामने आए हैं। इनमें सब कम उम्र के 39 वर्षीय बायजू रविंद्रन भी हैं। ये ऑनलाइन एजुकेशन ऐप बायजू का संचालन करते हैं। बाजयू के जनवरी में हुए अंतिम फंडिंग राउंड में कंपनी की वैल्यू 8 अरब डॉलर थी। कंपनी के निवेशकों में मार्क जुकरबर्ग और चीन की टेनसेंट भी शामिल है। बायजू एप के अब तक 4.20 करोड़ डाउनलोड हो चुके हैं। फोर्ब्स ने रविंद्रन की संपत्ति 1.8 अरब डॉलर बताई है। सूची में ये नाम भी हैं शामिल फोर्ब्स की लिस्ट के अनुसार, देश के टॉप-10 अरबपतियों में तीसरे नंबर पर हैं, शिव नडार। उनकी कुल संपत्ति 11.9 अरब डॉलर की है। उनका सॉफ्टवेयर सर्विस का कारोबार है। चौथे नंबर पर हैं, उदय कोटक। कोटक की संपत्ति 10.4 अरब डॉलर की है। उनका बैंकिंग का कारोबार है। सूची में पांचवें नंबर पर गौतम अडानी हैं। उनकी कुल संपत्ति 8.9 अरब डॉलर है। उनका कमोडिटी और पोर्ट्स का कारोबार है। सूची में छठे नंबर पर सुनील मित्तल हैं। उका टेलिकॉम का कारोबार है और कुल संपत्ति 8.8 अरब डॉलर है। सूची में सातवें नंबर पर हैं, सायरस पूनावाला। उनका वैक्सीन का कारोबार है और कुल संपत्ति 8.2 अरब डॉलर की है। फोर्ब्स की सूची में आठवें नंबर पर कुमार बिरला का नाम है। उनका कमोडिटी का व्यवसाय है और कुल संपत्ति 7.6 अरब डॉलर की है। नौवें नंबर पर लक्ष्मी मित्तल का नाम है। उनका स्टील का कारोबार है और कुल संपत्ति 7.4 अरब डॉलर है। फोर्ब्स की सूची में दसवां नाम अजीम प्रेमजी का है। उनका सॉफ्टवेयर सर्विस का कारोबार है और कुल संपत्ति 6.1 अरब डॉलर की है।

गिलगित बाल्टिस्तान में चुनाव कराने का फैसला गैरकानूनी असंवैधानिक : कार्यकर्ता चर्चा में क्यों? गिलगित बाल्टिस्तान और गुलाम कश्मीर (पीओके) के राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने और वहां अंतरिम सरकार बनाने के फैसले को अवैध और असंवैधानिक करार दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित बाल्टिस्तान स्टडीज के अध्यक्ष स्गेन एच सेरिंग ने एएनआई को बताया, "पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने गिलगित बाल्टिस्तान के कब्जे के संदर्भ में एक अवैध फैसला किया है क्योंकि यह संवैधानिक हिस्सा नहीं है। पाकिस्तान एक कब्जाधारी है और उसे मीरपुर, मुजफ्फराबाद, गिलगित और बाल्टिस्तान से हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने 1947 में पाकिस्तान से गिलगित में स्थानीय प्राधिकरण स्थापित करने के लिए कहा था। संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान से कहा कि वह कब्जे वाले क्षेत्र में भौतिक परिवर्तन से बचना चाहिए। गिलगित बाल्टिस्तान में पाकिस्तान की सैनिकों की उपस्थिति सामग्री परिवर्तन का गठन करती है। राजनीतिक भविष्य पर कोई जनमत संग्रह गिलगित बाल्टिस्तान तब तक वैध हो सकता है जब तक सभी पाकिस्तानी नागरिक नहीं छोड़ते। पृष्ठभूमि 30 अप्रैल को प्रधान न्यायाधीश गुलज़ार अहमद की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की सात-सदस्यीय बड़ी पीठ ने गिलगिट बाल्टिस्तान ऑर्डर 2018 में आम चुनाव कराने के लिए प्रधान मंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली संघीय सरकार की याचिका को स्वीकार करने की अनुमति दी।गिलगित बाल्टिस्तान सरकार वर्तमान में पीएमएल (एन) के मुख्यमंत्री हाफिज हफीजुर रहमान के नेतृत्व में है।