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UPSC PIB NEWS Hindi

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27 Oct  2026 PIB Updates   English @upsc_pib_news       Hindi @pib4upschindi #pdf  #UPSC  #GS  #CA #pib #notes ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ Share & Support Us https://whatsapp.com/channel/0029VaGeBAB3wtbAVn6GBJ3F

​🔆 सार्वजनिक स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और क्षमता निर्माण ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ✅ कार्यक्रम: नशीली दवाओं के व्यसन से मुक्ति सेवाओं के लिए क्षमता निर्माण प्रशिक्षण ✅ स्थान: नई दिल्ली ✅ उद्देश्य: 10,000 स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित करना और नशीली दवाओं के दुरुपयोग के लिए साक्ष्य-आधारित उपचार को मानकीकृत करना। ✅ संक्षिप्त विवरण: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा पेशेवरों के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया, जिसका उद्देश्य नशीली दवाओं के उपयोग से संबंधित विकारों का व्यवस्थित रूप से इलाज करना है, जो नशा मुक्त भारत 2029 के लक्ष्य के अनुरूप है। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 नशा मुक्त भारत 2029: मंत्रालय ने एक गहन क्षमता-निर्माण कार्यक्रम शुरू किया जिसका उद्देश्य 2028-29 तक 10,000 स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करना है। यह सीधे तौर पर नशीले पदार्थों के नियंत्रण पर विजन डॉक्यूमेंट: 2026-2029 में निर्धारित चिकित्सा आवश्यकताओं को लागू करता है। 🔹 समन्वय अवसंरचना: यह कार्यक्रम छह केंद्रीय सरकारी संस्थानों के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा, जो ड्रग डी-एडिक्शन प्रोग्राम (DDAP) के तहत हैं, जिसमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (NDDTC) सर्वोच्च समन्वय निकाय के रूप में कार्य करेगा। 🔹 मिश्रित पाठ्यक्रम: NDDTC के NAAT प्लेटफॉर्म और NIMHANS के एडिक्शन Rx एप्लिकेशन का उपयोग करते हुए, यह पाठ्यक्रम शराब, भांग और ओपिओइड के व्यसन को प्रबंधित करने के लिए विशेष, साक्ष्य-आधारित मॉड्यूल प्रदान करता है, जो विशेष रूप से महिलाओं और किशोरों में मौजूद कमजोरियों को संबोधित करता है। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ नशीली दवाओं के दुरुपयोग को खत्म करने के लिए, केवल दंडात्मक कानून प्रवर्तन से हटकर नैदानिक पुनर्वास की ओर बढ़ना आवश्यक है। ✅ 10,000 स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं (DDAP) के माध्यम से साक्ष्य-आधारित व्यसन मुक्ति प्रोटोकॉल को मानकीकृत करके, राज्य उस महत्वपूर्ण मानव पूंजी का निर्माण करता है जो व्यसन को एक व्यवस्थित सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के रूप में संबोधित करने के लिए आवश्यक है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु 🔹 लक्ष्य: 2029 तक नशा मुक्त भारत। 🔹 समन्वय संस्थान: NDDTC, AIIMS (ड्रग डी-एडिक्शन प्रोग्राम - DDAP के तहत)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #Health #SocialJustice #Governance #MoHFW #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 ऊर्जा सुरक्षा, गहन तकनीकी नवाचार और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ✅ पहल: 29वीं ऊर्जा प्रौद्योगिकी बैठक (ईटीएम 2026) / राष्ट्रीय हाइड्रोकार्बन प्रौद्योगिकी केंद्र ✅ स्थान: ओएनजीसी उन्नत प्रशिक्षण संस्थान, गोवा ✅ उद्देश्य: स्वदेशी ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण को गति देना और घरेलू ऊर्जा ग्रिड को वैश्विक आपूर्ति में होने वाले झटकों से बचाना। ✅ संक्षिप्त विवरण: पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईटीएम 2026 का उद्घाटन किया और घरेलू ऊर्जा अनुसंधान एवं विकास को एकीकृत करने के लिए राष्ट्रीय हाइड्रोकार्बन प्रौद्योगिकी केंद्र (एनएचटीएच) की स्थापना की घोषणा की। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 ईटीएम 2026: सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी (सीएचटी) और एचपीसीएल द्वारा आयोजित, जिसका विषय था: “ऊर्जा नवाचार को गति देना: अनुसंधान से व्यावसायीकरण तक।” इस कार्यक्रम में 2,500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने हरित हाइड्रोजन, टिकाऊ विमानन ईंधन और कच्चे तेल से रसायन के विषयों पर ध्यान केंद्रित किया। 🔹 राष्ट्रीय हाइड्रोकार्बन प्रौद्योगिकी केंद्र (एनएचटीएच): सरकार ने आधिकारिक तौर पर एनएचटीएच के निर्माण की घोषणा की। यह सर्वोच्च निकाय मौजूदा सीएचटी को समाहित करेगा, ताकि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को केंद्रीकृत करके अनुसंधान एवं विकास में दोहराव को समाप्त किया जा सके, जिसका लक्ष्य "एक दृष्टिकोण, एक पारिस्थितिकी तंत्र" होगा। 🔹 रणनीतिक निवेश: दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने भारी मात्रा में निवेश की घोषणा की: 23,731 करोड़ रुपये गोबरधन योजना के लिए (संपीड़ित बायोगैस और चक्रीय जैव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए) और 84,084 करोड़ रुपये समुद्र मंथन (अति-गहरे पानी में ड्रिलिंग के लिए राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना) के लिए। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था अस्थिर भू-राजनीतिक परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील नहीं रह सकती। ✅ स्वदेशी ऊर्जा अनुसंधान एवं विकास को केंद्रीकृत करके (एनएचटीएच) और वैकल्पिक जैव ईंधन और गहरे पानी के अन्वेषण को भारी सब्सिडी देकर (गोबरधन और समुद्र मंथन), सरकार एक विविध और आत्मनिर्भर राष्ट्रीय ऊर्जा ग्रिड का निर्माण करती है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 संस्था: राष्ट्रीय हाइड्रोकार्बन प्रौद्योगिकी केंद्र (एनएचटीएच - सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी का स्थान)। 🔹 योजनाएं: समुद्र मंथन (राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना); गोबरधन (चक्रीय जैव ऊर्जा)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS3 #EnergySecurity #Economy #ScienceAndTech #Innovation #MoPNG #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 वैश्विक शासन, बहुपक्षीय कूटनीति और आतंकवाद-रोधी उपाय ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: लोकसभा सचिवालय ✅ कार्यक्रम: 12वीं ब्रिक्स संसदीय मंच का समापन ✅ स्थान: नई दिल्ली ✅ उद्देश्य: अंतर्राष्ट्रीय शासन संरचनाओं में वैश्विक दक्षिण की रणनीतिक प्राथमिकताओं को स्थापित करना। ✅ संक्षिप्त विवरण: 12वीं ब्रिक्स संसदीय मंच का समापन नई दिल्ली में हुआ, जिसमें एक संयुक्त घोषणा जारी की गई जिसमें तत्काल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार और सीमा पार आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता की मांग की गई। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 संयुक्त घोषणा को अपनाया गया: 12वीं ब्रिक्स संसदीय मंच का समापन एक संयुक्त घोषणा को अपनाकर हुआ, जिसमें नई दिल्ली की मुख्य रणनीतिक प्राथमिकताओं को शामिल किया गया। इसने स्पष्ट रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार की तत्काल आवश्यकता का समर्थन किया, ताकि वैश्विक दक्षिण का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। 🔹 आतंकवाद पर रुख: भारत के सुरक्षा एजेंडे के तहत, घोषणा में सीमा पार आतंकवाद, आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित आश्रय प्रदान करने की कड़ी निंदा की गई, और वैश्विक आतंकवाद-रोधी प्रयासों में "दोहरे मापदंडों" को पूरी तरह से समाप्त करने की मांग की गई। 🔹 प्रौद्योगिकी और शासन: मंच ने संसदीय कार्यों को अनुकूलित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जिम्मेदार और नैतिक शासन की वकालत की, साथ ही जलवायु कार्रवाई में "साझा लेकिन विभेदित जिम्मेदारियों" (सीबीडीआर-आरसी) के सिद्धांत का पालन किया। 🔹 अध्यक्षता का हस्तांतरण: लोकसभा अध्यक्ष ने औपचारिक रूप से 2027 के लिए ब्रिक्स संसदीय मंच की अध्यक्षता चीन को सौंपी। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ बहुपक्षीय मंच कथा नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। ✅ भारत ने अपने मुख्य राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं (आतंकवादी सुरक्षित आश्रयों के प्रति शून्य सहनशीलता) और विकास योजनाओं (यूएनएससी सुधार और न्यायसंगत एआई) को अंतिम ब्रिक्स संयुक्त घोषणा में शामिल करके, अपनी अध्यक्षता का सफलतापूर्वक उपयोग वैश्विक दक्षिण की समेकित भू-राजनीतिक इच्छाशक्ति को प्रदर्शित करने के लिए किया। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा पर ध्यान दें 🔹 कार्यक्रम: 12वीं ब्रिक्स संसदीय मंच (नई दिल्ली में संपन्न)। 🔹 अगला अध्यक्ष (2027): चीन। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #InternationalRelations #BRICS #GlobalSouth #InternalSecurity #Parliament #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक कूटनीति ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: संस्कृति मंत्रालय ✅ पहल: फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय (Bibliothèque nationale de France - BnF) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) ✅ स्थान: पेरिस, फ्रांस ✅ उद्देश्य: भारत की प्राचीन पांडुलिपियों की विरासत को डिजिटल रूप में संरक्षित करना और विश्व स्तर पर प्रसारित करना। ✅ संक्षिप्त विवरण: संस्कृति मंत्रालय ने "ज्ञान भारतम मिशन" के तहत फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य भारतीय मूल की पांडुलिपियों को संरक्षित और डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना है। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन: पेरिस में हस्ताक्षरित इस समझौते में संस्कृति मंत्रालय (भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार और राष्ट्रीय पुस्तकालय के माध्यम से) और फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय (BnF) के बीच सहयोग का एक ढांचा स्थापित किया गया है। 🔹 ज्ञान भारतम मिशन: यह साझेदारी भारत के प्रमुख "ज्ञान भारतम मिशन" के तहत की जा रही है, जो भारतीय ज्ञान प्रणालियों के दस्तावेजीकरण, अनुवाद और संरचित डिजिटल अभिलेखागार के लिए समर्पित है। 🔹 तकनीकी आदान-प्रदान: यह सहयोग मुख्य रूप से पांच क्षेत्रों पर केंद्रित है: डिजिटलीकरण, राष्ट्रीय डिजिटल भंडार पर क्रॉस-शेयरिंग, तकनीकी आदान-प्रदान (भारतीय लिपियों के लिए विशेष रूप से OCR/HTR उपकरण सहित), संरक्षण और अनुसंधान एवं विकास। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ सभ्यतागत सॉफ्ट पावर स्वदेशी ज्ञान के संरक्षण और वैश्विक पहुंच पर निर्भर करती है। ✅ "ज्ञान भारतम मिशन" के तहत, भारत यूरोपीय संस्थानों (BnF) के साथ साझेदारी करके, अपनी बिखरी हुई प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने और उन तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त करता है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 पहल: ज्ञान भारतम मिशन (पांडुलिपि विरासत के लिए प्रमुख पहल)। 🔹 द्विपक्षीय भागीदार: फ्रांस का राष्ट्रीय पुस्तकालय (BnF)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS1 #GS2 #ArtAndCulture #Heritage #InternationalRelations #MoC #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

🔆 रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण और समुद्री सुरक्षा ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय ✅ परियोजना: एनजीओपीवी 'श्रीष्टि' का शुभारंभ ✅ स्थान: गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल), गोवा ✅ उद्देश्य: स्वदेशी जहाज निर्माण के माध्यम से बहु-क्षेत्रीय समुद्री निगरानी और आपदा राहत क्षमताओं को बढ़ाना। ✅ संक्षिप्त विवरण: भारतीय नौसेना ने गोवा शिपयार्ड में अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (एनजीओपीवी) 'श्रीष्टि' का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य तटीय सुरक्षा और समुद्री डकैती विरोधी अभियानों को मजबूत करना है। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 एनजीओपीवी श्रीष्टि: यार्ड 1283, जिसका आधिकारिक नाम श्रीष्टि (संस्कृत में 'सृजन') है, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित एक अगली पीढ़ी का अपतटीय गश्ती पोत है। 🔹 परिचालन उद्देश्य: यह पोत विशेष रूप से बहु-क्षेत्रीय अभियानों को अंजाम देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें समुद्री निगरानी, अपतटीय संपत्तियों की सुरक्षा, समुद्री डकैती विरोधी अभियान और मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) शामिल हैं। 🔹 समानांतर निर्माण: एनजीओपीवी बेड़े का निर्माण दो घरेलू शिपयार्ड (गोवा में जीएसएल और कोलकाता में जीआरएसई) में एक साथ किया जा रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ गहरे समुद्र में प्रभावी रक्षा के लिए गहरे समुद्र में लड़ने वाले जहाजों और बहुमुखी तटीय गश्ती बेड़े दोनों की आवश्यकता होती है। ✅ एनजीओपीवी (जैसे श्रीष्टि) के उत्पादन को तेजी से स्वदेशी बनाकर, भारतीय नौसेना अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करती है, बिना रणनीतिक रक्षा अभियानों से उच्च-मूल्य वाले स्टील्थ फ्रिगेट को विचलित किए। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 पोत: एनजीओपीवी श्रीष्टि (यार्ड 1283)। 🔹 शिपयार्ड: गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) और जीआरएसई, कोलकाता में एक साथ निर्माणाधीन। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS3 #Defence #MakeInIndia #IndianNavy #MaritimeSecurity #MoD #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

✨ Today's Hindi 27 Oct 2026 PIB Current Affairs News https://t.me/PIB4UPSCHindi/802 ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ Get Updates on WhatsApp :- Click Here Join Our Discussion  :- Click here 🌟 For UPSC Beginners :- Click here
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Thoda late h folks... News @ 11:30

https://t.me/UPSC_PIB_NEWS/24673 Ramsar Sites in English

Hindi medium .... Batana file info kesi lgi... ... continue krte h fir 😊

🌟 All about Ramsar Sites in india   #Wetland  #Scheme #Data #Ramsar #Conservation #Eco ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ Join @pib4upscHindi Also join @upsc_pib_news

26 Oct  2026 PIB Updates   English @upsc_pib_news       Hindi @pib4upschindi #pdf  #UPSC  #GS  #CA #pib #notes ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ Share & Support Us https://whatsapp.com/channel/0029VaGeBAB3wtbAVn6GBJ3F

​🔆 रक्षा कूटनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय ✅ कार्यक्रम: 13वीं एडीएमएम-प्लस ✅ स्थान: सेबू, फिलीपींस ✅ उद्देश्य: दक्षिण पूर्व एशिया में समुद्री प्रतिरोध को मजबूत करना और रणनीतिक रक्षा सहयोग को गहरा करना। ✅ संक्षिप्त विवरण: रक्षा मंत्री भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फिलीपींस में आयोजित 13वीं एडीएमएम-प्लस में करेंगे, ताकि क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचों पर चर्चा की जा सके। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 13वीं एडीएमएम-प्लस: रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, सेबू, फिलीपींस में आयोजित 13वें एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस डिफेंस मिनिस्टर्स मीटिंग-प्लस (एडीएमएम-प्लस) में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। 🔹 रणनीतिक जनादेश: भारत इस मंच पर "क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान" पर जोर देते हुए, आतंकवाद विरोधी और समुद्री स्थिरता पर बल देते हुए, दृढ़ता से अपनी बात रखेगा। अपनी नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करते हुए, भारत वर्तमान में 2024-2027 के चक्र के लिए मलेशिया के साथ आतंकवाद विरोधी पर विशेषज्ञों के कार्य समूह का सह-अध्यक्ष है। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ इंडो-पैसिफिक भू-राजनीतिक केंद्र है। ✅ आसियान (एडीएमएम-प्लस) में उच्चतम रक्षा परामर्श तंत्र में सक्रिय रूप से भाग लेकर, भारत अपनी "एक्ट ईस्ट पॉलिसी" को लागू करता है, यह सुनिश्चित करता है कि यह क्षेत्र में एक अनिवार्य सुरक्षा प्रदाता और एकतरफा आक्रामकता के खिलाफ एक संतुलन बना रहे। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 मंच: एडीएमएम-प्लस (आसियान + 8 संवाद भागीदार, जिनमें भारत, अमेरिका, चीन, रूस शामिल हैं)। 🔹 अध्यक्ष 2026: फिलीपींस (सेबू में 13वीं बैठक की मेजबानी)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #GS3 #Defence #InternationalRelations #ActEast #ASEAN #MoD #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष का व्यवसायीकरण और डीप-टेक ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ✅ पहल: हरित प्रणोदन के लिए अनुसंधान एवं विकास (आरडीआई) निधि / ईएसटीआईसी 2026 का प्रारंभिक कार्यक्रम ✅ स्थान: नई दिल्ली ✅ उद्देश्य: स्वदेशी अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी नवाचारों को निधि प्रदान करना और जैविक खोजों के कार्यान्वयन को गति देना। ✅ संक्षिप्त विवरण: सरकार ने हरित उपग्रह प्रणोदन के लिए मनास्तु स्पेस में 116 करोड़ रुपये का निवेश किया और आगामी ईएसटीआईसी 2026 के लिए सिस्टम और सिंथेटिक बायोलॉजी पर प्रकाश डाला। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 हरित अंतरिक्ष प्रणोदन: प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी-डीएसटी) ने मनास्तु स्पेस टेक्नोलॉजीज को अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) निधि के रूप में 116 करोड़ रुपये की एक बड़ी राशि प्रदान करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना का उद्देश्य उपग्रहों और प्रक्षेपण वाहनों के लिए एक स्वदेशी, हाइड्रोजन पेरोक्साइड-आधारित हरित प्रणोदन प्रणाली विकसित करना है, जिससे प्रौद्योगिकी को टीआरएल-6 से टीआरएल-9 तक बढ़ाया जा सके। 🔹 ESTIC 2026 का प्रारंभिक कार्यक्रम: आईसीजीईबी नई दिल्ली ने उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC 2026) के लिए एक प्रारंभिक कार्यक्रम का आयोजन किया। जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने सिस्टम और सिंथेटिक बायोलॉजी की परिवर्तनकारी क्षमता और हाल ही में अनुमोदित बायोई3 नीति पर जोर दिया, जो भारत के जैव-विनिर्माण क्रांति को चलाने के लिए महत्वपूर्ण कारक हैं। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ 21वीं सदी में रणनीतिक स्वायत्तता के लिए जैविक और अंतरिक्ष दोनों क्षेत्रों में अग्रणी होना आवश्यक है। ✅ जहरीले उपग्रह प्रणोदकों को बदलने के लिए डीप-टेक निजी स्टार्टअप्स (मनास्तु स्पेस) को सक्रिय रूप से निधि प्रदान करके और सिंथेटिक बायोलॉजी के आसपास एक राष्ट्रीय सम्मेलन (ESTIC 2026) का आयोजन करके, भारत खुद को वैश्विक उच्च-तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला के शीर्ष पर स्थापित कर रहा है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 प्रौद्योगिकी: हाइड्रोजन पेरोक्साइड-आधारित हरित प्रणोदक (टीडीबी-डीएसटी आरडीआई निधि)। 🔹 कार्यक्रम: ईएसटीआईसी 2026 (सिस्टम और सिंथेटिक बायोलॉजी पर ध्यान केंद्रित; सीएसआईआर/पीएसए द्वारा आयोजित)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS3 #ScienceAndTech #Space #Biotechnology #MakeInIndia #MoST #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 बुनियादी ढांचा, सांख्यिकी और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ✅ परियोजना: केंद्रीय बुनियादी ढांचा त्वरित रिपोर्ट / ASUSE 2027-28 का पुनर्गठन ✅ स्थान: पूरे भारत में ✅ उद्देश्य: मेगा-परियोजनाओं पर पूंजीगत व्यय की बारीकी से निगरानी करना और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था पर विस्तृत अनुभवजन्य डेटा उत्पन्न करना। ✅ संक्षिप्त विवरण: MoSPI ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 37.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निगरानी की और वित्तीय वर्ष के साथ सहजता से तालमेल बिठाने के लिए ASUSE सर्वेक्षण को पुनर्गठित किया। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 बड़ा बुनियादी ढांचा निवेश: केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर मासिक त्वरित रिपोर्ट में कुल मिलाकर 1,853 परियोजनाओं को शामिल किया गया है, जिनका मूल्य 37.56 लाख करोड़ रुपये है। वर्तमान में, 17.73 लाख करोड़ रुपये (लगभग 47%) खर्च किए जा चुके हैं, जिसमें परिवहन और लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा क्षेत्र पूंजीगत निवेश में वृद्धि को बढ़ावा दे रहे हैं, जो सभी निगरानी की जा रही परियोजनाओं का 83.4% हिस्सा हैं। 🔹 ASUSE 2027-28 का पुनर्गठन: अनौपचारिक क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) अब सख्ती से वित्तीय वर्ष (अप्रैल 2027-मार्च 2028) के साथ संरेखित होगा। सर्वेक्षण को महत्वपूर्ण रूप से अपडेट किया गया है ताकि बिजली ऊर्जा उपयोग के पैटर्न, दीर्घकालिक स्थिर परिसंपत्ति निवेश और हस्तशिल्प और हस्तकला एमएसएमई के लिए विशिष्ट पहचानकर्ताओं पर विस्तृत डेटा एकत्र किया जा सके। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ डेटा शासन का मूल आधार है। ✅ विशाल पूंजीगत व्यय योजनाओं की वास्तविक समय पर निगरानी (त्वरित रिपोर्ट) बनाए रखने और साथ ही अनौपचारिक क्षेत्र की अनदेखी वास्तविकताओं को उजागर करने के लिए सर्वेक्षणों को पुनर्गठित करने (ASUSE) से, राज्य यह सुनिश्चित करता है कि उसकी वित्तीय नीतियां उच्च-रिज़ॉल्यूशन, अनुभवजन्य वास्तविकता पर आधारित हों। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा पर ध्यान दें 🔹 रिपोर्ट: केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर मासिक त्वरित रिपोर्ट (MoSPI)। 🔹 सर्वेक्षण: ASUSE 2027-28 (अब अप्रैल-मार्च के वित्तीय वर्ष के साथ संरेखित; यह अनौपचारिक क्षेत्र को कवर करता है)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS3 #Economy #Infrastructure #DataGovernance #MSME #MoSPI #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 विरासत, एकीकरण और राष्ट्रीय प्रसारण ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ✅ कार्यक्रम: सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान ✅ स्थान: नई दिल्ली (आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारण) ✅ उद्देश्य: भारत के राजनीतिक एकीकरण के वास्तुकार को श्रद्धांजलि देना। ✅ संक्षिप्त विवरण: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, 31 अक्टूबर को पूरे देश में प्रसारित होने वाले प्रतिष्ठित सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान देंगे। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान: प्रसार भारती द्वारा हर साल आयोजित किया जाता है। इस वर्ष का प्रतिष्ठित व्याख्यान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान देंगे। यह आधिकारिक तौर पर 31 अक्टूबर को आकाशवाणी नेटवर्क पर प्रसारित किया जाएगा, जो सरदार पटेल की जन्मतिथि (राष्ट्रीय एकता दिवस) है। 🔹 विरासत: इस श्रृंखला का पहला व्याख्यान सी. राजगोपालाचारी ने दिया था, जो इसे एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में दर्शाता है, जहाँ प्रमुख नेता और विचारक एक एकीकृत भारत के दृष्टिकोण को व्यक्त करते हैं। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 कार्यक्रम: सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान (31 अक्टूबर को आकाशवाणी द्वारा प्रसारित / राष्ट्रीय एकता दिवस)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS1 #ArtAndCulture #Heritage #NationalUnity #MoIB #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

✨ Today's Hindi 26 Oct 2026 PIB Current Affairs News https://t.me/PIB4UPSCHindi/791 ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ Get Updates on WhatsApp :- Click Here Join Our Discussion  :- Click here 🌟 For UPSC Beginners :- Click here
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